: खंडवा में निजी बोरिंग पर प्रतिबंध लगा, जिले को ‘जल अभावग्रस्त क्षेत्र' घोषित किया गया; एसडीएम से लेनी होगी परमिशन
Barkat Qureshi / Mon, Mar 3, 2025 / Post views : 231
खंडवा में निजी बोरिंग पर प्रतिबंध लगा, जिले को ‘जल अभावग्रस्त क्षेत्र' घोषित किया गया; एसडीएम से लेनी होगी परमिशन
जिले में लगातार गिरते भूमिगत जलस्तर व आगामी ग्रीष्मकाल में उत्पन्न होने वाली जल संकट की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा नए निजी नलकूपों व हेन्डपम्प के खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
उन्होंने जिले में आम जनता को पेयजल प्रदाय को सुनिश्चित बनाए रखने के लिए मप्र पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में 15 जुलाई तक जिले में नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया है।
जिले में पदस्त मूंदी,पुनासा,हरसूद,पन्धाना के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी उनके क्षेत्रांतर्गत इस निमित्त अपरिहार्य प्रकरणों के लिए व अन्य प्रयोजनों हेतु उचित जांच के पश्चात अनुज्ञा देने हेतु प्राधिकृत होंगे। अधिसूचना का उल्लंघन करने पर अधिनियम की धारा-9 के अनुसार दो वर्ष तक के कारावास या दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित करने का प्रविधान है। यह आदेश शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य योजनांतर्गत नलकूप खनन का कार्य कराया जा सकेगा। इस हेतु अनुज्ञा प्राप्त किया जाना आवश्यक नहीं होगा।
आदेश के अनुसार जिले की सीमा में नलकूप, बोरिंग मशीन संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी की अनुमति के बिना न तो प्रवेश करेगी (सार्वजनिक सडक़ों से गुजरने वाली मशीनों को छोडक़र) और न ही बिना अनुमति के कोई नया नलकूप खनन करेगी। प्रत्येक राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को ऐसी बोरिंग मशीन जो अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर प्रवेश करेगी अथवा नलकूप खनन,बोरिंग का प्रयास कर रही मशीनों को जब्त कर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार होगा।
जिले में लगातार गिरते भूमिगत जलस्तर व आगामी ग्रीष्मकाल में उत्पन्न होने वाली जल संकट की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा नए निजी नलकूपों व हेन्डपम्प के खनन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
उन्होंने जिले में आम जनता को पेयजल प्रदाय को सुनिश्चित बनाए रखने के लिए मप्र पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में 15 जुलाई तक जिले में नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया है।
जिले में पदस्त मूंदी,पुनासा,हरसूद,पन्धाना के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी उनके क्षेत्रांतर्गत इस निमित्त अपरिहार्य प्रकरणों के लिए व अन्य प्रयोजनों हेतु उचित जांच के पश्चात अनुज्ञा देने हेतु प्राधिकृत होंगे। अधिसूचना का उल्लंघन करने पर अधिनियम की धारा-9 के अनुसार दो वर्ष तक के कारावास या दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित करने का प्रविधान है। यह आदेश शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य योजनांतर्गत नलकूप खनन का कार्य कराया जा सकेगा। इस हेतु अनुज्ञा प्राप्त किया जाना आवश्यक नहीं होगा।
आदेश के अनुसार जिले की सीमा में नलकूप, बोरिंग मशीन संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी की अनुमति के बिना न तो प्रवेश करेगी (सार्वजनिक सडक़ों से गुजरने वाली मशीनों को छोडक़र) और न ही बिना अनुमति के कोई नया नलकूप खनन करेगी। प्रत्येक राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को ऐसी बोरिंग मशीन जो अवैध रूप से जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर प्रवेश करेगी अथवा नलकूप खनन,बोरिंग का प्रयास कर रही मशीनों को जब्त कर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार होगा।विज्ञापन
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