: उद्योग नगर के कारखानो में मजदूर ठेकेदारी मैं कर रहे काम ना बीमा ना ग्रेच्युटी,आठ घंटे के बदले कर रहे बारा घंटे काम
Barkat Qureshi / Fri, Jan 10, 2025 / Post views : 288
उद्योग नगर के कारखानो में मजदूर ठेकेदारी मैं कर रहे काम ना बीमा ना ग्रेच्युटी,आठ घंटे के बदले कर रहे बारा घंटे काम
श्रम विभाग के निगरानी में हो रहा मजदूरों का शोषण
बुरहानजपुर जिले में स्थित उद्योग नगर में कई ऐसे साइजिंग प्रोसेस जहां मजदूरों को ठेकेदारी में काम कराया जा रहा जहां मजदूरों का जीवन अंधकार में होता देखकर , यह समझ कर भी वह मजदूर को अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए मजबूरन काम करना पड़ता है
साइजिंग ,प्रोसेस मैं नाम मात्र कुछ ही मजदूरो को परमानेंट किया जाता हैं बाकी मजदूरों को कच्चे चिट्ठे पर ठेकेदारी में साप्ताहिक पगार पर काम करवाते हैं जिससे कारखाने मालिकों को कई प्रकार के फायदे होते हैं
ठेकेदारी में मजदूरों को ना बोनस दिया जाता है ना ग्रेच्युटी दी जाती है ना कोई शासकीय छुट्टी ना राष्ट्रीय त्योहार का दिन भर कर दिया जाता है कभी दुर्घटना होने पर साइजिंग ,प्रोसेस मलिक मजदूर को अपना मजदूर कहने से मना भी कर देता है
आठ घंटे के बदले बारा घंटे ले रहे काम देखा जाए तो उद्योग नगर के सभी साइजिंग ,प्रोसेस अगर तीन सीप्ट में मजदूरों से काम ले तो तीन पाली के रूप में मजदूर काम करेंगे तो मजदूरों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ दिखाई देंगे
श्रम विभाग के निगरानी में हो रहा मजदूरों का शोषण
बुरहानजपुर जिले में स्थित उद्योग नगर में कई ऐसे साइजिंग प्रोसेस जहां मजदूरों को ठेकेदारी में काम कराया जा रहा जहां मजदूरों का जीवन अंधकार में होता देखकर , यह समझ कर भी वह मजदूर को अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए मजबूरन काम करना पड़ता है
साइजिंग ,प्रोसेस मैं नाम मात्र कुछ ही मजदूरो को परमानेंट किया जाता हैं बाकी मजदूरों को कच्चे चिट्ठे पर ठेकेदारी में साप्ताहिक पगार पर काम करवाते हैं जिससे कारखाने मालिकों को कई प्रकार के फायदे होते हैं
ठेकेदारी में मजदूरों को ना बोनस दिया जाता है ना ग्रेच्युटी दी जाती है ना कोई शासकीय छुट्टी ना राष्ट्रीय त्योहार का दिन भर कर दिया जाता है कभी दुर्घटना होने पर साइजिंग ,प्रोसेस मलिक मजदूर को अपना मजदूर कहने से मना भी कर देता है
आठ घंटे के बदले बारा घंटे ले रहे काम देखा जाए तो उद्योग नगर के सभी साइजिंग ,प्रोसेस अगर तीन सीप्ट में मजदूरों से काम ले तो तीन पाली के रूप में मजदूर काम करेंगे तो मजदूरों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ दिखाई देंगेविज्ञापन
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