: काग्रेस नेता गजेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी और छलावा भाजपा सरकार की आदत बन गई है
Barkat Qureshi / Wed, Mar 5, 2025 / Post views : 316
काग्रेस नेता गजेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि
किसानों के साथ धोखाधड़ी और छलावा भाजपा सरकार की आदत बन गई है
मान्धाता क्षैत्र के काग्रेस नेता किसानो के हमदर्द गजेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि किसान की गेहूं की फसल पककर तैयार हो चुकी है, तब सरकार की आंख खुली और व्यापारियों के लिए गेहूं का स्टॉक सीमित कर दिया। गेहूं का स्टॉक सीमित करने के कारण मंडीयो में गेहूं की कीमत में सीधे तौर पर 300 से ₹400 प्रति क्विंटल का किसानों को नुकसान हो रहा है। एक तरफ तो भाजपा सरकार स्वयं को किसान हितेषी बताती है, एवं वहीं दूसरी और किसानों के साथ लूटमार एवं अत्याचार से पीछे नहीं हटती।
मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस महासचिव जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री ग्रामीण खंडवा गजेंद्र सिंह सोलंकी ने भाजपा सरकार पर खुले तौर पर किसानों के साथ दोगली नीति अपनाने का आरोप लगाया एवं मध्य प्रदेश की एवं केंद्र की भाजपा सरकार से सवाल उठाया की हर तरफ से किसानों के साथ छल किया जाता है बोनी के समय खाद का संकट फिर पानी का संकट फिर बिजली का संकट और जो फसल पककर तैयार हो जाती है तो उचित भाव का संकट हो जाता है। किसान बेचारा जाए तो कहां जाए। इस वर्ष मौसम ने साथ दिया, फसले अच्छी पैदा होने के असर है, मगर भाजपा सरकार को किसानों की खुशी फूटी आंख नहीं सुहाती, तभी तो गेहूं खरीदी का स्टाक लिमिट का नियम लागू किया।
प्रदेश महासचिव श्री सोलंकी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से इस फैसले को किसानों के हित को देखते हुए यह फेसला वापस लिया जाए । प्रदेश में देश की सरकार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किसानों का शोषण किया जा रहा है, एक और सरकार करोड़ों रुपए के विज्ञापन टीवी एवं समाचार पत्रों में लगवा रही कि सरकार किसानों के गेहू समर्थन मूल्य पर खरीदने की इसलिए अब सरकार अपने वायदे के अनुसार₹3000 प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की किसानों से खरीदी की जानी चाहिए
मान्धाता क्षैत्र के काग्रेस नेता किसानो के हमदर्द गजेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि किसान की गेहूं की फसल पककर तैयार हो चुकी है, तब सरकार की आंख खुली और व्यापारियों के लिए गेहूं का स्टॉक सीमित कर दिया। गेहूं का स्टॉक सीमित करने के कारण मंडीयो में गेहूं की कीमत में सीधे तौर पर 300 से ₹400 प्रति क्विंटल का किसानों को नुकसान हो रहा है। एक तरफ तो भाजपा सरकार स्वयं को किसान हितेषी बताती है, एवं वहीं दूसरी और किसानों के साथ लूटमार एवं अत्याचार से पीछे नहीं हटती।
मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस महासचिव जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री ग्रामीण खंडवा गजेंद्र सिंह सोलंकी ने भाजपा सरकार पर खुले तौर पर किसानों के साथ दोगली नीति अपनाने का आरोप लगाया एवं मध्य प्रदेश की एवं केंद्र की भाजपा सरकार से सवाल उठाया की हर तरफ से किसानों के साथ छल किया जाता है बोनी के समय खाद का संकट फिर पानी का संकट फिर बिजली का संकट और जो फसल पककर तैयार हो जाती है तो उचित भाव का संकट हो जाता है। किसान बेचारा जाए तो कहां जाए। इस वर्ष मौसम ने साथ दिया, फसले अच्छी पैदा होने के असर है, मगर भाजपा सरकार को किसानों की खुशी फूटी आंख नहीं सुहाती, तभी तो गेहूं खरीदी का स्टाक लिमिट का नियम लागू किया।
प्रदेश महासचिव श्री सोलंकी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से इस फैसले को किसानों के हित को देखते हुए यह फेसला वापस लिया जाए । प्रदेश में देश की सरकार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किसानों का शोषण किया जा रहा है, एक और सरकार करोड़ों रुपए के विज्ञापन टीवी एवं समाचार पत्रों में लगवा रही कि सरकार किसानों के गेहू समर्थन मूल्य पर खरीदने की इसलिए अब सरकार अपने वायदे के अनुसार₹3000 प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की किसानों से खरीदी की जानी चाहिएविज्ञापन
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