: अनोखे तरीकिये से किया विश्व जल दिवस पर नवाचार
Barkat Qureshi / Sun, Mar 23, 2025 / Post views : 268
अनोखे तरीकिये से किया विश्व जल दिवस पर नवाचार
विश्व जल संरक्षण दिवस पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद वि ख हरदा के चयनीत आदर्श ग्राम भमोरी खेड़ीनीमा ओशोपुरम में अनोखे तरीके स कार्यक्रम हुआ । ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से जल संकट, जल के महत्व को बातने हेतु, अनोखे नवाचार किये। तालाब की पूजन, रेली, ग्रामीणों को जल के महत्व हेतु संगोष्टी, कलश रेली निकाल कर तालाब से जल भर कर रोपण किये पौधों पर चढ़या कर जागरूकता का अनोखा संदेश दिया। दुनिया जहां 70 फीसदी जल से घिरी है वहीं, पीने योग्य ताजा पानी महज तीन फीसदी ही है। वहीं जनसंख्या वृद्धि, बढ़ता शहरीकरण और विकास के लिए तेजी से बढ़ रही फैक्ट्रियों के कारण जल के स्त्रोत प्रभावित हो रहे हैं। व्यक्तिगत तौर पर भी लोग पानी की बर्बादी कर रहे हैं। इससे स्वच्छ जल की मांग बढ़ रही है और पूर्ति बाधित हो रही है।
जल प्रदूषण रोकने, जल के महत्व को समझाने और जल संरक्षण के उद्देश्य से हर साल वैश्विक स्तर पर जल दिवस मनाया जाता है। इस दौरान पानी को बर्बाद होने से बचाकर कई समस्याओं का समाधान तलाशा जाता है। परिवारों को भी जल को पानी बचाने को लेकर जागरूक होने की जरूरत है। जल संरक्षण की शुरुआत घर से करें। उन्हें पानी की जरूरत के बारे में बताते हुए बचाने के तरीकों को समझाएं। आस पड़ोस के लोगों, दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को भी जल संरक्षण का महत्व और तरीका बताएं। इस कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय शिक्षक अश्वनी कुमार, ग्रामीण कृष्णा बाई, पूणा बाई, सुनवाई विश्वकर्मा , राधा बाई, कुमारी माही, दीक्षा हीरा बाई, अहिल्याबाई , ललिता भाई कविता बाई, संगीता, मधु बाई एवं कार्यक्रम मेशविशेष रूप से उपस्थित रहे जन अभियान परिषद के ब्लॉक समंवयक राकेश वर्मा एवं परामर्शदाता सुरेंद्र सिंह चौहान एवं नवाकुर प्रभारी राधेश्याम विश्वकर्मा और सदस्य उपस्थित रहे ।
विश्व जल संरक्षण दिवस पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद वि ख हरदा के चयनीत आदर्श ग्राम भमोरी खेड़ीनीमा ओशोपुरम में अनोखे तरीके स कार्यक्रम हुआ । ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से जल संकट, जल के महत्व को बातने हेतु, अनोखे नवाचार किये। तालाब की पूजन, रेली, ग्रामीणों को जल के महत्व हेतु संगोष्टी, कलश रेली निकाल कर तालाब से जल भर कर रोपण किये पौधों पर चढ़या कर जागरूकता का अनोखा संदेश दिया। दुनिया जहां 70 फीसदी जल से घिरी है वहीं, पीने योग्य ताजा पानी महज तीन फीसदी ही है। वहीं जनसंख्या वृद्धि, बढ़ता शहरीकरण और विकास के लिए तेजी से बढ़ रही फैक्ट्रियों के कारण जल के स्त्रोत प्रभावित हो रहे हैं। व्यक्तिगत तौर पर भी लोग पानी की बर्बादी कर रहे हैं। इससे स्वच्छ जल की मांग बढ़ रही है और पूर्ति बाधित हो रही है।
जल प्रदूषण रोकने, जल के महत्व को समझाने और जल संरक्षण के उद्देश्य से हर साल वैश्विक स्तर पर जल दिवस मनाया जाता है। इस दौरान पानी को बर्बाद होने से बचाकर कई समस्याओं का समाधान तलाशा जाता है। परिवारों को भी जल को पानी बचाने को लेकर जागरूक होने की जरूरत है। जल संरक्षण की शुरुआत घर से करें। उन्हें पानी की जरूरत के बारे में बताते हुए बचाने के तरीकों को समझाएं। आस पड़ोस के लोगों, दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को भी जल संरक्षण का महत्व और तरीका बताएं। इस कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय शिक्षक अश्वनी कुमार, ग्रामीण कृष्णा बाई, पूणा बाई, सुनवाई विश्वकर्मा , राधा बाई, कुमारी माही, दीक्षा हीरा बाई, अहिल्याबाई , ललिता भाई कविता बाई, संगीता, मधु बाई एवं कार्यक्रम मेशविशेष रूप से उपस्थित रहे जन अभियान परिषद के ब्लॉक समंवयक राकेश वर्मा एवं परामर्शदाता सुरेंद्र सिंह चौहान एवं नवाकुर प्रभारी राधेश्याम विश्वकर्मा और सदस्य उपस्थित रहे ।विज्ञापन
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