रिपोर्टर,,,अजय चन्द्रे खंडवा,,, विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति ,,दुर्गा वाहिनी ,,द्वारा ग्राम सिंगोट में चुनरी यात्रा का आयोजन किया गया ,,जिसमें चुनरी यात्रा रेणुका माता मंदिर से आरंभ होकर,बस स्टैंड, सिंगाजी चौक, मोपारी मोहल्ला,जाधव मोहल्ला,राम मंदिर,होते हुए माता चौक माता मंदिर पंडाल पर चुनरी यात्रा समापन के साथ शस्त्र पूजन का कार्यक्रम किया गया,,जिसमें मातृशक्ति जिला संयोजिका श्रीमती मनीषा दीदी पाटिल द्वारा बताया गया ,,कि दुर्गा अष्टमी के दिन दुर्गावाहिनी की स्थापना की गई ,जिस प्रकार मां जगदंबा द्वारा राक्षसों का विनाश करते हुए ,धर्म की स्थापना की गई। ठीक उसी प्रकार जिस ग्राम जिस मोहल्ले में मातृशक्ति ,,दुर्गा वाहिनी की बहने कार्य करती है, वहां पर कोई भी विधर्मी हमारे धर्म को आहत नहीं कर सकता, मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का कार्य संपूर्ण भारत में फैला हुआ है, और हमारा सौभाग्य है, कि हम इतने बड़े संगठन से जुड़कर देव भक्ति के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति , समाजसेवा और धर्म की रक्षा भी कर रहे हैं। संगठन से जुड़कर हमें राष्ट्र सेवा, सामाजिक,धार्मिक , कार्य करने का अवसर प्राप्त होता है। हमारे वेद पुराण भी हमें यही सिखाया गया है, कि धर्म की रक्षा के लिए शास्त्र का होना भी अति आवश्यक है, हमारे देवी देवताओं द्वारा भी धर्म की रक्षा के लिए शास्त्र उठाए एवं दुष्ट दुराचारी राक्षसों का वध कर धर्म की को स्थापित किया। मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर लगाकर शस्त्र चलाने का अभ्यास भी कराया जाता है, जिसमें हमें माता बहनों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। बच्चों की पहली गुरु मां होती है, मां ही बच्चों का निर्माण कर उन्हें शिवाजी महाराज ,,महाराणा प्रताप,भगत सिंह जैसे महान योद्धा और धर्म रक्षक का निर्माण करती है, इसलिए माता की भूमिका अति महत्वपूर्ण है,हमें अपने बच्चों को संस्कारवान बनाना चाहिए। अगर इतिहास की बात कहे तो, हमारे भारत देश में सैकड़ों वीरांगनाएं हुई,जिनका नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षर में अंकित है, जैसे महारानी लक्ष्मीबाई, अहिल्यादेवी होलकर ,,रानी दुर्गावती जैसे अन्य सैकड़ों उदाहरण है, जो हमें समाज जागरण एवं धर्म की रक्षा की प्रेरणा देती है। पुर्व काल में भी देवी देवताओं द्वारा आसुरी शक्तियों का विनाश कर धर्म की रक्षा की। संगठन से जुड़कर मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी की बहने सशक्त,, संबल , बने इसकी चिंता भी संगठन करता है ।। वर्तमान समय में बहुत सी चुनौतियां हमारे सामने हैं ,इसका सामना करने के लिए, हमें संगठन से जुड़कर आत्मनिर्भर ,और सक्षम बनाने का अवसर मिलता हैं। हमें भी राष्ट्रहित में अपने योगदान के लिए, शस्त्र चलाने का अभ्यास करना चाहिए, एवं समय आने पर शास्त्र उठाकर धर्म की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी, की यही पहचान सेवा सुरक्षा और संस्कार
कार्यक्रम में जिला मंत्री अजय चन्द्रे,जिला धर्मप्रसार प्रमुख पूनम बोरकर, प्रखंड अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, प्रखंड मंत्री राम खेड़े,प्रखंड संयोजक आकाश यादव, मातृशक्ति से श्री मति सुभद्रा तिरोले,, रीता चन्द्रे, सावित्री यादव,,प्रमिला सैनी,सोनल चौधरी,, ज्योति वर्मा,पिंकी राजपुत , चित्रा आर्या,कमला पटेल, रत्ना चन्द्रे,मीना तिवारी, रानू पटेल,,आदि मातृशक्ति मौजूद रही।।।