: "मूंग की फसल लहूलुहान, सरकार है बेज़ुबान!" — कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा
Barkat Qureshi / Fri, Jun 6, 2025 / Post views : 321
"मूंग की फसल लहूलुहान, सरकार है बेज़ुबान!" — कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा
✍️ संवाददाता: ईस्हाक गौरी, मूंदी
मध्य प्रदेश के किसानों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी में लगातार देरी से किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है। इस चुप्पी और लापरवाही को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।
🗣️ गजेंद्र सिंह सोलंकी का जमकर आरोप
“20 मई से पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन अब तक केंद्र को खरीदी का प्रस्ताव नहीं भेजा गया। क्या यही है डबल इंजन सरकार की कार्यशैली?” — प्रदेश कांग्रेस महामंत्री गजेंद्र सिंह सोलंकी ने सरकार की निष्क्रियता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
📉 MSP से नीचे बिक रही उपज
मूंग की फसल इस समय मंडियों में ₹6000 से ₹7000 प्रति क्विंटल बिक रही है, जो सरकारी समर्थन मूल्य से काफी कम है। खासकर हरदा, खंडवा और नर्मदापुरम जैसे जिलों में खरीदी केंद्रों की अनुपस्थिति ने किसानों को बिचौलियों के भरोसे छोड़ दिया है।
⛈️ फसल पर दोहरी मार
असमय बारिश और ओलावृष्टि ने पहले ही मूंग की फसल को नुकसान पहुंचाया था। अब सरकार की उदासीनता ने किसानों की कशमकश और बढ़ा दी है। राहत योजनाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं, जमीन पर उनका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा।
📊 केंद्र की रिपोर्ट ने खोली पोल
हाल ही में जारी केंद्र सरकार की रिपोर्ट "किसानों की आय दोगुनी करना: एक चुनौतीपूर्ण सपना" में मध्य प्रदेश को उन पांच राज्यों में शामिल किया गया है, जहां किसानों की आय दोगुनी होने की संभावना सबसे कम है।
🔊 कांग्रेस की प्रमुख मांगें
मूंग खरीदी के लिए तुरंत केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाए।
प्रदेश के सभी जिलों में MSP पर खरीदी केंद्र खोलने की व्यवस्था हो।
खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
🌾 आगे सोलंकी ने किसान की दशा को व्यक्त करते हुए कहा कि
“जो धरती को सींचे लहू से, वो भूखा क्यों मरे?
जिसके दम से अनाज उगे, वो क्यों आँसू बहाए?”
🧑🌾 किसान पूछ रहा है: मेरी ख़ामोशी की कीमत कब मिलेगी?
अब सवाल सरकार से नहीं, ज़मीर से है —
⚠️ सोलंकी ने कड़क शब्दों में कहा कि
“ यह डबल इंजन की नहीं, डबल धोखे की सरकार है, अगर सरकार ने किसानों की आवाज़ नहीं सुनी, तो वे मजबूरन सड़कों पर उतरेंगे।
✍️ संवाददाता: ईस्हाक गौरी, मूंदी
मध्य प्रदेश के किसानों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी में लगातार देरी से किसानों का आक्रोश फूट पड़ा है। इस चुप्पी और लापरवाही को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।
🗣️ गजेंद्र सिंह सोलंकी का जमकर आरोप
“20 मई से पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन अब तक केंद्र को खरीदी का प्रस्ताव नहीं भेजा गया। क्या यही है डबल इंजन सरकार की कार्यशैली?” — प्रदेश कांग्रेस महामंत्री गजेंद्र सिंह सोलंकी ने सरकार की निष्क्रियता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
📉 MSP से नीचे बिक रही उपज
मूंग की फसल इस समय मंडियों में ₹6000 से ₹7000 प्रति क्विंटल बिक रही है, जो सरकारी समर्थन मूल्य से काफी कम है। खासकर हरदा, खंडवा और नर्मदापुरम जैसे जिलों में खरीदी केंद्रों की अनुपस्थिति ने किसानों को बिचौलियों के भरोसे छोड़ दिया है।
⛈️ फसल पर दोहरी मार
असमय बारिश और ओलावृष्टि ने पहले ही मूंग की फसल को नुकसान पहुंचाया था। अब सरकार की उदासीनता ने किसानों की कशमकश और बढ़ा दी है। राहत योजनाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं, जमीन पर उनका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा।
📊 केंद्र की रिपोर्ट ने खोली पोल
हाल ही में जारी केंद्र सरकार की रिपोर्ट "किसानों की आय दोगुनी करना: एक चुनौतीपूर्ण सपना" में मध्य प्रदेश को उन पांच राज्यों में शामिल किया गया है, जहां किसानों की आय दोगुनी होने की संभावना सबसे कम है।
🔊 कांग्रेस की प्रमुख मांगें
मूंग खरीदी के लिए तुरंत केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाए।
प्रदेश के सभी जिलों में MSP पर खरीदी केंद्र खोलने की व्यवस्था हो।
खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
🌾 आगे सोलंकी ने किसान की दशा को व्यक्त करते हुए कहा कि
“जो धरती को सींचे लहू से, वो भूखा क्यों मरे?
जिसके दम से अनाज उगे, वो क्यों आँसू बहाए?”
🧑🌾 किसान पूछ रहा है: मेरी ख़ामोशी की कीमत कब मिलेगी?
अब सवाल सरकार से नहीं, ज़मीर से है —
⚠️ सोलंकी ने कड़क शब्दों में कहा कि
“ यह डबल इंजन की नहीं, डबल धोखे की सरकार है, अगर सरकार ने किसानों की आवाज़ नहीं सुनी, तो वे मजबूरन सड़कों पर उतरेंगे।विज्ञापन
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