: खंडवा को मिला सम्यक अभियान में सशक्त नेतृत्व — गजेन्द्र सिंह सोलंकी बने जिला समन्वयक
Barkat Qureshi / Fri, May 23, 2025 / Post views : 334
खंडवा को मिला सम्यक अभियान में सशक्त नेतृत्व — गजेन्द्र सिंह सोलंकी बने जिला समन्वयक
प्रतिनिधि : इस्हाक़ गौरी, मुंदी
कांग्रेस के विचार-संगठनात्मक मिशन सम्यक अभियान को खंडवा जिले में एक नया मार्गदर्शक मिल गया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इंदिरा ज्योति अभियान के प्रभावी संचालन हेतु श्री गजेन्द्र सिंह सोलंकी को जिला समन्वयक नियुक्त किया है। यह नियुक्ति श्री भास्कर राव रोकड़े 'गुरुदेव' के मार्गदर्शन में संचालित हो रहे सम्यक अभियान के तहत हुई है।
यह अभियान केवल राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक वैचारिक पुनर्जागरण है — जिसका उद्देश्य है भारत रत्न स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के विचारों, उनकी दूरदृष्टि, और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को देश की नई पीढ़ी तक पहुँचाना। कांग्रेस पार्टी इसे एक जनआंदोलन के रूप में पूरे प्रदेश में स्थापित करने के लिए कटिबद्ध है।
इंदिरा जयंती सृजन वर्ष के अंतर्गत 20 नवम्बर 2024 से 19 नवम्बर 2025 तक 108 जन-जागृति, संवाद और रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 19 नवम्बर 2025 को भोपाल में आयोजित होने वाला समापन समारोह विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
इस क्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मध्यप्रदेश प्रभारी श्री हरीश चौधरी ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि अभियान में जनभागीदारी, युवाओं की सक्रियता और सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता दी जाए।
खंडवा में श्री गजेन्द्र सिंह सोलंकी की नियुक्ति को संगठन के भीतर नए विश्वास और नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। श्री सोलंकी एक अनुभवी, जमीनी कार्यकर्ता हैं, जिन्हें पार्टी संगठन, ग्राम-शहर के ताने-बाने और कार्यकर्ताओं की नब्ज की गहरी समझ है।
उनकी नियुक्ति की घोषणा के साथ ही जिले भर में हर्ष और उत्साह का वातावरण बन गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ पदाधिकारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाइयाँ और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। स्थानीयजनों ने आशा जताई कि श्री सोलंकी के नेतृत्व में खंडवा जिले में इंदिरा ज्योति अभियान केवल सफल ही नहीं, बल्कि राज्यभर में प्रेरणास्रोत बनेगा
विशेष टिप्पणी:
खंडवा को यह नई जिम्मेदारी एक ऐसे समय में मिली है जब राजनीति को विचारधारा से जोड़ने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। ऐसे में श्री गजेन्द्र सिंह सोलंकी की नियुक्ति एक सकारात्मक संकेतक है — न सिर्फ संगठन के लिए, बल्कि उन मूल्यों के लिए भी जिन्हें इंदिरा गांधी ने जिया।
प्रतिनिधि : इस्हाक़ गौरी, मुंदी
कांग्रेस के विचार-संगठनात्मक मिशन सम्यक अभियान को खंडवा जिले में एक नया मार्गदर्शक मिल गया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इंदिरा ज्योति अभियान के प्रभावी संचालन हेतु श्री गजेन्द्र सिंह सोलंकी को जिला समन्वयक नियुक्त किया है। यह नियुक्ति श्री भास्कर राव रोकड़े 'गुरुदेव' के मार्गदर्शन में संचालित हो रहे सम्यक अभियान के तहत हुई है।
यह अभियान केवल राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक वैचारिक पुनर्जागरण है — जिसका उद्देश्य है भारत रत्न स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के विचारों, उनकी दूरदृष्टि, और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को देश की नई पीढ़ी तक पहुँचाना। कांग्रेस पार्टी इसे एक जनआंदोलन के रूप में पूरे प्रदेश में स्थापित करने के लिए कटिबद्ध है।
इंदिरा जयंती सृजन वर्ष के अंतर्गत 20 नवम्बर 2024 से 19 नवम्बर 2025 तक 108 जन-जागृति, संवाद और रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 19 नवम्बर 2025 को भोपाल में आयोजित होने वाला समापन समारोह विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
इस क्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मध्यप्रदेश प्रभारी श्री हरीश चौधरी ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि अभियान में जनभागीदारी, युवाओं की सक्रियता और सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता दी जाए।
खंडवा में श्री गजेन्द्र सिंह सोलंकी की नियुक्ति को संगठन के भीतर नए विश्वास और नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। श्री सोलंकी एक अनुभवी, जमीनी कार्यकर्ता हैं, जिन्हें पार्टी संगठन, ग्राम-शहर के ताने-बाने और कार्यकर्ताओं की नब्ज की गहरी समझ है।
उनकी नियुक्ति की घोषणा के साथ ही जिले भर में हर्ष और उत्साह का वातावरण बन गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ पदाधिकारियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाइयाँ और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। स्थानीयजनों ने आशा जताई कि श्री सोलंकी के नेतृत्व में खंडवा जिले में इंदिरा ज्योति अभियान केवल सफल ही नहीं, बल्कि राज्यभर में प्रेरणास्रोत बनेगा
विशेष टिप्पणी:
खंडवा को यह नई जिम्मेदारी एक ऐसे समय में मिली है जब राजनीति को विचारधारा से जोड़ने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। ऐसे में श्री गजेन्द्र सिंह सोलंकी की नियुक्ति एक सकारात्मक संकेतक है — न सिर्फ संगठन के लिए, बल्कि उन मूल्यों के लिए भी जिन्हें इंदिरा गांधी ने जिया।विज्ञापन
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