: "हरियाली से ही खुशहाली" – मियावाकी पद्धति से वन निर्माण का संदेश लेकर ग्राम रोशनी पहुँचे कलेक्टर ऋषव गुप्ता
Barkat Qureshi / Fri, Jun 6, 2025 / Post views : 550
"हरियाली से ही खुशहाली" – मियावाकी पद्धति से वन निर्माण का संदेश लेकर ग्राम रोशनी पहुँचे कलेक्टर ऋषव गुप्ता
विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण, गौशाला निरीक्षण और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल
संवाददाता: इम्तियाज़ गौरी, हरसूद
खंडवा जिले के खालवा विकासखंड की ग्राम पंचायत रोशनी ने इस विश्व पर्यावरण दिवस पर सचमुच अपने नाम को सार्थक किया। कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता के नेतृत्व में यहां प्रकृति, पशुसेवा और जनभागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला।
🌱 मियावाकी तकनीक से 1700 पौधों का रोपण – एक हरित भविष्य की ओर कदम
कलेक्टर श्री गुप्ता ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्कूली बच्चों के साथ मिलकर मियावाकी पद्धति से पौधरोपण किया। कुल 1700 पौधों को रोपा गया — जो आने वाले वर्षों में एक घना, जैवविविधता युक्त जंगल बनकर गांव को हरियाली का उपहार देंगे।
उन्होंने कहा,
"अगर हम वर्षा से पहले पौधे लगा लें, तो बादलों की बूंदें केवल धरती को नहीं, हमारे भविष्य को भी सींचेंगी।"
मियावाकी तकनीक की सराहना करते हुए उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया।
🐄 गोसेवा और नवाचार: गौकास्ट मशीन का लोकार्पण
कलेक्टर श्री गुप्ता ने मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना के तहत संचालित शासकीय गौशाला का निरीक्षण किया, जहाँ गोबर से बायोगैस, जैविक खाद और “गौकास्ट” (गोबर से बनी लकड़ी) का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने गौकास्ट बनाने वाली मशीन का शुभारंभ करते हुए कहा:
"गोबर सिर्फ अपशिष्ट नहीं, नवाचार का आधार बन सकता है — जब सोच समर्पण से जुड़ती है।"
गौशाला में आचार्य विद्यासागर डेयरी योजना के अंतर्गत डेयरी इकाई का संचालन भी हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को आय का नया स्रोत मिला है।
👩🌾 महिलाएं बनीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
आजीविका मिशन के तहत कार्यरत स्व-सहायता समूहों की दीदियों से संवाद कर कलेक्टर ने उनके कार्यों की सराहना की। "राधे कृष्णा समूह" द्वारा गौकास्ट का निर्माण, "दिव्य शक्ति समूह" की पोषण वाटिका, मोरिंगा रोपण और जैविक खाद निर्माण – ये सब ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की गवाही देते हैं।
कलेक्टर ने कहा:
"जहां महिलाएं आगे बढ़ीं, वहां गांवों ने समृद्धि की राह पकड़ी।"
उन्होंने समूहों को डिजिटल मार्केटिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग जैसे नवाचारों की ओर भी ध्यान देने की सलाह दी।
🌍 सामूहिक प्रयासों से ही आएगा सतत विकास
अंत में श्री गुप्ता ने ग्रामीणों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन की पहल न मानें, बल्कि इसे जीवनशैली बनाएं। उन्होंने कहा:
"प्रकृति हमारी ज़िम्मेदारी है, न कि केवल हमारी संपत्ति। आने वाली पीढ़ियों को अगर हरा कल चाहिए, तो हमें आज से शुरुआत करनी होगी।"
इस प्रेरणादायक आयोजन में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दिव्यदित्य शाह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती टीना पंवार, स्कूल के छात्र-छात्राएं, स्व सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
संवाददाता: इम्तियाज़ गौरी, हरसूद
खंडवा जिले के खालवा विकासखंड की ग्राम पंचायत रोशनी ने इस विश्व पर्यावरण दिवस पर सचमुच अपने नाम को सार्थक किया। कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता के नेतृत्व में यहां प्रकृति, पशुसेवा और जनभागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला।
🌱 मियावाकी तकनीक से 1700 पौधों का रोपण – एक हरित भविष्य की ओर कदम
कलेक्टर श्री गुप्ता ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्कूली बच्चों के साथ मिलकर मियावाकी पद्धति से पौधरोपण किया। कुल 1700 पौधों को रोपा गया — जो आने वाले वर्षों में एक घना, जैवविविधता युक्त जंगल बनकर गांव को हरियाली का उपहार देंगे।
उन्होंने कहा,
"अगर हम वर्षा से पहले पौधे लगा लें, तो बादलों की बूंदें केवल धरती को नहीं, हमारे भविष्य को भी सींचेंगी।"
मियावाकी तकनीक की सराहना करते हुए उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया।
🐄 गोसेवा और नवाचार: गौकास्ट मशीन का लोकार्पण
कलेक्टर श्री गुप्ता ने मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना के तहत संचालित शासकीय गौशाला का निरीक्षण किया, जहाँ गोबर से बायोगैस, जैविक खाद और “गौकास्ट” (गोबर से बनी लकड़ी) का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने गौकास्ट बनाने वाली मशीन का शुभारंभ करते हुए कहा:
"गोबर सिर्फ अपशिष्ट नहीं, नवाचार का आधार बन सकता है — जब सोच समर्पण से जुड़ती है।"
गौशाला में आचार्य विद्यासागर डेयरी योजना के अंतर्गत डेयरी इकाई का संचालन भी हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को आय का नया स्रोत मिला है।
👩🌾 महिलाएं बनीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़
आजीविका मिशन के तहत कार्यरत स्व-सहायता समूहों की दीदियों से संवाद कर कलेक्टर ने उनके कार्यों की सराहना की। "राधे कृष्णा समूह" द्वारा गौकास्ट का निर्माण, "दिव्य शक्ति समूह" की पोषण वाटिका, मोरिंगा रोपण और जैविक खाद निर्माण – ये सब ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की गवाही देते हैं।
कलेक्टर ने कहा:
"जहां महिलाएं आगे बढ़ीं, वहां गांवों ने समृद्धि की राह पकड़ी।"
उन्होंने समूहों को डिजिटल मार्केटिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग जैसे नवाचारों की ओर भी ध्यान देने की सलाह दी।
🌍 सामूहिक प्रयासों से ही आएगा सतत विकास
अंत में श्री गुप्ता ने ग्रामीणों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिन की पहल न मानें, बल्कि इसे जीवनशैली बनाएं। उन्होंने कहा:
"प्रकृति हमारी ज़िम्मेदारी है, न कि केवल हमारी संपत्ति। आने वाली पीढ़ियों को अगर हरा कल चाहिए, तो हमें आज से शुरुआत करनी होगी।"
इस प्रेरणादायक आयोजन में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दिव्यदित्य शाह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, जनपद पंचायत सीईओ श्रीमती टीना पंवार, स्कूल के छात्र-छात्राएं, स्व सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।विज्ञापन
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