: "एक बेटे की याद में उठी आवाज़ — अब और कोई आनंद न खोए" गोराड़िया में 50 युवाओं को बाँटे गए हेलमेट, शोक को बनाया जन-जागरण का संदेश
Barkat Qureshi / Fri, May 16, 2025 / Post views : 258
"एक बेटे की याद में उठी आवाज़ — अब और कोई आनंद न खोए"
गोराड़िया में 50 युवाओं को बाँटे गए हेलमेट, शोक को बनाया जन-जागरण का संदेश
इस्हाक गौरी (मूंदी)
ग्राम पंचायत गोराड़िया में जब सरपंच प्रतिनिधि मुकेश सिंह सावनेर ने अपने दिवंगत पुत्र स्व. आनंद सिंह सावनेर की पुण्यतिथि पर 50 युवाओं को हेलमेट वितरित किए, तो वह आयोजन मात्र एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि एक पिता की पीड़ा से उपजा जन-संदेश बन गया।
यह एक चेतावनी थी – सड़क पर ज़रा सी लापरवाही ज़िंदगी को लील सकती है।
यह एक पुकार थी – कि अपने बच्चों को सुरक्षित देखना है तो उन्हें जिम्मेदारी सिखानी होगी।
और यह एक भाव था – उस रिक्तता का, जिसे सिर्फ वही जान सकता है जिसने अपने जीवन का सबसे अनमोल हिस्सा खोया हो।
मुकेश सिंह सावनेर ने नम आंखों से कहा –
"अगर मेरा बेटा हेलमेट पहने होता... तो शायद आज वो हमारी बाहों में होता।"
उनके इन शब्दों ने उपस्थित जनसमूह की आत्मा को झकझोर दिया। एक पल को सन्नाटा छा गया — और फिर उठी वह भावना, जो एक पिता की पीड़ा से जन-कल्याण का प्रण बन गई।
आनंद की स्मृति से जागी चेतना – दुःख से उपजा संकल्प
5 मई की शाम, आनंद सिंह एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ। उसने हेलमेट नहीं पहना था, और सिर पर आई चोट घातक साबित हुई।
पर पिता ने शोक को रोने में नहीं, चेताने में बदला।
उन्होंने ठान लिया –
"अगर आनंद की मौत किसी और की जान बचा सके, तो वह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।"
गुरुवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में, मूंदी व जावर थानों के पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गाँव के 50 युवाओं को हेलमेट बाँटे गए।
सामाजिक संगठनों व नेताओं ने की पहल की सराहना
इस कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन प्रमुख उपस्थित थे, जिन्होंने इसे "जन-जागरण का पथदर्शी उदाहरण" बताया।
मान्धाता विधायक नारायण पटेल ने कहा –
"अगर पुलिस बिना हेलमेट वालों पर चालान करती है, तो हम उसका समर्थन करेंगे। यह कानून नहीं, जीवन रक्षा का सवाल है।"
करणी सेना जिलाध्यक्ष दिग्विजय सिंह 'शंटु दादा' ने कहा –
"आनंद अब हमारे बीच नहीं है, पर उसकी याद आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा बन जाए – यही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।"
गौरवशाली उपस्थिति, मौन में गूंजता संकल्प
इस ऐतिहासिक आयोजन में मान्धाता विधायक नारायण पटेल, करणी सेना जिलाध्यक्ष दिग्विजय सिंह 'शंटु दादा', क्षत्रिय महासभा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान (कुसुम्बीया), जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सिंह चौहान (धारकवाड़ी), विक्रम सिंह चौहान, महंत विजय बहादुर सिंह, जय पाटील, राजपाल सिंह चौहान, राजेश सिंह बछानिया सहित कई गणमान्यजन उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन शिवराज सिंह चौहान (राजपूत समाज ट्रस्ट, मूंदी) ने किया।
गोराड़िया, बीड़ और आसपास के गाँवों से उमड़े सैकड़ों लोग मौन खड़े थे।
हर आंख नम थी – पर उस मौन में एक दृढ़ निश्चय था:
"अब कोई और आनंद नहीं खोएगा।"
इस्हाक गौरी (मूंदी)
ग्राम पंचायत गोराड़िया में जब सरपंच प्रतिनिधि मुकेश सिंह सावनेर ने अपने दिवंगत पुत्र स्व. आनंद सिंह सावनेर की पुण्यतिथि पर 50 युवाओं को हेलमेट वितरित किए, तो वह आयोजन मात्र एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि एक पिता की पीड़ा से उपजा जन-संदेश बन गया।
यह एक चेतावनी थी – सड़क पर ज़रा सी लापरवाही ज़िंदगी को लील सकती है।
यह एक पुकार थी – कि अपने बच्चों को सुरक्षित देखना है तो उन्हें जिम्मेदारी सिखानी होगी।
और यह एक भाव था – उस रिक्तता का, जिसे सिर्फ वही जान सकता है जिसने अपने जीवन का सबसे अनमोल हिस्सा खोया हो।
मुकेश सिंह सावनेर ने नम आंखों से कहा –
"अगर मेरा बेटा हेलमेट पहने होता... तो शायद आज वो हमारी बाहों में होता।"
उनके इन शब्दों ने उपस्थित जनसमूह की आत्मा को झकझोर दिया। एक पल को सन्नाटा छा गया — और फिर उठी वह भावना, जो एक पिता की पीड़ा से जन-कल्याण का प्रण बन गई।
आनंद की स्मृति से जागी चेतना – दुःख से उपजा संकल्प
5 मई की शाम, आनंद सिंह एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ। उसने हेलमेट नहीं पहना था, और सिर पर आई चोट घातक साबित हुई।
पर पिता ने शोक को रोने में नहीं, चेताने में बदला।
उन्होंने ठान लिया –
"अगर आनंद की मौत किसी और की जान बचा सके, तो वह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।"
गुरुवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में, मूंदी व जावर थानों के पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गाँव के 50 युवाओं को हेलमेट बाँटे गए।
सामाजिक संगठनों व नेताओं ने की पहल की सराहना
इस कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन प्रमुख उपस्थित थे, जिन्होंने इसे "जन-जागरण का पथदर्शी उदाहरण" बताया।
मान्धाता विधायक नारायण पटेल ने कहा –
"अगर पुलिस बिना हेलमेट वालों पर चालान करती है, तो हम उसका समर्थन करेंगे। यह कानून नहीं, जीवन रक्षा का सवाल है।"
करणी सेना जिलाध्यक्ष दिग्विजय सिंह 'शंटु दादा' ने कहा –
"आनंद अब हमारे बीच नहीं है, पर उसकी याद आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा बन जाए – यही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।"
गौरवशाली उपस्थिति, मौन में गूंजता संकल्प
इस ऐतिहासिक आयोजन में मान्धाता विधायक नारायण पटेल, करणी सेना जिलाध्यक्ष दिग्विजय सिंह 'शंटु दादा', क्षत्रिय महासभा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान (कुसुम्बीया), जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सिंह चौहान (धारकवाड़ी), विक्रम सिंह चौहान, महंत विजय बहादुर सिंह, जय पाटील, राजपाल सिंह चौहान, राजेश सिंह बछानिया सहित कई गणमान्यजन उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन शिवराज सिंह चौहान (राजपूत समाज ट्रस्ट, मूंदी) ने किया।
गोराड़िया, बीड़ और आसपास के गाँवों से उमड़े सैकड़ों लोग मौन खड़े थे।
हर आंख नम थी – पर उस मौन में एक दृढ़ निश्चय था:
"अब कोई और आनंद नहीं खोएगा।"विज्ञापन
विज्ञापन