: 7 व 10 साल के मासूम बच्चे भी कर रहे फर्ज अदा, रख रहे है रोजा, कर रहे नियमों का पालन
Barkat Qureshi / Wed, Mar 5, 2025 / Post views : 201
7 व 10 साल के मासूम बच्चे भी कर रहे फर्ज अदा, रख रहे है रोजा, कर रहे नियमों का पालन
मूंदी में 7 साल की बच्ची जौया गौरी व 10 साल के बच्चे जैद गौरी ने रोजे रखकर खुदा के सामने एक आयाम पेश किया है. दोनो मासूम बच्चो ने रमजान के इस पवित्र महीने में रोजे रखकर न सिर्फ खुदा के सामने एक आयाम पेश किया है बल्कि एक संदेश भी दिया है.
दरअसल, एक महीने तक चलने वाला माहे रमजान का यह पाक महीना शुरू हो चुका है. रमजान के इस महीने में अलग-अलग जगहों से अनोखी तस्वीर निकलकर सामने आती है कुछ ऐसी ही तस्वीर खंडवा जिले के नगर मूंदी से निकलकर सामने आई है जहां अशफाक गौरी की 7 साल की बेटी जौया गौरी एवं 10 साल का बेटा जैद गौरी ने के आज तीन रोजे रख कर खुदा के सामने आयाम पेश किया है. वहीं आज दिन में तीन रोजे मुकम्मल होने पर बच्चो के अभिभावकों ने बच्ची को फूल का माला पहनाकर उसकी हौसला अफजाई की.
जैद व जौया गौरी ने बताया कि उन्होने बडो से सुना है कि अल्लाह रोजेदार की दुआ फौरन सुनते है ओर वे बडो से ही प्रेरणा लेकर ये रोजे रखे है उनको बडो के साथ सहरी व अफतार करना बहॅुत अच्छा लगाता है ओर वे पॉचो समय की नमाजो के बाद अपने नगर, मुल्क की तरक्की, खुशहाली व अमन माहौल के लिए दुआए माग रहे है
मूंदी में 7 साल की बच्ची जौया गौरी व 10 साल के बच्चे जैद गौरी ने रोजे रखकर खुदा के सामने एक आयाम पेश किया है. दोनो मासूम बच्चो ने रमजान के इस पवित्र महीने में रोजे रखकर न सिर्फ खुदा के सामने एक आयाम पेश किया है बल्कि एक संदेश भी दिया है.
दरअसल, एक महीने तक चलने वाला माहे रमजान का यह पाक महीना शुरू हो चुका है. रमजान के इस महीने में अलग-अलग जगहों से अनोखी तस्वीर निकलकर सामने आती है कुछ ऐसी ही तस्वीर खंडवा जिले के नगर मूंदी से निकलकर सामने आई है जहां अशफाक गौरी की 7 साल की बेटी जौया गौरी एवं 10 साल का बेटा जैद गौरी ने के आज तीन रोजे रख कर खुदा के सामने आयाम पेश किया है. वहीं आज दिन में तीन रोजे मुकम्मल होने पर बच्चो के अभिभावकों ने बच्ची को फूल का माला पहनाकर उसकी हौसला अफजाई की.
जैद व जौया गौरी ने बताया कि उन्होने बडो से सुना है कि अल्लाह रोजेदार की दुआ फौरन सुनते है ओर वे बडो से ही प्रेरणा लेकर ये रोजे रखे है उनको बडो के साथ सहरी व अफतार करना बहॅुत अच्छा लगाता है ओर वे पॉचो समय की नमाजो के बाद अपने नगर, मुल्क की तरक्की, खुशहाली व अमन माहौल के लिए दुआए माग रहे हैविज्ञापन
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