: ग्राम अबगांव कलां एवं खेड़ा मे विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न
Barkat Qureshi / Tue, Jun 10, 2025 / Post views : 359
ग्राम अबगांव कलां एवं खेड़ा मे विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न
हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला
हरदा 10 जून म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्रीमती तृप्ति शर्मा के मार्गदर्शन में मंगलवार को ग्राम अबगांव कलां एवं खेड़ा में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सौरभ कुमार दुबे ने उपस्थित महिलाओं, पुरूषों और बच्चों को नालसा तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं योजना एवं नालसा गरीबी उन्मूलन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सेवाएं योजना के उपबंधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही शिविरों में ग्राम न्यायालय क्रियान्वयन की प्रक्रिया एवं निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा बताया गया कि ग्राम न्यायालय के माध्यम से न्याय की पहुंच सुलभ कराने तथा प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक एवं अन्य निशक्तता के कारण न्याय की पहुँच सुलभ कराने की दृष्टि से ऐसे विवाद जो ग्राम न्यायालय अधिनियम 2008 की प्रथम अनुसूची में प्रावधानित है, का निराकरण ग्राम न्यायालय की बैठक के द्वारा किया जाता है। छोटे विवादों का निराकरण, ग्राम न्यायालय द्वारा बैठक के माध्यम से किया जा सकता है। उपस्थित ग्रामीणजन को ग्राम न्यायालय के अधिकार क्षेत्र, प्रक्रिया, प्रणाली आदि के बारे मंे विस्तारपूर्वक समझाया गया।।
हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला
हरदा 10 जून म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष श्रीमती तृप्ति शर्मा के मार्गदर्शन में मंगलवार को ग्राम अबगांव कलां एवं खेड़ा में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सौरभ कुमार दुबे ने उपस्थित महिलाओं, पुरूषों और बच्चों को नालसा तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं योजना एवं नालसा गरीबी उन्मूलन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सेवाएं योजना के उपबंधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही शिविरों में ग्राम न्यायालय क्रियान्वयन की प्रक्रिया एवं निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा बताया गया कि ग्राम न्यायालय के माध्यम से न्याय की पहुंच सुलभ कराने तथा प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक एवं अन्य निशक्तता के कारण न्याय की पहुँच सुलभ कराने की दृष्टि से ऐसे विवाद जो ग्राम न्यायालय अधिनियम 2008 की प्रथम अनुसूची में प्रावधानित है, का निराकरण ग्राम न्यायालय की बैठक के द्वारा किया जाता है। छोटे विवादों का निराकरण, ग्राम न्यायालय द्वारा बैठक के माध्यम से किया जा सकता है। उपस्थित ग्रामीणजन को ग्राम न्यायालय के अधिकार क्षेत्र, प्रक्रिया, प्रणाली आदि के बारे मंे विस्तारपूर्वक समझाया गया।।विज्ञापन
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