: पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव ने भीषण गर्मी के चलते नहरों में पानी छोड़ने का किया अनुरोध
Barkat Qureshi / Wed, Apr 30, 2025 / Post views : 296
पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव ने
भीषण गर्मी के चलते नहरों में पानी छोड़ने का किया अनुरोध
कसरावद तहसील से अजीज सूफी की रिपोर्ट
खरगोन/30 अप्रैल 2025/, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव ने मुख्य अभियंता इंदिरा सागर परियोजना को लिखे अपने पत्र में निवेदन किया है कि इंदिरा सागर परियोजना और ओंकारेश्वर बांध परियोजना खरगोन उदवहन योजना,कठोरा उदवहन योजना, अपरवेदा बांध और देजला देवाड़ा बांध से नहरों और कुन्दा एवं वेदा नदी में पानी मई के प्रथम सप्ताह में छोड़ा जावे । उल्लेखनीय है कि निमाड़ अंचल में मई माह के प्रथम या द्वितीय सप्ताह से बड़े पैमाने पर क्षेत्र के किसान गर्मी के कपास के बीज की बुआई प्रारंभ कर देते है । इससे पूर्व किसानों को सिंचाई हेतु पानी की आवश्यकता होती है, साथ ही गर्मी में बांधों से पानी नहीं छोड़े जाने की स्थिति में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी नहरीय और नदी किनारे के ग्रामों में निवासरत ग्रामीणों एवं मवेशियों को पेयजल संकट व्याप्त होने कि संभावनाएं बनी रहेगी । इंदिरा सागर परियोजना, ओंकारेश्वर बांध परियोजना और खरगोन उद्वहन सिंचाई परियोजना, कठोरा उद्वहन सिंचाई योजना, अपरवेदा और देजला देवड़ा बांध के साथ ही अन्य सिंचाई परियोजनाओं का पानी नहरों और नदियों में छोड़ा जाए ताकि ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध हो सके। मवेशियों को पीने का पानी मिल सके और किसानों को फसलों के सिंचाई का पानी भी समय पर मिल सके।
कसरावद तहसील से अजीज सूफी की रिपोर्ट
खरगोन/30 अप्रैल 2025/, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव ने मुख्य अभियंता इंदिरा सागर परियोजना को लिखे अपने पत्र में निवेदन किया है कि इंदिरा सागर परियोजना और ओंकारेश्वर बांध परियोजना खरगोन उदवहन योजना,कठोरा उदवहन योजना, अपरवेदा बांध और देजला देवाड़ा बांध से नहरों और कुन्दा एवं वेदा नदी में पानी मई के प्रथम सप्ताह में छोड़ा जावे । उल्लेखनीय है कि निमाड़ अंचल में मई माह के प्रथम या द्वितीय सप्ताह से बड़े पैमाने पर क्षेत्र के किसान गर्मी के कपास के बीज की बुआई प्रारंभ कर देते है । इससे पूर्व किसानों को सिंचाई हेतु पानी की आवश्यकता होती है, साथ ही गर्मी में बांधों से पानी नहीं छोड़े जाने की स्थिति में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी नहरीय और नदी किनारे के ग्रामों में निवासरत ग्रामीणों एवं मवेशियों को पेयजल संकट व्याप्त होने कि संभावनाएं बनी रहेगी । इंदिरा सागर परियोजना, ओंकारेश्वर बांध परियोजना और खरगोन उद्वहन सिंचाई परियोजना, कठोरा उद्वहन सिंचाई योजना, अपरवेदा और देजला देवड़ा बांध के साथ ही अन्य सिंचाई परियोजनाओं का पानी नहरों और नदियों में छोड़ा जाए ताकि ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध हो सके। मवेशियों को पीने का पानी मिल सके और किसानों को फसलों के सिंचाई का पानी भी समय पर मिल सके।विज्ञापन
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