Thu 04 Jun 2026
Logo
Breaking News Exclusive
104 में 104 छात्र पास, 73 ने प्रथम श्रेणी में मारी बाज़ी अम्बेडकर जयंती पर समाजकार्य स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थी ने रखें अपने विचार अवैध हथियारों के साथ युवक गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस ने दो देशी पिस्टल किए बरामद कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 29 धारदार तलवारों के साथ हरियाणा का युवक गिरफ्तार संकल्प से समाधान” अभियान के तहत नागरिकों के आवेदनों का किया जा रहा है निराकरण सरयूपारिण ब्राह्मण महिला मंडल का पारंपरिक हल्दी कुमकुम कार्यक्रम संपन् विशेष संवाददाता लोकेंद्र तिरोले विशेष संवाददाता लोकेंद्र तिरोले विशेष संवाददाता लोकेंद्र तिरोले संवाददाता लोकेंद्र तिरोले

: ग्राम बावडिया में भी बडे उत्साह से मनाया गया गणगौर पर्व

Barkat Qureshi / Thu, Apr 3, 2025 / Post views : 232

Share:
ग्राम बाव​डिया में भी बडे उत्साह से मनाया गया गणगौर पर्व समस्त निमाड में गणगोर पर्व बडे ही श्रद्धा और उत्साह से मनाया जा रहा है ग्राम बावडिया में गणगोर पर्व बडे ही श्रद्धा, उत्साह ओर उल्लास से मनाया गया। इस मौके पर महिलाओं ने मिट्टी से बनाई गई गणगौर और ईसरजी की प्रतिमाओं की पूजा की। साथ ही गणगौर माता को मेहंदी, हल्दी, ज्वारे चुनरी भेंट कर मैदा आटे के बने मीठे तीखे गुणे का भोग लगाया गया। श्रृंगार के प्रतीक इस त्यौहार पर मंगलवार को महिलाओं ने समूह बनाकर गणगौर माता के गीत भी गाए। हाथ में पूजा की थाली लिए और सोलह श्रृंगार से सजी महिलाओं ने गणगौर माता की पूजा अर्चना कर पति की लंबी उम्र और समृद्वि लिए प्रार्थना की। इस दौरान महिलाओं ने गौरी माता की कथा सुनाई। आज गुरूवार को ग्राम बावडिया के समाजसेवी एवं गणगौर माता के परम भक्त शैतानसिह राजपूत के द्वारा भण्डारा प्रसादी का आयोजन रखा गया इसमें लगभग 3000 लोगो ने प्रसादी भण्डारा का लाभ लिया। ग्राम बावड़िया राम मंदिर के पुजारी संजय बिल्लोरे जी ने गणगौर पर्व की महिमा बताते हुए कहा कि गणगौर दो शब्दों गण और गौर से बना है। इसमें गण का अर्थ भगवान शिव और गौर का अर्थ माता पार्वती से है। इस दिन अविवाहित कन्याएं और विवाहित स्त्रियां भगवान शिव, माता पार्वती की पूजा करती हैं। साथ ही उपवास रखती हैं।भगवान शिव को ईसर जी और देवी पार्वती को गौरा माता के रूप में पूजा जाता है। गौरा जी को गवरजा जी के नाम से भी जाना जाता है। धर्मग्रंथों के अनुसार श्रद्धाभाव से इस व्रत का पालन करने से अविवाहित कन्याओं को इच्छित वर की प्राप्ति होती है और विवाहित स्त्रियों के पति को दीर्घायु और आरोग्य की प्राप्ति होती है। एवं आज गुरूवार शाम को शैतानसिह राजपूत व पंडित संजय बिल्लेारे के नेतृत्व में विर्जजन हेतू रथों का काफिला 2 हजार भक्तों के साथ पहुंचा। माता की विदाई में झालरिया गीतों पर मातृ शक्ति ने गीत गाये और बच्चे जमकर झूमे। ओर नम आखो माता के जवारों को गले लगाकर विसर्जन किया।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें