: तपती धूप की परवाह किए बिना मासूम बच्चे भी कर रहे फर्ज अदा, रख रहे रोजा, कर रहे नियमों का पालन
Barkat Qureshi / Sun, Mar 30, 2025 / Post views : 174
तपती धूप की परवाह किए बिना मासूम बच्चे भी कर रहे फर्ज अदा, रख रहे रोजा, कर रहे नियमों का पालन
नन्हें रोजेदार भी दे रहे सब्र और जज्बे का इम्तिहान, रोजा रख कर इबादत में हैं मशगूल।
एक ओर जहां तेज गर्मी में भूख-प्यास बड़े-बड़े तक सहन नहीं कर पाते, वहीं दूसरी ओर रमजान में छोटे बच्चे भी रब को राजी करने के लिए पीछे नहीं हैं। वह भी पूरी कसरत के साथ इबादत में जुटे हैं और रोजे रख रहे हैं।
जी हा हम बात कर रहे है भिकनगॉव के इरफान खिलची की 8 साल की बेटी जिकरा एवं 6 साल का बेटा अम्मार एवं मूंदी के निवासी अशफाक गौरी के 10 साल के बेटे जैद व 7 साल की बेटी जौया की। जो पव़ित्र रमजान माह में रोजे रख रहे है। ये बच्चे खेलने-कूदने की उम्र में बच्चे रोजा रखने के साथ ही इससे जुड़े सभी नियमों का पालन भी कर रहे हैं।
बच्चो के परिजन सोहेब गौरी, जाकिर खिलची व इकराम खिलची ने बताया कि बच्चो ने अपनी जिद और आस्था के चलते रोजे रखे। जब हमने बच्चो केा गर्मीयो के कारण रोकना चाहा तो उन्होने कहा कि वह एसी में बैठेगे लेकिन रोजा रखेगे।'
बच्चेा के रुझान, जोश और आस्था ओर जिद को देखते माता पिता ने हामी भरी।
बच्चों के जज्बे और सब्र देखकर बड़े भी उनके कायल हो रहे हैं। इन बच्चो को जहां रोजेदारों की दुआ मिल रही है, वहीं समाजबंधु,परिजन माला पहनाकर उनका इस्तकबाल भी कर रहे हैं।
ये बच्चे रोजा रखने के साथ साथ खास तौर से गलत बात व झूठ बोलने सहित अन्य बातों से परहेज कर रहे हैं, ताकि उनका रोजा खराब न हो। ये बच्चे जल्दी उठकर दिनभर कुरान शरीफ पढऩे के साथ खुदा की इबादत कर देश में अमन चैन सकून व देश की उन्नति एवं तरक्की व खुशहाली की दुआ कर रहे हैं.
नन्हें रोजेदार भी दे रहे सब्र और जज्बे का इम्तिहान, रोजा रख कर इबादत में हैं मशगूल।
एक ओर जहां तेज गर्मी में भूख-प्यास बड़े-बड़े तक सहन नहीं कर पाते, वहीं दूसरी ओर रमजान में छोटे बच्चे भी रब को राजी करने के लिए पीछे नहीं हैं। वह भी पूरी कसरत के साथ इबादत में जुटे हैं और रोजे रख रहे हैं।
जी हा हम बात कर रहे है भिकनगॉव के इरफान खिलची की 8 साल की बेटी जिकरा एवं 6 साल का बेटा अम्मार एवं मूंदी के निवासी अशफाक गौरी के 10 साल के बेटे जैद व 7 साल की बेटी जौया की। जो पव़ित्र रमजान माह में रोजे रख रहे है। ये बच्चे खेलने-कूदने की उम्र में बच्चे रोजा रखने के साथ ही इससे जुड़े सभी नियमों का पालन भी कर रहे हैं।
बच्चो के परिजन सोहेब गौरी, जाकिर खिलची व इकराम खिलची ने बताया कि बच्चो ने अपनी जिद और आस्था के चलते रोजे रखे। जब हमने बच्चो केा गर्मीयो के कारण रोकना चाहा तो उन्होने कहा कि वह एसी में बैठेगे लेकिन रोजा रखेगे।'
बच्चेा के रुझान, जोश और आस्था ओर जिद को देखते माता पिता ने हामी भरी।
बच्चों के जज्बे और सब्र देखकर बड़े भी उनके कायल हो रहे हैं। इन बच्चो को जहां रोजेदारों की दुआ मिल रही है, वहीं समाजबंधु,परिजन माला पहनाकर उनका इस्तकबाल भी कर रहे हैं।
ये बच्चे रोजा रखने के साथ साथ खास तौर से गलत बात व झूठ बोलने सहित अन्य बातों से परहेज कर रहे हैं, ताकि उनका रोजा खराब न हो। ये बच्चे जल्दी उठकर दिनभर कुरान शरीफ पढऩे के साथ खुदा की इबादत कर देश में अमन चैन सकून व देश की उन्नति एवं तरक्की व खुशहाली की दुआ कर रहे हैं.विज्ञापन
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