: आवारा पशुओं पर प्रशासन की दिखावटी कार्यवाही, जनता के आक्रोश की अनदेखी
Barkat Qureshi / Sun, Dec 15, 2024 / Post views : 405
आवारा पशुओं पर प्रशासन की दिखावटी कार्यवाही, जनता के आक्रोश की अनदेखी
हरदा- में आवारा पशुओं की समस्या पर प्रशासन का रवैया पूरी तरह से औपचारिक और दिखावटी बनकर रह गया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद, हरदा जिला प्रशासन और नगर पालिका केवल खानापूर्ति कर रही है। प्रशासन द्वारा एक दिन औपचारिक अभियान चलाकर फोटो खिंचवाए जाते हैं और प्रेस में खबरें प्रकाशित करवा दी जाती हैं। इसके बाद पूरा तंत्र फिर गहरी नींद में सो जाता है।
[caption id="attachment_2691" align="alignnone" width="183"]
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने इस मुद्दे पर प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि, "आवारा पशुओं को नियंत्रित करने की समस्या पर प्रशासन केवल दिखावा कर रहा है। जनता लगातार दुर्घटनाओं और असुरक्षा का सामना कर रही है, लेकिन प्रशासनिक तंत्र गंभीर कदम उठाने के बजाय मीडिया में खबरें छपवाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।"[/caption]
15 दिसंबर 2024 को नगर में आवारा पशुओं के कारण दो बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जो इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करती हैं।
1. फाइन वार्ड में मोटरसाइकिल दुर्घटना:
रात्रि के समय फाइन वार्ड में एक काले रंग की गाय सड़क पर बैठी थी। तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार उसे देख नहीं पाया और टकरा गया। इस दुर्घटना में सवार और उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भोपाल रेफर किया गया।
2. इंदौर रोड पर वाहन दुर्घटना:
दोपहर करीब 3:00 बजे इंदौर रोड पर फॉरेस्ट नाके के पास एक वाहन ने एक गाय को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में गाय की मौत हो गई। मृत गाय सड़क पर पड़ी रही, जिससे यातायात बाधित हुआ और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई।
जनता की मांगें और चेतावनी:
1. आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और लगातार अभियान चलाए जाएं।
2. गौशालाओं में पर्याप्त स्थान और संसाधन सुनिश्चित किए जाएं।
3. दिखावटी कार्यवाहियों के बजाय ठोस और दीर्घकालिक समाधान लागू किए जाएं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है, तो नागरिकों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जनता अब प्रशासन की दिखावटी कार्यवाही को स्वीकार नहीं करेगी।
हरदा- में आवारा पशुओं की समस्या पर प्रशासन का रवैया पूरी तरह से औपचारिक और दिखावटी बनकर रह गया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद, हरदा जिला प्रशासन और नगर पालिका केवल खानापूर्ति कर रही है। प्रशासन द्वारा एक दिन औपचारिक अभियान चलाकर फोटो खिंचवाए जाते हैं और प्रेस में खबरें प्रकाशित करवा दी जाती हैं। इसके बाद पूरा तंत्र फिर गहरी नींद में सो जाता है।
[caption id="attachment_2691" align="alignnone" width="183"]
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने इस मुद्दे पर प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि, "आवारा पशुओं को नियंत्रित करने की समस्या पर प्रशासन केवल दिखावा कर रहा है। जनता लगातार दुर्घटनाओं और असुरक्षा का सामना कर रही है, लेकिन प्रशासनिक तंत्र गंभीर कदम उठाने के बजाय मीडिया में खबरें छपवाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।"[/caption]
15 दिसंबर 2024 को नगर में आवारा पशुओं के कारण दो बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जो इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करती हैं।
1. फाइन वार्ड में मोटरसाइकिल दुर्घटना:
रात्रि के समय फाइन वार्ड में एक काले रंग की गाय सड़क पर बैठी थी। तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार उसे देख नहीं पाया और टकरा गया। इस दुर्घटना में सवार और उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भोपाल रेफर किया गया।
2. इंदौर रोड पर वाहन दुर्घटना:
दोपहर करीब 3:00 बजे इंदौर रोड पर फॉरेस्ट नाके के पास एक वाहन ने एक गाय को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में गाय की मौत हो गई। मृत गाय सड़क पर पड़ी रही, जिससे यातायात बाधित हुआ और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई।
जनता की मांगें और चेतावनी:
1. आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और लगातार अभियान चलाए जाएं।
2. गौशालाओं में पर्याप्त स्थान और संसाधन सुनिश्चित किए जाएं।
3. दिखावटी कार्यवाहियों के बजाय ठोस और दीर्घकालिक समाधान लागू किए जाएं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है, तो नागरिकों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जनता अब प्रशासन की दिखावटी कार्यवाही को स्वीकार नहीं करेगी।विज्ञापन
विज्ञापन