: कार्यकर्ताओं में उल्लास, मूंदी से खंडवा तक गूंजा एक ही नाम: "सोनू भाई ज़िंदाबाद!"
Barkat Qureshi / Wed, May 14, 2025 / Post views : 200
खंडवा की धरती से निकली लहर — मूंदी के लाल सोनू खान ने भरा जिला महासचिव पद का नामांकन
कार्यकर्ताओं में उल्लास, मूंदी से खंडवा तक गूंजा एक ही नाम: "सोनू भाई ज़िंदाबाद!"
संवाददाता : इस्हाक़ गौरी, मूंदी
खंडवा जिले की राजनीति में आज मंगलवार को एक ऐतिहासिक मोड़ आया, जब मूंदी की धरती से निकले युवा और कर्मठ नेता ईम्तियाज उर्फ़ सोनू खान ने यूथ कांग्रेस जिला महासचिव पद के लिए नामांकन दाखिल किया।
यह नामांकन मात्र एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक विचारधारा की दस्तक है — नई सोच, नई ऊर्जा और ज़मीन से जुड़े नेतृत्व की पहली सीढ़ी।
मूंदी में जश्न का माहौल, कार्यकर्ताओं में उमंग की लहर
जैसे ही यह खबर सामने आई, मूंदी की गलियों, चौक-चौराहों पर खुशी की लहर दौड़ गई, और हर गली में एक ही नारा गूंजा — "सोनू भाई ज़िंदाबाद!"
“यह पद नहीं, ज़िम्मेदारी है”: सोनू खान
मीडिया से बातचीत में सोनू खान ने कहा:
"मैं कुर्सी के लिए नहीं, कार्यकर्ता की कुर्बानी के लिए मैदान में हूँ। यह पद नहीं, एक ज़िम्मेदारी है। संगठन मेरा परिवार है, और कार्यकर्ता उसकी आत्मा। मैं उन हर आवाज़ का प्रतिनिधित्व करूंगा, जो किसी गली-कस्बे में बिना स्वार्थ संगठन के लिए जीते हैं। ये नामांकन उनके संघर्ष की गूंज है।"
“हर आंधी में साथ खड़ा चेहरा”: साथियों ने किया गुणगान
सोनू खान के साथियों ने इस अवसर पर कहा:
"सोनू वह नाम है, जो मंचों पर नहीं, मैदानों में बनता है। वह हर आंदोलन की अगली कतार में दिखता है, हर संगठनात्मक चर्चा में सजग रहता है और हर युवा की समस्या को अपनी समझता है।"
खंडवा की राजनीति लंबे समय से ऐसे युवा नेतृत्व की प्रतीक्षा में थी — जो पद की नहीं, परिवर्तन की बात करे।
ईम्तियाज उर्फ़ सोनू खान ने वह उम्मीद जगा दी है।
मूंदी को उस पर गर्व है। संगठन को उस पर भरोसा है। और युवाओं को उसमें अपना भविष्य दिखता है।
संवाददाता : इस्हाक़ गौरी, मूंदी
खंडवा जिले की राजनीति में आज मंगलवार को एक ऐतिहासिक मोड़ आया, जब मूंदी की धरती से निकले युवा और कर्मठ नेता ईम्तियाज उर्फ़ सोनू खान ने यूथ कांग्रेस जिला महासचिव पद के लिए नामांकन दाखिल किया।
यह नामांकन मात्र एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक विचारधारा की दस्तक है — नई सोच, नई ऊर्जा और ज़मीन से जुड़े नेतृत्व की पहली सीढ़ी।
मूंदी में जश्न का माहौल, कार्यकर्ताओं में उमंग की लहर
जैसे ही यह खबर सामने आई, मूंदी की गलियों, चौक-चौराहों पर खुशी की लहर दौड़ गई, और हर गली में एक ही नारा गूंजा — "सोनू भाई ज़िंदाबाद!"
“यह पद नहीं, ज़िम्मेदारी है”: सोनू खान
मीडिया से बातचीत में सोनू खान ने कहा:
"मैं कुर्सी के लिए नहीं, कार्यकर्ता की कुर्बानी के लिए मैदान में हूँ। यह पद नहीं, एक ज़िम्मेदारी है। संगठन मेरा परिवार है, और कार्यकर्ता उसकी आत्मा। मैं उन हर आवाज़ का प्रतिनिधित्व करूंगा, जो किसी गली-कस्बे में बिना स्वार्थ संगठन के लिए जीते हैं। ये नामांकन उनके संघर्ष की गूंज है।"
“हर आंधी में साथ खड़ा चेहरा”: साथियों ने किया गुणगान
सोनू खान के साथियों ने इस अवसर पर कहा:
"सोनू वह नाम है, जो मंचों पर नहीं, मैदानों में बनता है। वह हर आंदोलन की अगली कतार में दिखता है, हर संगठनात्मक चर्चा में सजग रहता है और हर युवा की समस्या को अपनी समझता है।"
खंडवा की राजनीति लंबे समय से ऐसे युवा नेतृत्व की प्रतीक्षा में थी — जो पद की नहीं, परिवर्तन की बात करे।
ईम्तियाज उर्फ़ सोनू खान ने वह उम्मीद जगा दी है।
मूंदी को उस पर गर्व है। संगठन को उस पर भरोसा है। और युवाओं को उसमें अपना भविष्य दिखता है।विज्ञापन
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