: ग्राम पंचायत सचिव गणेश पाटिल के द्वारा छुपाई गई जानकारी अपीलीय अधिकारी दे रहे साथ
Barkat Qureshi / Mon, Apr 14, 2025 / Post views : 219
ग्राम पंचायत सचिव गणेश पाटिल के द्वारा छुपाई गई जानकारी अपीलीय अधिकारी दे रहे साथ
हरदा। जनपद पंचायत टिमरनी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कासरनी में बिना जी.एस.टी. बिल के भुगतान समेत अन्य अधिनियमिताओं होने का मामला प्रकाश में आया है। मध्य प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत जारी प्रावधान की अवहेलना करते हुए ग्राम पंचायत सचिव गणेश पाटील ने पद एवं अधिकार का दुरूपयोग किया गया है। पूर्व में पंचायत के भ्रष्टाचार को जग जाहिर किया गया किंतु जबाबदेह जिम्मेदार अधिकारियों ने किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की लिहाजा पंचायत भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
जनपद सीईओ चेतन पाटील का सचिवों पर रहता हैं संरक्षण
सूचना के अधिकार के तहत नहीं दी गई जानकारी - सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस गोविंद सकतपुरिया ने सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत कासरनी से जानकारी 9 बिंदुओं पर मांगी थी जिसकी जानकारी 1 अप्रैल 2025 को पंचायत सचिव द्वारा प्रथम अपील के बाद उपलब्ध कराई गई। रिकॉर्ड अनुसार उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई है। ग्राम सिंगनपुर-झाड़पा हाट बाजार पहुंच मार्ग 900 मीटर के निर्माण की जानकारी दी गई । जो बिल वाउचर दिये गये हैं। उसमें जी.एस.टी. बिल होना चाहिए। इससे शासन के आदेश का उल्लंघन होने के साथ-साथ टैक्स के रूप में शासन को क्षति हुई है। इस मामले में अन्य अधिकारियों ने ध्यान क्यों नहीं दिया इसके पीछे कारण क्या है। यह जांच का विषय बन गया है, जो काम हुआ है। उसका भौतिक सत्यापन किया जाये ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा।
गणेश पाटिल के द्वारा पहले भी ग्राम पंचायत दूधकच्छ में जमकर भ्रष्टाचार किया गया था
ग्राम पंचायत सचिव गणेश पाटिल के द्वारा पहले भी ग्राम पंचायत दूधकच्छ में जमकर भ्रष्टाचार किया गया था। जिसमें मेड बंधन योजना में किसानों को कम पैसे देकर खुद की सेवा की गई थी। मनरेगा का ग्रेवल मार्ग भी पड़े अधूरे फर्जी मस्टर रोल, फर्जी बिल वाउचर भी लगाए गए थे। वर्तमान में ग्राम पंचायत कासरनी में इनके द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत् जानकारी दी गई जिसमें
शासन को टैक्स का नुकसान -
कच्चे बिल पर भुगतान करके शासन को टैक्स के रूप में क्षति पहुंचाई गई है। बिना जी.एस.टी. के बिल के किस आधार पर भुगतान किया गया है। एवं मिट्टी बजरी की परमिशन का कोई रिकॉर्ड नहीं दिया गया और न ही कमर्शियल वाहन की जानकारी दी गई। एवं फर्जी बिल वाउचर भी लगाए गए। नियमानुसार सारे बिंदुओं की पड़ताल की जायेगी तो अनेक गंभीर मामले सामने आ जायेंगे। पंचायत अधिनियम में जानकारी दर्ज है उसके अनुसार मौजूदा स्थिति है। निर्माण कार्य प्राक्कलन के अनुसार नहीं हुआ है। दावा चाहे जो किया जाय लेकिन मौजूदा स्थिति बेहद चिन्ताजनक है।
ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा फर्जी मस्टर डालकर बिलों का भुगतान किया गया
जी हां ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा फर्जी मस्टर रोल डालकर ग्रामीणों के खाते में पैसे डलवाकर निकलाए गए यह भी फर्जीवाड़ा की श्रेणी में आता है। फर्जी बिल वाउचर और रोड पर जेसीबी भी चलाई गई
स्वच्छता अभियान की भी उड़ा रहे धज्जियां
साफ-सफाई पर जोर नहीं दिया जा रहा है। अभिलेख में भले ही भारी भरकम बजट खर्च किया गया हो, किंतु वर्तमान में सफाई पर ध्यान नहीं देने से चौतरफा कचरे का ढेर लगा हुआ है जो सड़कर बदबू दे रहा है। और गंदगी रस्ते पर ही देखी जा सकती है जिससे अनेक प्रकार की बीमारियों को न्योता दिया जा रहा है। गांव में वातावरण दूषित है। मच्छर पनप रहे हैं। स्थिति खराब है लोग परेशान है ।
ग्राम पंचायत कासरनी के सचिव के रवैये से व्यापक जनक्रोश है। जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ निर्माण व विकास कार्यों में अनियमितता की गई है और उसे छिपाया जा रहा है। जनपद के अधिकारी इंजीनियर पर्दा डालकर कहीं ना कहीं सचिव को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जिला कलेक्टर सारे बिंदुओं की बारीकी से जांच पड़ताल कर जिला पंचायत की टीम भेज कर जा करवाये तो अनेक गंभीर मामले सामने आ जायेंगे और दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।
