: नशा मुक्त समाज की ओर – हरदा पुलिस का जनजागरूकता कार्यक्रम
Barkat Qureshi / Sat, Jul 26, 2025 / Post views : 396
नशा मुक्त समाज की ओर – हरदा पुलिस का जनजागरूकता कार्यक्रम
हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला
हरदा दिनांक 25-जुलाई 2025 मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत आज पॉलिटेक्निक कॉलेज हरदा में एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव चौकसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का विषय था — “नशा मुक्त समाज का निर्माण”, जिसमें नगर के गणमान्य नागरिक, पत्रकार बंधु, कॉलेज के छात्र-छात्राएं, आशा कार्यकर्ता, नगर रक्षा समिति के सदस्य, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। साथ ही पॉलिटेक्निक कॉलेज हरदा के प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की गई। मंचासीन अधिकारियों एवं अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं शॉल से किया गया। अपने उद्बोधन में जिला कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने कहा कि — “नशा करने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। यदि हमें समाज को नशा मुक्त बनाना है तो हमें दो स्तरों पर कार्य करना होगा — एक, वे लोग जो पहले से नशे के शिकार हैं, और दूसरा, वे लोग जो नशे की ओर आकर्षित हो सकते हैं। इन दोनों ही वर्गों के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना आवश्यक है। एनजीओ की मदद से 50 प्रशिक्षित ट्रेनरों को तैयार किया गया है, जो नशे के आदी लोगों को इससे बाहर निकालने का प्रयास करेंगे।” पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव चौकसे ने कहा — “यह कार्यक्रम तभी सफल माना जाएगा जब आप सभी नागरिक अपने आसपास के नशे के शिकार लोगों को पहचानकर उन्हें जागरूक करें और पुनः मुख्यधारा में लाने का प्रयास करें। समाज की सहभागिता के बिना यह लड़ाई अधूरी है।” अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रामदास प्रजापति ने युवाओं को चेताया कि — “आजकल हरदा जिले में ‘एम.डी.’ जैसे खतरनाक नशे का प्रयोग बढ़ता जा रहा है, जो विशेषकर कॉलेज और कोचिंग करने वाले छात्रों को निशाना बना रहा है। ऐसे नशा व्यापारी युवाओं को बहला-फुसलाकर उन्हें इस लत में धकेल रहे हैं। यह एक गंभीर खतरा है, जिससे सावधान रहने की आवश्यकता है।” कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा एक नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसमें एक व्यक्ति की नशे की लत से उसके बेटे को कम उम्र में काम करने की मजबूरी को दर्शाया गया। इस मार्मिक नाटक के माध्यम से नशे के सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणामों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। यह जनजागरूकता कार्यक्रम युवाओं और आमजन को नशे के विरुद्ध संगठित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम रहा। पुलिस विभाग द्वारा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर जागरूकता को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।विज्ञापन
विज्ञापन
