: मॉ मैकलसुता परमार्थ समिति के द्वारा नर्मदा जयन्ती के अवसर पर किया जायेगा विशाल भण्डारा
Barkat Qureshi / Fri, Jan 31, 2025 / Post views : 181
मॉ मैकलसुता परमार्थ समिति के द्वारा नर्मदा जयन्ती के अवसर पर किया जायेगा विशाल भण्डारा
04 फरवरी को नर्मदाजयन्ती के अवसर पर नगर की मां नर्मदा मैकलसुता परमार्थ समिति मूंदी के व्दारा विशाल भण्डारे का आयोजन सुबह 11 बजे से 03 बजे किया गया है। समिति ने इसके लिये व्यापक तैयारी कर ली है। मां नर्मदा मैकलसुता समिति नर्मदा परिक्रमा वासियो के विश्राम और भोजन की व्यवस्थाएं निःशुल्क प्रदान कर रही है। समिति के सदस्य बिना किसी दिखावे के मौन साधक के रूप में नर्मदा परिक्रमावासियो की सेवा में जुटे हुये है। भवन के निर्माण हेतु दानदाता एवं मॉ नर्मदा के परम भक्त श्री अशोक राठौर ने अपना निजी भूखण्ड दान किया था। जिस पर दानदाताओ के सहयोग से नर्मदा परिक्रमावासियो के लिये सुविधाओं से परिपूर्ण भवन का निर्माण कराया है। यहा पर प्रतिदिन बडी संख्या में नर्मदा परिक्रमावासी मां नर्मदा मैकलसुता समिति के सुविधायुक्त भवन में आकर विश्राम लाभ लेते है।
अध्यक्ष अशोक राठोर, उपाध्यक्ष विक्रम दादा चौहान, सचिव कमलेश कोठारी,कोषाध्यक्ष मिश्रीलाल देशला, सदस्य बसन्त चन्द्रवंशी,संतोष विश्वकर्मा, दुर्गा दादा,सेवकराम पटेल सहित अन्य सदस्यो ने बताया कि मैकलसुता मां नर्मदा का जन्मोत्सव पूरी श्रद्घा व उल्लास के साथ उत्सवपूर्वक मनाया जायेगा। वहीं 04 जनवरी 2025 को विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जायेगा।
राजेश सोनी, प्रदीप पाल ने बताया कि नर्मदा जयंती पर नर्मदा नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि आती है. मॉ नर्मदा के किनारे 84 लाख शिवलिंगों की श्रंखला है जिसे तीन साल, तीन माह, 13 दिन में लगभग 3700 किलोमीटर पैदल चलकर देखा जा सकता है। नर्मदा पाप नहीं धोती अपितु पापों से बचाती है।
04 फरवरी को नर्मदाजयन्ती के अवसर पर नगर की मां नर्मदा मैकलसुता परमार्थ समिति मूंदी के व्दारा विशाल भण्डारे का आयोजन सुबह 11 बजे से 03 बजे किया गया है। समिति ने इसके लिये व्यापक तैयारी कर ली है। मां नर्मदा मैकलसुता समिति नर्मदा परिक्रमा वासियो के विश्राम और भोजन की व्यवस्थाएं निःशुल्क प्रदान कर रही है। समिति के सदस्य बिना किसी दिखावे के मौन साधक के रूप में नर्मदा परिक्रमावासियो की सेवा में जुटे हुये है। भवन के निर्माण हेतु दानदाता एवं मॉ नर्मदा के परम भक्त श्री अशोक राठौर ने अपना निजी भूखण्ड दान किया था। जिस पर दानदाताओ के सहयोग से नर्मदा परिक्रमावासियो के लिये सुविधाओं से परिपूर्ण भवन का निर्माण कराया है। यहा पर प्रतिदिन बडी संख्या में नर्मदा परिक्रमावासी मां नर्मदा मैकलसुता समिति के सुविधायुक्त भवन में आकर विश्राम लाभ लेते है।
अध्यक्ष अशोक राठोर, उपाध्यक्ष विक्रम दादा चौहान, सचिव कमलेश कोठारी,कोषाध्यक्ष मिश्रीलाल देशला, सदस्य बसन्त चन्द्रवंशी,संतोष विश्वकर्मा, दुर्गा दादा,सेवकराम पटेल सहित अन्य सदस्यो ने बताया कि मैकलसुता मां नर्मदा का जन्मोत्सव पूरी श्रद्घा व उल्लास के साथ उत्सवपूर्वक मनाया जायेगा। वहीं 04 जनवरी 2025 को विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जायेगा।
राजेश सोनी, प्रदीप पाल ने बताया कि नर्मदा जयंती पर नर्मदा नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि आती है. मॉ नर्मदा के किनारे 84 लाख शिवलिंगों की श्रंखला है जिसे तीन साल, तीन माह, 13 दिन में लगभग 3700 किलोमीटर पैदल चलकर देखा जा सकता है। नर्मदा पाप नहीं धोती अपितु पापों से बचाती है।विज्ञापन
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