: अल्प विराम से पूर्ण विराम की और मनोज माने---- अर्चना चिटनिस विधायक बूरहानपूर
Barkat Qureshi / Wed, Jan 15, 2025 / Post views : 292
अल्प विराम से पूर्ण विराम की और मनोज माने---- अर्चना चिटनिस विधायक बूरहानपूर
11माह के अल्प कार्यकाल से अनुभव और कटु अनुभव लेकर अगले कार्यकाल को गति देंगे डॉक्टर मनोज माने ....
जिला ब्यूरो चीफ सरिता राजेश जाधव
बुरहानपुर:- संगठन पर्व का उद्देश्य पार्टी को सर्वस्पर्शी, सर्व व्यापी व सर्व समावेशी बनाना रहा।
संगठन पर्व के अंतर्गत संगठन ने सदस्यता अभियान में बूथ समितियो के गठन के साथ साथ सो प्रतिशत बूथों का डिजिटलाइजेशन कर नई उपलब्धि हासिल करी है। नई परीक्षा का अध्यन कर 100 प्रतिशत अंको के साथ पूर्व निमाड़ जिले के जिला बुरहानपुर ने संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, चुनाव प्रभारी खातेगांव विधायक अशीष शर्मा, विधायक अर्चना चिटनिस दीदी, जिला अध्यक्ष डॉ मनोज माने में उपलब्धि हासिल करी है।
डॉ मनोज माने ने जिला अध्यक्ष पद के साथ न्याय कर भारतीय जनता पार्टी और पार्टी कीसंगठन इकाई के साथ साथ आम जन के बिच पार्टी की गहरी छाप बनाई है। पार्टी के असंतुष्ट नेताओं के साथ छुट भैय्या कार्यकर्ताओं के निजी महत्वाकांक्षा ने संगठन पर्व में बिच - बिच खलल डाल कर पार्टी की छबि को धूमिल करने के प्रयास किए जिन्हें डॉ मनोज माने ने मौन रख खलल का निवारण कराया था।
बीते दिनों प्रदेश के जिला अध्यक्षों की घोषणा मे बुरहानपुर जिला अध्यक्ष के लिए मनोज माने के नाम का उल्लेख होते ही बधाई देने वालो का तांता लगे रहा।
डॉक्टर मनोज माने बुरहानपुर और नेपानगर विधान सभा के साथ साथ समूचे जिले का प्रnनिधित्व सम्हालेगे।
अतीत का ग्यारह से बारह माह के कार्यकाल के दौरान जिले के सभी नेताओं को लेकर समन्वय बनाने के प्रयास किए कुछ नेताओं को यह समन्वय पसंद नहीं आया- हर समझौते पर माने को अपमानित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी हर अपमान का घूंट पीकर पार्टी परंपरा और अनुशासन का पालन कर संगठन पर्व के हर अनुष्ठान को पूरा किया।
*माने का विरोध क्यों?* सरल स्वभाव और सेवा का जज्बा लिए माने ने स्वयं को नेता नहीं माना गुटबाजी के अनावश्यक आरोपों को धत्ता बताते हुए सभी वर्गों से तालमेल बनाने का खामियाजा भी भुगतना पड़ा किन्तु संकल्पित अनुष्ठान को पूरा करने के निर्धारित लक्ष्य के लिए नीलकंठ बन हर जहर को पी गए।
गुटबाजी कहा और कैसी
जिले में गुटबाजी कहा और कैसी! पिछले कुछ अर्शे से गुटबाजी में नेताओ को बांटने वाला तबका समय के साथ लुप्त प्राय हो गया है।विघ्न संतोषी का आवरण ओढ़कर सच्चे कार्यकर्ता का तमगा लेकर पार्टी की जड़े कमजोर करने वाले गिने चुने नेताओ के दिन अब लदने वाले है इसमें संशय नहीं है।
*सांसद और दोनो विधायक को समझनना होगा* नए कार्यकाल और पार्टी के निर्धारित नए कार्यक्रम की रूप रेखा बनाई जाएगी जिसमे लक्ष्य 2029 निर्धारित रहने की उम्मीद है। अतीत में फैलाई गुटबाजी और भविष्य में पनपने वाली गुटबाजी पर नकेल कसना प्रथमिकता में रखना होगा तभी पार्टी की संगठनात्मक इकाई मजबूत होगी और गुटबाज नेताओ के मंसूबे फैल।
*रायशुमारी में सबसे आगे रहे माने* सरल स्वभाव और हर वर्ग से मोहब्बत से मिलने वाले माने जिला अध्यक्ष की होने वाली रायशुमारी मे अग्रिम पंक्ति में ही नजर आए है जिसका कारण इन्हें सांसद से लेकर दोनो विधायको से तालमेल बनाने के प्रयास करते देखा गया है जबकि स्वयं को विरोधी खेमे का नेता बताकर रायशुमारी मे नाम आगे बढ़ाने वाले नेताओ को कभी अर्चना दीदी चिटनिस के कार्यक्रम अथवा सौजन्य भेंट करते भी कभी देखा नहीं गया है। यहीं कारण है खातेगांव विधायक और संगठन चुनाव प्रभारी अशीष शर्मा की पहली पसंद बने रहे मनोज माने।
एक नजर डॉक्टर और जिला अध्यक्ष मनोज माने पर
डॉ मनोज माने
पता शास्त्री वार्ड
शिक्षा बीएससी (बीयूएमएस)
पिछड़े वर्ग से आने के बावजूद छात्र जीवन से ही विद्यार्थी परिषद् से जुड़े रहकर अनेक पदों पर आसीन रहे।
मुख्य चुनौती 2025
संगठन को मजबूत कर बूथ स्तर पर लोगो को एक जुट रखकर पार्टी हित में काम करने का अवसर देकर मनोबल बढ़ाना।
11माह के अल्प कार्यकाल से अनुभव और कटु अनुभव लेकर अगले कार्यकाल को गति देंगे डॉक्टर मनोज माने ....
जिला ब्यूरो चीफ सरिता राजेश जाधव
बुरहानपुर:- संगठन पर्व का उद्देश्य पार्टी को सर्वस्पर्शी, सर्व व्यापी व सर्व समावेशी बनाना रहा।
संगठन पर्व के अंतर्गत संगठन ने सदस्यता अभियान में बूथ समितियो के गठन के साथ साथ सो प्रतिशत बूथों का डिजिटलाइजेशन कर नई उपलब्धि हासिल करी है। नई परीक्षा का अध्यन कर 100 प्रतिशत अंको के साथ पूर्व निमाड़ जिले के जिला बुरहानपुर ने संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, चुनाव प्रभारी खातेगांव विधायक अशीष शर्मा, विधायक अर्चना चिटनिस दीदी, जिला अध्यक्ष डॉ मनोज माने में उपलब्धि हासिल करी है।
डॉ मनोज माने ने जिला अध्यक्ष पद के साथ न्याय कर भारतीय जनता पार्टी और पार्टी कीसंगठन इकाई के साथ साथ आम जन के बिच पार्टी की गहरी छाप बनाई है। पार्टी के असंतुष्ट नेताओं के साथ छुट भैय्या कार्यकर्ताओं के निजी महत्वाकांक्षा ने संगठन पर्व में बिच - बिच खलल डाल कर पार्टी की छबि को धूमिल करने के प्रयास किए जिन्हें डॉ मनोज माने ने मौन रख खलल का निवारण कराया था।
बीते दिनों प्रदेश के जिला अध्यक्षों की घोषणा मे बुरहानपुर जिला अध्यक्ष के लिए मनोज माने के नाम का उल्लेख होते ही बधाई देने वालो का तांता लगे रहा।
डॉक्टर मनोज माने बुरहानपुर और नेपानगर विधान सभा के साथ साथ समूचे जिले का प्रnनिधित्व सम्हालेगे।
अतीत का ग्यारह से बारह माह के कार्यकाल के दौरान जिले के सभी नेताओं को लेकर समन्वय बनाने के प्रयास किए कुछ नेताओं को यह समन्वय पसंद नहीं आया- हर समझौते पर माने को अपमानित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी हर अपमान का घूंट पीकर पार्टी परंपरा और अनुशासन का पालन कर संगठन पर्व के हर अनुष्ठान को पूरा किया।
*माने का विरोध क्यों?* सरल स्वभाव और सेवा का जज्बा लिए माने ने स्वयं को नेता नहीं माना गुटबाजी के अनावश्यक आरोपों को धत्ता बताते हुए सभी वर्गों से तालमेल बनाने का खामियाजा भी भुगतना पड़ा किन्तु संकल्पित अनुष्ठान को पूरा करने के निर्धारित लक्ष्य के लिए नीलकंठ बन हर जहर को पी गए।
गुटबाजी कहा और कैसी
जिले में गुटबाजी कहा और कैसी! पिछले कुछ अर्शे से गुटबाजी में नेताओ को बांटने वाला तबका समय के साथ लुप्त प्राय हो गया है।विघ्न संतोषी का आवरण ओढ़कर सच्चे कार्यकर्ता का तमगा लेकर पार्टी की जड़े कमजोर करने वाले गिने चुने नेताओ के दिन अब लदने वाले है इसमें संशय नहीं है।
*सांसद और दोनो विधायक को समझनना होगा* नए कार्यकाल और पार्टी के निर्धारित नए कार्यक्रम की रूप रेखा बनाई जाएगी जिसमे लक्ष्य 2029 निर्धारित रहने की उम्मीद है। अतीत में फैलाई गुटबाजी और भविष्य में पनपने वाली गुटबाजी पर नकेल कसना प्रथमिकता में रखना होगा तभी पार्टी की संगठनात्मक इकाई मजबूत होगी और गुटबाज नेताओ के मंसूबे फैल।
*रायशुमारी में सबसे आगे रहे माने* सरल स्वभाव और हर वर्ग से मोहब्बत से मिलने वाले माने जिला अध्यक्ष की होने वाली रायशुमारी मे अग्रिम पंक्ति में ही नजर आए है जिसका कारण इन्हें सांसद से लेकर दोनो विधायको से तालमेल बनाने के प्रयास करते देखा गया है जबकि स्वयं को विरोधी खेमे का नेता बताकर रायशुमारी मे नाम आगे बढ़ाने वाले नेताओ को कभी अर्चना दीदी चिटनिस के कार्यक्रम अथवा सौजन्य भेंट करते भी कभी देखा नहीं गया है। यहीं कारण है खातेगांव विधायक और संगठन चुनाव प्रभारी अशीष शर्मा की पहली पसंद बने रहे मनोज माने।
एक नजर डॉक्टर और जिला अध्यक्ष मनोज माने पर
डॉ मनोज माने
पता शास्त्री वार्ड
शिक्षा बीएससी (बीयूएमएस)
पिछड़े वर्ग से आने के बावजूद छात्र जीवन से ही विद्यार्थी परिषद् से जुड़े रहकर अनेक पदों पर आसीन रहे।
मुख्य चुनौती 2025
संगठन को मजबूत कर बूथ स्तर पर लोगो को एक जुट रखकर पार्टी हित में काम करने का अवसर देकर मनोबल बढ़ाना।विज्ञापन
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