: गुरु पूर्णिमा पर केडीएसएस संस्था द्वारा सेवा और समर्पण का उदाहरण
Barkat Qureshi / Thu, Jul 10, 2025 / Post views : 388
गुरु पूर्णिमा पर केडीएसएस संस्था द्वारा सेवा और समर्पण का उदाहरण
हजारों श्रद्धालुओं को मिली मुफ़्त प्राथमिक चिकित्सा, जलपान एवं आत्मीय सहयोग
संवाददाता लोकेंद्र तिरोले
खंडवा, 10 जुलाई 2025 गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर खंडवा डायोसिसन सोशल सर्विसेस (केडीएसएस) संस्था ने श्रद्धालुओं की सेवा में एक सराहनीय कदम उठाया। दादाजी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ के मध्य, संस्था ने स्टेडियम ग्राउंड के पास एक विशेष सेवा स्टॉल स्थापित किया, जहाँ श्रद्धालुओं को निःशुल्क प्राथमिक चिकित्सा,चाय-बिस्कुट, एवं शुद्ध पेयजल की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। केडीएसएस के निदेशक फादर रॉबिनसन ने जानकारी दी कि यह सेवा कार्य खंडवा डायोसिस के सहयोग से बीते 10 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल सेवा देना नहीं, बल्कि हर आने वाले श्रद्धालु को सम्मान, स्नेह और सुरक्षा का अहसास कराना है।”
इस सेवा स्टॉल में आने वाले असंख्य श्रद्धालुओं ने स्वागत योग्य और सुखद अनुभव पाया। तेज धूप और भीड़ के बीच यह स्थान लोगों के लिए आराम और राहत का केंद्र बन गया। स्टॉल पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने जल, चाय और बिस्कुट ग्रहण किए और कई ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
सेवा देने वाले प्रमुख चेहरे
स्टॉल में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की ज़िम्मेदारी सिस्टर आईवी,सिस्टर कुसुम, और सिस्टर सीमा ने बखूबी निभाई। इनकी निःस्वार्थ सेवाओं से कई श्रद्धालुओं को राहत मिली।
इस सेवा कार्य में सक्रिय रूप से योगदान देने वाले केडीएसएस के कार्यकर्ता थे:
सुशील फ्रांसिस राजकिशोरी तिग्गा हरीश महाजन राकेश करोले सुमित सातले अशोक गुर्जर सुन्दर कनाडे मनीषा मिश्रा मोनू एकले प्रमोद तीरतडे ईश्वर जाधव शिरीन हौसले इन सभी ने पूरे उत्साह, समर्पण और सेवा भावना के साथ श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी।
समाज सेवा का सशक्त उदाहरण
यह आयोजन केवल एक सेवा स्टॉल नहीं, बल्कि समुदाय की सामूहिक भावना,धार्मिक समर्पण, और नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक बना। केडीएसएस ने यह सिद्ध किया कि जब उद्देश्य सेवा का हो, तो हर पर्व, हर आयोजन एक अवसर बन सकता है—परोपकार का, सहभागिता का और प्रेम का।विज्ञापन
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