: हरसूद की होनहार छात्रा आलिया गौरी ने 10वीं बोर्ड में रचा इतिहास
Barkat Qureshi / Tue, May 6, 2025 / Post views : 239
हरसूद की होनहार छात्रा आलिया गौरी ने 10वीं बोर्ड में रचा इतिहास
92% अंक प्राप्त कर स्कूल में प्रथम स्थान, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर
संवाददाता: इस्हाक गौरी, मूंदी
सेंट स्टीफन कॉन्वेंट स्कूल, छनेरा न्यू हरसूद की छात्रा आलिया गौरी ने एमपी बोर्ड 10वीं परीक्षा में 500 में से 464 अंक (92%) प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से आलिया ने न केवल अपने परिवार और विद्यालय, बल्कि पूरे हरसूद का नाम गौरव से ऊँचा कर दिया है।
सपनों को साकार करती आलिया
हरसूद निवासी आलिया, पिता जावेद गौरी की पुत्री हैं। अपनी मेहनत और लगन के बलबूते उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। आलिया ने बताया कि उनकी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग, दादा-दादी के आशीर्वाद और शिक्षकों के मार्गदर्शन को जाता है। “मेरे लिए पढ़ाई एक जुनून है। यह सफलता सिर्फ मेरी नहीं, पूरे परिवार की जीत है,” उन्होंने कहा।
दादा-दादी की दुआओं ने दिया संबल
आलिया के दादा हाजी सादिक गौरी ने कहा, “आलिया शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही है। वह रोज़ाना घंटों पढ़ाई करती थी। उसकी मेहनत और समर्पण देखकर हमें पूरा विश्वास था कि वह एक दिन कुछ बड़ा करेगी। आज हमें उस पर गर्व है।”
हरसूद में उत्सव जैसा माहौल
आलिया की सफलता की खबर फैलते ही हरसूद में खुशी की लहर दौड़ गई। रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और मोहल्लेवालों ने उनके घर पहुँचकर बधाइयाँ दीं, मिठाइयाँ बांटीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रेरणा बनी हरसूद की बेटी
आलिया की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि यदि मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार का साथ हो तो छोटे कस्बों से भी बड़ी उड़ान भरी जा सकती है —
संवाददाता: इस्हाक गौरी, मूंदी
सेंट स्टीफन कॉन्वेंट स्कूल, छनेरा न्यू हरसूद की छात्रा आलिया गौरी ने एमपी बोर्ड 10वीं परीक्षा में 500 में से 464 अंक (92%) प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि से आलिया ने न केवल अपने परिवार और विद्यालय, बल्कि पूरे हरसूद का नाम गौरव से ऊँचा कर दिया है।
सपनों को साकार करती आलिया
हरसूद निवासी आलिया, पिता जावेद गौरी की पुत्री हैं। अपनी मेहनत और लगन के बलबूते उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। आलिया ने बताया कि उनकी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग, दादा-दादी के आशीर्वाद और शिक्षकों के मार्गदर्शन को जाता है। “मेरे लिए पढ़ाई एक जुनून है। यह सफलता सिर्फ मेरी नहीं, पूरे परिवार की जीत है,” उन्होंने कहा।
दादा-दादी की दुआओं ने दिया संबल
आलिया के दादा हाजी सादिक गौरी ने कहा, “आलिया शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही है। वह रोज़ाना घंटों पढ़ाई करती थी। उसकी मेहनत और समर्पण देखकर हमें पूरा विश्वास था कि वह एक दिन कुछ बड़ा करेगी। आज हमें उस पर गर्व है।”
हरसूद में उत्सव जैसा माहौल
आलिया की सफलता की खबर फैलते ही हरसूद में खुशी की लहर दौड़ गई। रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और मोहल्लेवालों ने उनके घर पहुँचकर बधाइयाँ दीं, मिठाइयाँ बांटीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रेरणा बनी हरसूद की बेटी
आलिया की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि यदि मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार का साथ हो तो छोटे कस्बों से भी बड़ी उड़ान भरी जा सकती है —विज्ञापन
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