: खुदिया: डिप्टी रेंजर पूनम चंद दमाडे ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी के साथ की मारपीट
Barkat Qureshi / Wed, Jun 4, 2025 / Post views : 398
खुदिया: डिप्टी रेंजर पूनम चंद दमाडे ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी के साथ की मारपीट
हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला
खुदिया- वन विभाग की अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान खुदिया रेंज के डिप्टी रेंजर पर उनके ही अधीनस्थ कर्मचारी के साथ अभद्रता और जातिसूचक गालियां देने का गंभीर आरोप लगाया था । पीड़ित कर्मचारी बाचर ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई थी । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, खुदिया क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही चल रही थी। तभी डिप्टी रेंजर ने बागड़ हटाने के लिए बाचर को कहा था तब उस दौरान बाचर ने अपने वरिष्ठ अधिकारी डिप्टी रेंजर को सुझाव दिया कि "जेसीबी से ही हटा देते हैं", तो डिप्टी रेंजर को गुस्सा आ गया। उन्होंने मौके पर ही बाचर को गालियां देना शुरू कर दिया और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया था ।
इसके बाद उन्होंने लात-घूंसे से उसकी पिटाई भी की। क्या कहना है, पीड़ित बाचर का "मैं विभाग का कर्मचारी हूं। मैंने कोई गलत बात नहीं की थी। सिर्फ इतना कहा था कि साहब जेसीबी से ही हटवा दीजिए। इस पर साहब भड़क गए और जातिसूचक गालियां देते हुए मुझसे मारपीट करने लगे। इस घटना की जानकारी पीड़ित बाचर सीताराम ने थाने जाकर पूरी आपबीती बताई और डिप्टी रेंजर के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराने की मांग की सामाजिक संगठनों और कर्मचारी संघों ने इस घटना की निंदा करते हुए डिप्टी रेंजर को तत्काल निलंबित कर गिरफ्तारी की मांग की थी।
एस डी ओ ओम प्रकाश बिडारे ने बताया
डिप्टी रेंजर पूनम चंद दमाडे, मामले में जांच होना बाकी है । जांच होने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी ।
हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला
खुदिया- वन विभाग की अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान खुदिया रेंज के डिप्टी रेंजर पर उनके ही अधीनस्थ कर्मचारी के साथ अभद्रता और जातिसूचक गालियां देने का गंभीर आरोप लगाया था । पीड़ित कर्मचारी बाचर ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई थी । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, खुदिया क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही चल रही थी। तभी डिप्टी रेंजर ने बागड़ हटाने के लिए बाचर को कहा था तब उस दौरान बाचर ने अपने वरिष्ठ अधिकारी डिप्टी रेंजर को सुझाव दिया कि "जेसीबी से ही हटा देते हैं", तो डिप्टी रेंजर को गुस्सा आ गया। उन्होंने मौके पर ही बाचर को गालियां देना शुरू कर दिया और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया था ।
इसके बाद उन्होंने लात-घूंसे से उसकी पिटाई भी की। क्या कहना है, पीड़ित बाचर का "मैं विभाग का कर्मचारी हूं। मैंने कोई गलत बात नहीं की थी। सिर्फ इतना कहा था कि साहब जेसीबी से ही हटवा दीजिए। इस पर साहब भड़क गए और जातिसूचक गालियां देते हुए मुझसे मारपीट करने लगे। इस घटना की जानकारी पीड़ित बाचर सीताराम ने थाने जाकर पूरी आपबीती बताई और डिप्टी रेंजर के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराने की मांग की सामाजिक संगठनों और कर्मचारी संघों ने इस घटना की निंदा करते हुए डिप्टी रेंजर को तत्काल निलंबित कर गिरफ्तारी की मांग की थी।
एस डी ओ ओम प्रकाश बिडारे ने बताया
डिप्टी रेंजर पूनम चंद दमाडे, मामले में जांच होना बाकी है । जांच होने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी ।विज्ञापन
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