: सपनों ने जब परिश्रम का हाथ थामा, तब बना इतिहास – अरिहंत के श्रवण ने जिले में रचा गौरव
Barkat Qureshi / Wed, May 7, 2025 / Post views : 272
सपनों ने जब परिश्रम का हाथ थामा, तब बना इतिहास – अरिहंत के श्रवण ने जिले में रचा गौरव
संवाददाता इस्हाक़ मुंदी
"जहाँ चाह होती है, वहाँ राह स्वयं बन जाती है।" इस कहावत को सच कर दिखाया है अरिहंत पब्लिक स्कूल के होनहार छात्र श्रवण लौवंशी ने, जिन्होंने कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में 97% अंकों के साथ ज़िले में तीसरा स्थान अर्जित कर विद्यालय, माता-पिता और पूरे क्षेत्र को गौरव से भर दिया।
श्रवण ने गणित विषय में पूर्ण 100 में से 100 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और गहरी समझ का अद्भुत परिचय दिया। उनका यह परिणाम उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है जो अपने लक्ष्य के लिए निष्ठापूर्वक प्रयासरत हैं।
इसी गौरवशाली कड़ी में कक्षा बारहवीं की छात्रा सुकृति जैन ने 93% अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि विद्यालय को भी सम्मान का अनुभव कराया। उनके अंकों में न केवल विद्या की गहराई है, बल्कि उस आत्मविश्वास की चमक भी है जो अरिहंत की शिक्षा प्रणाली से झलकती है।
विद्यालय के शिक्षक ने कहा, "ये परिणाम मात्र अंक नहीं, बल्कि हमारे विद्यार्थियों के सपनों की ऊँचाई का प्रमाण हैं। हमें गर्व है कि अरिहंत की कक्षाओं से ऐसे सितारे निकलते हैं जो समाज को आलोकित करते हैं।"
वरिष्ठ शिक्षक ने कहा, "श्रवण और सुकृति जैसी प्रतिभाएं हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। इनका समर्पण, शिष्टाचार और निरंतर अभ्यास आज उन्हें इस मुकाम तक लाया है।"
इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय प्रांगण में हर्ष की लहर दौड़ी, बल्कि माता-पिता की आँखों में गर्व और नम्रता का अनुपम संगम देखा गया। रिश्तेदारों, मित्रों और समाजजनों ने विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाओं और आशीर्वादों से नवाज़ा।
अरिहंत पब्लिक स्कूल परिवार की ओर से सफल विद्यार्थियों को ढेरों शुभकामनाएं और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं प्रेषित की गई हैं। विद्यालय का यह स्वर्णिम क्षण आने वाले वर्षों के लिए एक प्रेरणादायी अध्याय बन गया है।
संवाददाता इस्हाक़ मुंदी
"जहाँ चाह होती है, वहाँ राह स्वयं बन जाती है।" इस कहावत को सच कर दिखाया है अरिहंत पब्लिक स्कूल के होनहार छात्र श्रवण लौवंशी ने, जिन्होंने कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में 97% अंकों के साथ ज़िले में तीसरा स्थान अर्जित कर विद्यालय, माता-पिता और पूरे क्षेत्र को गौरव से भर दिया।
श्रवण ने गणित विषय में पूर्ण 100 में से 100 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और गहरी समझ का अद्भुत परिचय दिया। उनका यह परिणाम उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है जो अपने लक्ष्य के लिए निष्ठापूर्वक प्रयासरत हैं।
इसी गौरवशाली कड़ी में कक्षा बारहवीं की छात्रा सुकृति जैन ने 93% अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि विद्यालय को भी सम्मान का अनुभव कराया। उनके अंकों में न केवल विद्या की गहराई है, बल्कि उस आत्मविश्वास की चमक भी है जो अरिहंत की शिक्षा प्रणाली से झलकती है।
विद्यालय के शिक्षक ने कहा, "ये परिणाम मात्र अंक नहीं, बल्कि हमारे विद्यार्थियों के सपनों की ऊँचाई का प्रमाण हैं। हमें गर्व है कि अरिहंत की कक्षाओं से ऐसे सितारे निकलते हैं जो समाज को आलोकित करते हैं।"
वरिष्ठ शिक्षक ने कहा, "श्रवण और सुकृति जैसी प्रतिभाएं हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। इनका समर्पण, शिष्टाचार और निरंतर अभ्यास आज उन्हें इस मुकाम तक लाया है।"
इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय प्रांगण में हर्ष की लहर दौड़ी, बल्कि माता-पिता की आँखों में गर्व और नम्रता का अनुपम संगम देखा गया। रिश्तेदारों, मित्रों और समाजजनों ने विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाओं और आशीर्वादों से नवाज़ा।
अरिहंत पब्लिक स्कूल परिवार की ओर से सफल विद्यार्थियों को ढेरों शुभकामनाएं और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं प्रेषित की गई हैं। विद्यालय का यह स्वर्णिम क्षण आने वाले वर्षों के लिए एक प्रेरणादायी अध्याय बन गया है।विज्ञापन
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