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: भाईचारे की मिसाल बनी मुंदी की ईद

Barkat Qureshi / Sat, Jun 7, 2025 / Post views : 351

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भाईचारे की मिसाल बनी मुंदी की ईद   ईदगाह में अकीदतमंदों का सैलाब, गले मिलकर दी एक-दूसरे को मुबारकबाद   मौलाना शिराज ने कराई विशेष नमाज़, देश की सलामती और एकता की मांगी दुआ मुंदी ( संवाददाता इस्हाक़ गौरी)। शनिवार सुबह पुनासा रोड स्थित ईदगाह में जब सैकड़ों अकीदतमंदों ने ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज़ अदा की, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, सौहार्द और समरसता से भर गया। नमाज़ का नेतृत्व मौलाना शिराज साहब ने किया, जिन्होंने देश की सलामती, आपसी भाईचारे और अमन-चैन की ख़ास दुआ माँगी। ईदगाह परिसर में नमाज़ के बाद का दृश्य भावनाओं से भरा हुआ था — लोग गले मिलते रहे, “ईद मुबारक” की आवाज़ें गूंजती रहीं, और हर चेहरा मुस्कराता नजर आया। बच्चों की रौनक, बुजुर्गों की दुआएँ और मिठास से भरा माहौल — सबने मिलकर ईद को ख़ास बना दिया। समाजसेवी ओर नेताओं ने पेश की सौहार्द की मिसाल त्योहार के इस पावन अवसर पर नगर परिषद मुंदी के पूर्व अध्यक्ष लछमन पटेल, लोकेश राठौर, मितेश देसाई, आसाराम पटेल, राजू कानूगो समेत कई समाजसेवी और जनप्रतिनिधि भी ईदगाह पहुँचे। उन्होंने मुस्लिम समाज से गले मिलकर बधाई दी और सभी को शांति, प्रेम और एकता का संदेश दिया। प्रशासन रहा सतर्क, व्यवस्था रही चाक-चौबंद त्योहार को देखते हुए पुलिस विभाग, राजस्व टीम और नगर परिषद की टीमें मौके पर मुस्तैद रहीं। अधिकारियों ने भी व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम का संपन्न होना प्रशासनिक सजगता का प्रतीक रहा। ईद सिर्फ एक त्योहार नहीं, एक एहसास है मुंदी की ईद ने यह साबित कर दिया कि भारत की असली ताक़त उसके मेल-जोल, विविधता और आपसी सम्मान में है। सभी त्योहार लोगों को न सिर्फ़ जोड़ने का काम करते है , बल्कि शहर में सौहार्द की एक सुंदर मिसाल भी पेश करते है ।

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