: खुली डीपी से हादसों का खतरा, हमेशा लगा रहता है डर, बिजली विभाग का ध्यान नहीं
Barkat Qureshi / Mon, Feb 10, 2025 / Post views : 349
खुली डीपी से हादसों का खतरा, हमेशा लगा रहता है डर, बिजली विभाग का ध्यान नहीं
आमसेल/सिराली तहसील के ग्राम आमासेल के बस स्टैंड से ग्राम में अंदर आने के रोड के साइड में डीपी खुली होने से हादसे का खतरा बना हुआ है आपको बता दे उसी रोड से ग्राम से बच्चे स्कूल भी आते जाते रहते हैं। खुली पड़ी डीपी से कभी भी हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार बिजली कंपनी को इसका कोई ध्यान ही नहीं है। ज्यादातर डीपी खुली पड़ी हैं। इनमें से कई ट्रांसफार्मर बाजारों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हुए हैं। कुछ ट्रांसफार्मर चौराहों के पास भी हैं। इन ट्रांसफार्मरों से लोगों को दूर रखने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। दरअसल शहर में ही कई जगह ऐसी हैं जहां डीपी खुली हुई है जहां हादसे होने की संभावना ज्यादा रहती है। कई दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें इन खुली डीपी के पास ही बना रखी हैं जिसके चलते कभी कोई हादसा होता है तो उनको सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है। कई जगह तो हालत ऐसी है कि डीपी इतनी नीचे हैं कि उसे आसानी से छोटे बच्चे भी टच कर सकते हैं। अधिकांश ट्रांसफार्मर के ऐसे ही हालात अधिकांश ट्रांसफार्मर के खुली डीपी से करंट लगने का खतरा रहता है। त्योहारी सीजन में जब बिजली पर लोड बढ़ जाता है। तो बिजली के तार टूटने या ट्रांसफार्मर में फाल्ट होता है। ऐसे में ट्रांसफार्मर के नीचे या आसपास दुकान लगाने वालों को शारीरिक एवं आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। खुले तारों, खुली डीपी एवं नंगे तारों से आवारा पशु एवं पक्षी टकराकर गंभीर घायल हो जाते है या मर जाते हैं। कई बार चिंगारियां निकलती हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग की ओर से इस एरिए को कवर नहीं किया गया सालों से इसी हाल में ये डीपी है। ग्राम आमासेल में रोड किनारे डीपी लगी है जो खुली रहती है। जहां आसपास के लोग कचरा भी डाल देते हैं जिससे मवेशियों की जान को भी खतरा रहता है। इस संबंध में बिजली विभाग अधिकारी योगेश गौर को फोन लगाया गया लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ आया।
आमसेल/सिराली तहसील के ग्राम आमासेल के बस स्टैंड से ग्राम में अंदर आने के रोड के साइड में डीपी खुली होने से हादसे का खतरा बना हुआ है आपको बता दे उसी रोड से ग्राम से बच्चे स्कूल भी आते जाते रहते हैं। खुली पड़ी डीपी से कभी भी हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार बिजली कंपनी को इसका कोई ध्यान ही नहीं है। ज्यादातर डीपी खुली पड़ी हैं। इनमें से कई ट्रांसफार्मर बाजारों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हुए हैं। कुछ ट्रांसफार्मर चौराहों के पास भी हैं। इन ट्रांसफार्मरों से लोगों को दूर रखने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। दरअसल शहर में ही कई जगह ऐसी हैं जहां डीपी खुली हुई है जहां हादसे होने की संभावना ज्यादा रहती है। कई दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें इन खुली डीपी के पास ही बना रखी हैं जिसके चलते कभी कोई हादसा होता है तो उनको सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है। कई जगह तो हालत ऐसी है कि डीपी इतनी नीचे हैं कि उसे आसानी से छोटे बच्चे भी टच कर सकते हैं। अधिकांश ट्रांसफार्मर के ऐसे ही हालात अधिकांश ट्रांसफार्मर के खुली डीपी से करंट लगने का खतरा रहता है। त्योहारी सीजन में जब बिजली पर लोड बढ़ जाता है। तो बिजली के तार टूटने या ट्रांसफार्मर में फाल्ट होता है। ऐसे में ट्रांसफार्मर के नीचे या आसपास दुकान लगाने वालों को शारीरिक एवं आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। खुले तारों, खुली डीपी एवं नंगे तारों से आवारा पशु एवं पक्षी टकराकर गंभीर घायल हो जाते है या मर जाते हैं। कई बार चिंगारियां निकलती हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग की ओर से इस एरिए को कवर नहीं किया गया सालों से इसी हाल में ये डीपी है। ग्राम आमासेल में रोड किनारे डीपी लगी है जो खुली रहती है। जहां आसपास के लोग कचरा भी डाल देते हैं जिससे मवेशियों की जान को भी खतरा रहता है। इस संबंध में बिजली विभाग अधिकारी योगेश गौर को फोन लगाया गया लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ आया।विज्ञापन
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