हरदा। जनपद पंचायत टिमरनी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कासरनी में बिना जी.एस.टी. बिल के भुगतान समेत अन्य अधिनियमिताओं होने का मामला प्रकाश में आया है। मध्य प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत जारी प्रावधान की अवहेलना करते हुए ग्राम पंचायत सचिव गणेश पाटील ने पद एवं अधिकार का दुरूपयोग किया गया है। पूर्व में पंचायत के भ्रष्टाचार को जग जाहिर किया गया किंतु जबाबदेह जिम्मेदार अधिकारियों ने किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की लिहाजा पंचायत भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
जनपद सीईओ चेतन पाटील का सचिवों पर रहता हैं संरक्षण
सूचना के अधिकार के तहत नहीं दी गई जानकारी - सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस गोविंद सकतपुरिया ने सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत कासरनी से जानकारी 9 बिंदुओं पर मांगी थी जिसकी जानकारी 1 अप्रैल 2025 को पंचायत सचिव द्वारा प्रथम अपील के बाद उपलब्ध कराई गई। रिकॉर्ड अनुसार उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई है। ग्राम सिंगनपुर-झाड़पा हाट बाजार पहुंच मार्ग 900 मीटर के निर्माण की जानकारी दी गई । जो बिल वाउचर दिये गये हैं। उसमें जी.एस.टी. बिल होना चाहिए। इससे शासन के आदेश का उल्लंघन होने के साथ-साथ टैक्स के रूप में शासन को क्षति हुई है। इस मामले में अन्य अधिकारियों ने ध्यान क्यों नहीं दिया इसके पीछे कारण क्या है। यह जांच का विषय बन गया है, जो काम हुआ है। उसका भौतिक सत्यापन किया जाये ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा।
गणेश पाटिल के द्वारा पहले भी ग्राम पंचायत दूधकच्छ में जमकर भ्रष्टाचार किया गया था
ग्राम पंचायत सचिव गणेश पाटिल के द्वारा पहले भी ग्राम पंचायत दूधकच्छ में जमकर भ्रष्टाचार किया गया था। जिसमें मेड बंधन योजना में किसानों को कम पैसे देकर खुद की सेवा की गई थी। मनरेगा का ग्रेवल मार्ग भी पड़े अधूरे फर्जी मस्टर रोल, फर्जी बिल वाउचर भी लगाए गए थे। वर्तमान में ग्राम पंचायत कासरनी में इनके द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत् जानकारी दी गई जिसमें
शासन को टैक्स का नुकसान -
कच्चे बिल पर भुगतान करके शासन को टैक्स के रूप में क्षति पहुंचाई गई है। बिना जी.एस.टी. के बिल के किस आधार पर भुगतान किया गया है। एवं मिट्टी बजरी की परमिशन का कोई रिकॉर्ड नहीं दिया गया और न ही कमर्शियल वाहन की जानकारी दी गई। एवं फर्जी बिल वाउचर भी लगाए गए। नियमानुसार सारे बिंदुओं की पड़ताल की जायेगी तो अनेक गंभीर मामले सामने आ जायेंगे। पंचायत अधिनियम में जानकारी दर्ज है उसके अनुसार मौजूदा स्थिति है। निर्माण कार्य प्राक्कलन के अनुसार नहीं हुआ है। दावा चाहे जो किया जाय लेकिन मौजूदा स्थिति बेहद चिन्ताजनक है।
ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा फर्जी मस्टर डालकर बिलों का भुगतान किया गया
जी हां ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा फर्जी मस्टर रोल डालकर ग्रामीणों के खाते में पैसे डलवाकर निकलाए गए यह भी फर्जीवाड़ा की श्रेणी में आता है। फर्जी बिल वाउचर और रोड पर जेसीबी भी चलाई गई
स्वच्छता अभियान की भी उड़ा रहे धज्जियां
साफ-सफाई पर जोर नहीं दिया जा रहा है। अभिलेख में भले ही भारी भरकम बजट खर्च किया गया हो, किंतु वर्तमान में सफाई पर ध्यान नहीं देने से चौतरफा कचरे का ढेर लगा हुआ है जो सड़कर बदबू दे रहा है। और गंदगी रस्ते पर ही देखी जा सकती है जिससे अनेक प्रकार की बीमारियों को न्योता दिया जा रहा है। गांव में वातावरण दूषित है। मच्छर पनप रहे हैं। स्थिति खराब है लोग परेशान है ।
ग्राम पंचायत कासरनी के सचिव के रवैये से व्यापक जनक्रोश है। जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ निर्माण व विकास कार्यों में अनियमितता की गई है और उसे छिपाया जा रहा है। जनपद के अधिकारी इंजीनियर पर्दा डालकर कहीं ना कहीं सचिव को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जिला कलेक्टर सारे बिंदुओं की बारीकी से जांच पड़ताल कर जिला पंचायत की टीम भेज कर जा करवाये तो अनेक गंभीर मामले सामने आ जायेंगे और दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।विज्ञापन
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