Wed 17 Jun 2026
Logo
Breaking News Exclusive
104 में 104 छात्र पास, 73 ने प्रथम श्रेणी में मारी बाज़ी अम्बेडकर जयंती पर समाजकार्य स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थी ने रखें अपने विचार अवैध हथियारों के साथ युवक गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस ने दो देशी पिस्टल किए बरामद कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 29 धारदार तलवारों के साथ हरियाणा का युवक गिरफ्तार संकल्प से समाधान” अभियान के तहत नागरिकों के आवेदनों का किया जा रहा है निराकरण सरयूपारिण ब्राह्मण महिला मंडल का पारंपरिक हल्दी कुमकुम कार्यक्रम संपन् विशेष संवाददाता लोकेंद्र तिरोले विशेष संवाददाता लोकेंद्र तिरोले विशेष संवाददाता लोकेंद्र तिरोले संवाददाता लोकेंद्र तिरोले

: मूंदी के कासिम गौरी ने रखा पहला रोजा

Barkat Qureshi / Mon, Mar 17, 2025 / Post views : 198

Share:
मूंदी के कासिम गौरी ने रखा पहला रोजा रमज़ान के दौरान, नन्हे-मुन्ने बच्चे भी बड़ों की तरह रोजे रखने और इबादत करने में पीछे नहीं है. रोजा हर मुसलमान आकिल व बालिग पर फर्ज है। माह- ए- रमजान में चांद नजर आते ही पूरी दुनिया का रंग बदलने लगता है और रहमतों की बारिश होने लगती है। ऐसे माहौल में बच्चे कहां पीछे रह सकते हैं। वह भी बड़ों की तरह रोजा रखते हैं। यहां बता दें कि रविवार को तेज गर्मी में बड़े तो बड़े, बच्चे भी अल्लाह के इस रहमत को पाने में पीछे नहीं हटे। मूंदी के वार्ड क्रमांक 03 में रहने वाले सलीम गौरी के 6 वर्षीय बेटे कासिम गौरी ने पहला रोजा रखा कासिम ने रोजा रखकर नमाज़े पढ़ी, कुरान की तिलावत की और देश में शांति और अमन के लिए दुआएँ मांगी. इस दौरान मूंदी समाज के अध्यक्ष डां.वहीद कुरेशी व समाज के वरिष्ठजन आसिफ मलिक,सलामूं खत्री,सलीम धमाका,गब्बर खत्री ने कहा कि रमज़ान के दौरान बच्चों के रोजे रखने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और यह दर्शाता है कि धर्म और आस्था की शिक्षाएं नई पीढ़ी में भी जीवित हैं. कासिम गौरी के वालिद सलीम गौरी ने बताया कि कासिम रमजान माह के शुरूआत से रोजा रखने की जिद कर रहा था छोटा होने के कारण हम झिझक रहे थे लेकिन कल वह जिद पकड लिया कि वह रोजा रखेगा वरना दिन भर खाना नही खायेगा तो बच्चे की अल्लाह के प्रति जज्बा देखकर उसे सेहरी करवाई ओर रोजे की नियत बधवाई।   कासिम के रोजा रखने से कासिम के अभिभावकों ने कासिम गौरी को फूलो का माला पहनाकर उसकी हौसला अफजाई की,और रोजा रखने पर घर के बड़े-बुजुर्गों ने उन्हें रोजा खुलाई दिया। कासिम ने बताया कि रोजा खुलवाई के पेसो से वह कपडे लेगा। ओर पॉचो समय की नमाजो के बाद अपने नगर, मुल्क की तरक्की, खुशहाली व अमन माहौल के लिए दुआए मॉगी।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें