: खरीफ 2025 की तैयारियों को लेकर हरसूद में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त बैठक संपन्न
Barkat Qureshi / Fri, Jun 20, 2025 / Post views : 304
खरीफ 2025 की तैयारियों को लेकर हरसूद में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त बैठक संपन्न
संवाददाता इम्तियाज गौरी हरसूद
हरसूद (खंडवा)। आगामी खरीफ सीजन 2025 को लेकर किसानों को कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, तकनीकी मार्गदर्शन देने एवं विभागीय समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से गुरुवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, हरसूद के सभागार में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में एसडीएम श्री पुरुषोत्तम कुमार एवं उप संचालक कृषि श्री के.सी. वास्केल की उपस्थिति में खाद, बीज एवं दवाइयों की उपलब्धता व वितरण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों को केवल शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। अनधिकृत मूल्य पर विक्रय की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🌱 तकनीकी सुझाव एवं फसल प्रोत्साहन
उप संचालक कृषि श्री वास्केल ने किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने हेतु डी.ए.पी. के स्थान पर कॉम्प्लेक्स खाद के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने बताया कि दलहनी फसलों के क्षेत्र विस्तार पर जोर देते हुए अरहर की उन्नत किस्म “पूसा-16” को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सोयाबीन की किस्में – एन.आर.सी. 150, जे.एस. 2117, जे.एस. 2172, एवं जे.एस. 2433 – किसानों के बीच अधिक लोकप्रिय हैं। हालांकि, ये किस्में हाल के वर्षों में जारी की गई हैं, जिससे इनके बीज की उपलब्धता सीमित हो सकती है। किसानों से अनुरोध किया गया कि बोनी से 10–15 दिन पूर्व कृषि विभाग से संपर्क कर बीज उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करें।
🌽 मक्का का रकबा बढ़ने की संभावना
विक्रेताओं व कृषक संगठनों ने जानकारी दी कि इस खरीफ सीजन में मक्का की बुवाई का रकबा सोयाबीन की तुलना में अधिक हो सकता है, जो क्षेत्रीय कृषि रुझानों में बदलाव का संकेत है।
💰 अरहर के समर्थन मूल्य में वृद्धि
श्री वास्केल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अरहर की उपज का उपार्जन किया गया है और आगामी वर्ष में अरहर का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹8,000 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों से अनुरोध किया गया कि वे अरहर की बुवाई को प्राथमिकता दें।
👥 बैठक में शामिल प्रमुख प्रतिनिधि
इस बैठक में तहसीलदार हरसूद एवं खालवा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, तथा कृषि विभाग के फील्ड स्टाफ सहित भारतीय किसान संघ और संयुक्त कृषक संगठन के प्रतिनिधि, साथ ही कृषि आदान विक्रेता उपस्थित रहे।
संवाददाता इम्तियाज गौरी हरसूद
हरसूद (खंडवा)। आगामी खरीफ सीजन 2025 को लेकर किसानों को कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, तकनीकी मार्गदर्शन देने एवं विभागीय समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से गुरुवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय, हरसूद के सभागार में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में एसडीएम श्री पुरुषोत्तम कुमार एवं उप संचालक कृषि श्री के.सी. वास्केल की उपस्थिति में खाद, बीज एवं दवाइयों की उपलब्धता व वितरण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों को केवल शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। अनधिकृत मूल्य पर विक्रय की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🌱 तकनीकी सुझाव एवं फसल प्रोत्साहन
उप संचालक कृषि श्री वास्केल ने किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने हेतु डी.ए.पी. के स्थान पर कॉम्प्लेक्स खाद के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने बताया कि दलहनी फसलों के क्षेत्र विस्तार पर जोर देते हुए अरहर की उन्नत किस्म “पूसा-16” को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सोयाबीन की किस्में – एन.आर.सी. 150, जे.एस. 2117, जे.एस. 2172, एवं जे.एस. 2433 – किसानों के बीच अधिक लोकप्रिय हैं। हालांकि, ये किस्में हाल के वर्षों में जारी की गई हैं, जिससे इनके बीज की उपलब्धता सीमित हो सकती है। किसानों से अनुरोध किया गया कि बोनी से 10–15 दिन पूर्व कृषि विभाग से संपर्क कर बीज उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करें।
🌽 मक्का का रकबा बढ़ने की संभावना
विक्रेताओं व कृषक संगठनों ने जानकारी दी कि इस खरीफ सीजन में मक्का की बुवाई का रकबा सोयाबीन की तुलना में अधिक हो सकता है, जो क्षेत्रीय कृषि रुझानों में बदलाव का संकेत है।
💰 अरहर के समर्थन मूल्य में वृद्धि
श्री वास्केल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अरहर की उपज का उपार्जन किया गया है और आगामी वर्ष में अरहर का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹8,000 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों से अनुरोध किया गया कि वे अरहर की बुवाई को प्राथमिकता दें।
👥 बैठक में शामिल प्रमुख प्रतिनिधि
इस बैठक में तहसीलदार हरसूद एवं खालवा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, तथा कृषि विभाग के फील्ड स्टाफ सहित भारतीय किसान संघ और संयुक्त कृषक संगठन के प्रतिनिधि, साथ ही कृषि आदान विक्रेता उपस्थित रहे।विज्ञापन
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