: पहलगाम की दिल दहला देने वाली घटना के विरोध में मूंदीवासियों का एकजुट आक्रोश
Barkat Qureshi / Mon, Apr 28, 2025 / Post views : 291
पहलगाम की दिल दहला देने वाली घटना के विरोध में मूंदीवासियों का एकजुट आक्रोश
हिंदू-मुस्लिम समुदाय ने 28 निर्दोष शहीदों को दी श्रद्धांजलि, आतंकवाद के खिलाफ गरजा जनसैलाब
संवाददाता — इस्हाक गौरी, मूंदी
देश का कलेजा छलनी कर देने वाली कश्मीर के पहलगाम की घटना के बाद मूंदी नगर भी शोक और आक्रोश की आग में तप उठा। रविवार सायंकाल लाल बहादुर शास्त्री बस स्टैंड पर हिंदू-मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने एकत्र होकर मोमबत्तियाँ जलाईं, दो मिनट का मौन रखकर 28 निर्दोष शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आतंकवाद के विरुद्ध एकजुटता का बुलंद संदेश दिया।
"भारत टूटेगा नहीं, झुकेगा नहीं" — सांसद प्रतिनिधि चंद्रमोहन राठौर
सभा को संबोधित करते हुए सांसद प्रतिनिधि चंद्रमोहन राठौर ने भावुक होते हुए कहा —
> "आतंकियों ने निहत्थे पर्यटकों की हत्या कर मानवता को शर्मसार किया है। पत्नियों और बच्चों के सामने उनके सुहाग और सहारों को मौत के घाट उतारकर कायरता की पराकाष्ठा दिखाई गई है।
लेकिन याद रहे — भारत ने कभी ऐसी नापाक हरकतों से हार नहीं मानी और न मानेगा। आतंकवाद को करारा जवाब देने के लिए पूरा देश एकजुट है।"
"धर्म के नाम पर हिंसा करने वाले केवल हैवान हैं" — शिक्षक सीताराम मालाकार
वरिष्ठ शिक्षक सीताराम मालाकार ने स्पष्ट कहा —
> "किसी भी मजहब में निर्दोषों की हत्या का आदेश नहीं है। जो निहत्थों का खून बहाते हैं, वे किसी धर्म के अनुयायी नहीं, केवल पाशविक प्रवृत्ति के हत्यारे हैं।"ओर आंतक वाद का कोई धर्म नही होता है। उन्होंने मानवता के पक्ष में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की मजबूती का आह्वान किया।
"मुस्लिम समाज की भी आतंकवाद के खिलाफ सख्त निंदा" — डॉ. वाजिद कुरैशी और अय्यूब मंसूरी
डॉ. वाजिद कुरैशी और अय्यूब मंसूरी ने कहा —
> "मूंदी का मुस्लिम समाज भी इस जघन्य हमले की घोर निंदा करता है। निर्दोषों की हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है। हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान पर निर्णायक कार्रवाई की जाए।"
"विदेशी ताकतें भारत के भाईचारे से भयभीत" — मधुसूदन गीते
गायत्री परिवार के मधुसूदन गीते ने इस घटना के पीछे विदेशी षड्यंत्रों को उजागर करते हुए कहा —
> "भारत जब विश्व पटल पर तेज़ी से उभर रहा है, तो कुछ विदेशी ताकतें हमारे हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को तोड़ने का षड्यंत्र रच रही हैं। लेकिन वे सफल नहीं होंगी। हमारा आपसी प्रेम और एकता उनकी हर चाल को नाकाम कर देगा।"
"आतंकवाद का समूल नाश जरूरी" — दीपक पटेल और मनोज राठौर
मान्धाता विधायक के सुपुत्र दीपक पटेल ने आग्रहपूर्वक कहा —
> "देश शांति का पोषक है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और कठोर कार्रवाई अब अनिवार्य हो चुकी है। आतंकी तत्वों का समूल नाश कर ही हम शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।"
मनोज राठौर ने भी कहा —
> "कश्मीर की पवित्र धरती को निर्दोषों के खून से रंगने वाले दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि दोबारा कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।"
श्रद्धांजलि सभा में गरजे नारे, उभरा राष्ट्रभक्ति का ज्वार
सभा के दौरान "पाकिस्तान मुर्दाबाद", "आतंकवाद मुर्दाबाद" जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। लोगों की आंखों में आक्रोश और दिलों में शहीदों के प्रति श्रद्धा साफ झलक रही थी।
दोनो समुदायों के सैकड़ों लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर, शहीदों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की मिसाल पेश की।
निष्कर्ष : आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्र एकजुट
मूंदी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा ने यह साबित कर दिया कि भारत की आत्मा को आतंक से नहीं डराया जा सकता। धर्म, जाति, भाषा के पार जाकर पूरा देश एकजुट है — आतंकवाद के समूल विनाश के संकल्प के साथ एक है और एक रहेगा
हिंदू-मुस्लिम समुदाय ने 28 निर्दोष शहीदों को दी श्रद्धांजलि, आतंकवाद के खिलाफ गरजा जनसैलाब
संवाददाता — इस्हाक गौरी, मूंदी
देश का कलेजा छलनी कर देने वाली कश्मीर के पहलगाम की घटना के बाद मूंदी नगर भी शोक और आक्रोश की आग में तप उठा। रविवार सायंकाल लाल बहादुर शास्त्री बस स्टैंड पर हिंदू-मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने एकत्र होकर मोमबत्तियाँ जलाईं, दो मिनट का मौन रखकर 28 निर्दोष शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आतंकवाद के विरुद्ध एकजुटता का बुलंद संदेश दिया।
"भारत टूटेगा नहीं, झुकेगा नहीं" — सांसद प्रतिनिधि चंद्रमोहन राठौर
सभा को संबोधित करते हुए सांसद प्रतिनिधि चंद्रमोहन राठौर ने भावुक होते हुए कहा —
> "आतंकियों ने निहत्थे पर्यटकों की हत्या कर मानवता को शर्मसार किया है। पत्नियों और बच्चों के सामने उनके सुहाग और सहारों को मौत के घाट उतारकर कायरता की पराकाष्ठा दिखाई गई है।
लेकिन याद रहे — भारत ने कभी ऐसी नापाक हरकतों से हार नहीं मानी और न मानेगा। आतंकवाद को करारा जवाब देने के लिए पूरा देश एकजुट है।"
"धर्म के नाम पर हिंसा करने वाले केवल हैवान हैं" — शिक्षक सीताराम मालाकार
वरिष्ठ शिक्षक सीताराम मालाकार ने स्पष्ट कहा —
> "किसी भी मजहब में निर्दोषों की हत्या का आदेश नहीं है। जो निहत्थों का खून बहाते हैं, वे किसी धर्म के अनुयायी नहीं, केवल पाशविक प्रवृत्ति के हत्यारे हैं।"ओर आंतक वाद का कोई धर्म नही होता है। उन्होंने मानवता के पक्ष में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की मजबूती का आह्वान किया।
"मुस्लिम समाज की भी आतंकवाद के खिलाफ सख्त निंदा" — डॉ. वाजिद कुरैशी और अय्यूब मंसूरी
डॉ. वाजिद कुरैशी और अय्यूब मंसूरी ने कहा —
> "मूंदी का मुस्लिम समाज भी इस जघन्य हमले की घोर निंदा करता है। निर्दोषों की हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है। हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान पर निर्णायक कार्रवाई की जाए।"
"विदेशी ताकतें भारत के भाईचारे से भयभीत" — मधुसूदन गीते
गायत्री परिवार के मधुसूदन गीते ने इस घटना के पीछे विदेशी षड्यंत्रों को उजागर करते हुए कहा —
> "भारत जब विश्व पटल पर तेज़ी से उभर रहा है, तो कुछ विदेशी ताकतें हमारे हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को तोड़ने का षड्यंत्र रच रही हैं। लेकिन वे सफल नहीं होंगी। हमारा आपसी प्रेम और एकता उनकी हर चाल को नाकाम कर देगा।"
"आतंकवाद का समूल नाश जरूरी" — दीपक पटेल और मनोज राठौर
मान्धाता विधायक के सुपुत्र दीपक पटेल ने आग्रहपूर्वक कहा —
> "देश शांति का पोषक है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और कठोर कार्रवाई अब अनिवार्य हो चुकी है। आतंकी तत्वों का समूल नाश कर ही हम शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।"
मनोज राठौर ने भी कहा —
> "कश्मीर की पवित्र धरती को निर्दोषों के खून से रंगने वाले दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि दोबारा कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।"
श्रद्धांजलि सभा में गरजे नारे, उभरा राष्ट्रभक्ति का ज्वार
सभा के दौरान "पाकिस्तान मुर्दाबाद", "आतंकवाद मुर्दाबाद" जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। लोगों की आंखों में आक्रोश और दिलों में शहीदों के प्रति श्रद्धा साफ झलक रही थी।
दोनो समुदायों के सैकड़ों लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर, शहीदों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की मिसाल पेश की।
निष्कर्ष : आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्र एकजुट
मूंदी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा ने यह साबित कर दिया कि भारत की आत्मा को आतंक से नहीं डराया जा सकता। धर्म, जाति, भाषा के पार जाकर पूरा देश एकजुट है — आतंकवाद के समूल विनाश के संकल्प के साथ एक है और एक रहेगाविज्ञापन
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