: किसानों की आवाज बुलंद करने राजधानी भोपाल में किसान कांग्रेस का विधानसभा घेराव, मांधाता से गजेंद्र सिंह सोलंकी ने संभाली थी कमान
Barkat Qureshi / Tue, Mar 11, 2025 / Post views : 255
किसानों की आवाज बुलंद करने राजधानी भोपाल में किसान कांग्रेस का विधानसभा घेराव, मांधाता से गजेंद्र सिंह सोलंकी ने संभाली थी कमान
कल दिनांक 10 मार्च 2025 को मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में राजधानी भोपाल स्थित रंग महल चौराहे से विधानसभा का ऐतिहासिक घेराव किया गया। इस आंदोलन में प्रदेशभर से हजारों किसान, मजदूर और आम नागरिक शामिल हुए। किसान हितों की लड़ाई को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित इस विशाल प्रदर्शन में मांधाता विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय किसान नेता एवं मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के महासचिव श्री **गजेंद्र सिंह सोलंकी** ने अपनी पूरी टीम के साथ सक्रिय भागीदारी निभाई।
श्री सोलंकी ने प्रदर्शन स्थल पर किसानों की व्यथा और मांगों को मुखरता से उठाते हुए कहा कि वर्तमान मोहन सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य तक नहीं मिल रहा है।
**मुख्य मांगें इस प्रकार रहीं:**
1.गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹3000 प्रति क्विंटल किया जाए।
2.धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल सुनिश्चित किया जाए।
3.सोयाबीन का दाम ₹6000 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
4.राजस्व पुस्तक परिपत्र की धारा 6(4) में संशोधन कर हल्का पटवारी की जगह खेत को इकाई माना जाए।
5.भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को केंद्र सरकार के कानून के अनुरूप चार गुना मुआवजा दिया जाए।
श्री गजेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि यदि सरकार किसानों की इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती, तो किसान कांग्रेस पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।
यह घेराव न केवल किसानों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर था, बल्कि मध्य प्रदेश में खेती-किसानी को टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। प्रदर्शन के दौरान किसान कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए अपने संकल्प को दोहराया कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।
कल दिनांक 10 मार्च 2025 को मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में राजधानी भोपाल स्थित रंग महल चौराहे से विधानसभा का ऐतिहासिक घेराव किया गया। इस आंदोलन में प्रदेशभर से हजारों किसान, मजदूर और आम नागरिक शामिल हुए। किसान हितों की लड़ाई को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित इस विशाल प्रदर्शन में मांधाता विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय किसान नेता एवं मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के महासचिव श्री **गजेंद्र सिंह सोलंकी** ने अपनी पूरी टीम के साथ सक्रिय भागीदारी निभाई।
श्री सोलंकी ने प्रदर्शन स्थल पर किसानों की व्यथा और मांगों को मुखरता से उठाते हुए कहा कि वर्तमान मोहन सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य तक नहीं मिल रहा है।
**मुख्य मांगें इस प्रकार रहीं:**
1.गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹3000 प्रति क्विंटल किया जाए।
2.धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल सुनिश्चित किया जाए।
3.सोयाबीन का दाम ₹6000 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
4.राजस्व पुस्तक परिपत्र की धारा 6(4) में संशोधन कर हल्का पटवारी की जगह खेत को इकाई माना जाए।
5.भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को केंद्र सरकार के कानून के अनुरूप चार गुना मुआवजा दिया जाए।
श्री गजेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि यदि सरकार किसानों की इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती, तो किसान कांग्रेस पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।
यह घेराव न केवल किसानों की आर्थिक सुरक्षा को लेकर था, बल्कि मध्य प्रदेश में खेती-किसानी को टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम था। प्रदर्शन के दौरान किसान कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए अपने संकल्प को दोहराया कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।विज्ञापन
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