: ग्राम बीड़ में आस्था पर डाका — शीतला माता मंदिर से दानपेटी चोरी
Barkat Qureshi / Sat, May 3, 2025 / Post views : 279
ग्राम बीड़ में आस्था पर डाका — शीतला माता मंदिर से दानपेटी चोरी
धार्मिक स्थलों पर बार-बार वार, पुलिस के हाथ अब भी खाली,गांव में रोष, व्यवस्था पर गंभीर सवाल
संवाददाता इस्हाक़ गौरी मुंदी
ग्राम बीड़ में श्रद्धा और आस्था एक बार फिर अपराध की भेंट चढ़ गई। बुधवार रात अज्ञात चोरों ने गांव के प्रतिष्ठित शीतला माता मंदिर की दानपेटी तोड़ दी और उसमें रखी श्रद्धालुओं की चढ़ौती की राशि चुरा ले गए। सुबह जब पुजारी मंदिर पहुंचे तो टूटी हुई दानपेटी देखकर अवाक रह गए। कुछ ही देर में खबर आग की तरह फैली और मंदिर परिसर में सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए।
“अब बर्दाश्त नहीं” — गूंजा गुस्सा
भक्तों और ग्रामीणों का गुस्सा इस बार सातवें आसमान पर है। बीड़ चौकी में शिकायत दी गई है, लेकिन लोगों को इस बात का मलाल है कि पिछले मामलों की तरह यह भी ठंडे बस्ते में न चला जाए।
पुरानी घटनाएं बनीं मिसालें — मगर कार्रवाई शून्य
यह कोई पहली चोरी नहीं है। इससे पहले श्रीराम मंदिर, गोमती आश्रम और बड़कुआ मोहल्ले के प्राचीन हनुमान मंदिर में भी दानपेटियों को निशाना बनाया गया था। हर बार पुलिस ने "जांच जारी है" कहकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन चोर आज तक पकड़े नहीं गए।
अब सरकारी संपत्तियां भी सुरक्षित नहीं
रेलवे यार्ड के पास पंचायत द्वारा बनाए गए शासकीय कचरा घर से भी चोर 30 फीट ऊंचाई पर लगे टिन खोलकर ले जा चुके हैं। पंचायत ने आवेदन दिया था, पर परिणाम आज भी शून्य है। इससे यह सवाल खड़ा होता है — क्या अपराधियों को प्रशासन का डर खत्म हो चुका है?
एक रात में दो चोरियाँ — किसान भी लुटा
बुधवार रात की दूसरी घटना बीड़-शिवरिया रोड पर सामने आई, जहां कृषक मनीष यादव के खेत से चोर बिजली मोटर की केबल काट ले गए। एक ही रात में मंदिर और खेत — दोनों पर हमले — यह दर्शाते हैं कि अपराधियों में अब कोई भय नहीं बचा।
"कब तक सिर्फ आश्वासन?" — ग्रामीणों का सवाल
हर चोरी के बाद यही कहा जाता है — “जांच जारी है”, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। ग्रामीण अब इस लचर व्यवस्था से तंग आ चुके हैं। उनका सवाल सीधा है — अगर मंदिर तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आमजन कैसे महफूज़ रहेंगे?
बीड़ चौकी का जवाब
चौकी प्रभारी राधेश्याम मालवीय ने बताया —
"आवेदन मिला है, जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।"
लेकिन कब? यही सवाल है।
बीड़ गांव अब सिर्फ FIR नहीं चाहता,
वो सुरक्षा, न्याय और भरोसे की वापसी चाहता है।
संवाददाता इस्हाक़ गौरी मुंदी
ग्राम बीड़ में श्रद्धा और आस्था एक बार फिर अपराध की भेंट चढ़ गई। बुधवार रात अज्ञात चोरों ने गांव के प्रतिष्ठित शीतला माता मंदिर की दानपेटी तोड़ दी और उसमें रखी श्रद्धालुओं की चढ़ौती की राशि चुरा ले गए। सुबह जब पुजारी मंदिर पहुंचे तो टूटी हुई दानपेटी देखकर अवाक रह गए। कुछ ही देर में खबर आग की तरह फैली और मंदिर परिसर में सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए।
“अब बर्दाश्त नहीं” — गूंजा गुस्सा
भक्तों और ग्रामीणों का गुस्सा इस बार सातवें आसमान पर है। बीड़ चौकी में शिकायत दी गई है, लेकिन लोगों को इस बात का मलाल है कि पिछले मामलों की तरह यह भी ठंडे बस्ते में न चला जाए।
पुरानी घटनाएं बनीं मिसालें — मगर कार्रवाई शून्य
यह कोई पहली चोरी नहीं है। इससे पहले श्रीराम मंदिर, गोमती आश्रम और बड़कुआ मोहल्ले के प्राचीन हनुमान मंदिर में भी दानपेटियों को निशाना बनाया गया था। हर बार पुलिस ने "जांच जारी है" कहकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन चोर आज तक पकड़े नहीं गए।
अब सरकारी संपत्तियां भी सुरक्षित नहीं
रेलवे यार्ड के पास पंचायत द्वारा बनाए गए शासकीय कचरा घर से भी चोर 30 फीट ऊंचाई पर लगे टिन खोलकर ले जा चुके हैं। पंचायत ने आवेदन दिया था, पर परिणाम आज भी शून्य है। इससे यह सवाल खड़ा होता है — क्या अपराधियों को प्रशासन का डर खत्म हो चुका है?
एक रात में दो चोरियाँ — किसान भी लुटा
बुधवार रात की दूसरी घटना बीड़-शिवरिया रोड पर सामने आई, जहां कृषक मनीष यादव के खेत से चोर बिजली मोटर की केबल काट ले गए। एक ही रात में मंदिर और खेत — दोनों पर हमले — यह दर्शाते हैं कि अपराधियों में अब कोई भय नहीं बचा।
"कब तक सिर्फ आश्वासन?" — ग्रामीणों का सवाल
हर चोरी के बाद यही कहा जाता है — “जांच जारी है”, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। ग्रामीण अब इस लचर व्यवस्था से तंग आ चुके हैं। उनका सवाल सीधा है — अगर मंदिर तक सुरक्षित नहीं हैं, तो आमजन कैसे महफूज़ रहेंगे?
बीड़ चौकी का जवाब
चौकी प्रभारी राधेश्याम मालवीय ने बताया —
"आवेदन मिला है, जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।"
लेकिन कब? यही सवाल है।
बीड़ गांव अब सिर्फ FIR नहीं चाहता,
वो सुरक्षा, न्याय और भरोसे की वापसी चाहता है।विज्ञापन
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