: देवशयनी एकादशी पर सेवा और संस्कार का संदेश, पंधाना में हुआ पौधारोपण
Barkat Qureshi / Tue, Jul 8, 2025 / Post views : 328
देवशयनी एकादशी पर सेवा और संस्कार का संदेश, पंधाना में हुआ पौधारोपण
खंडवा /पंधाना(लोकेंद्र तिरोले)
अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष द्वारा देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर रविवार को पंधाना तहसील में पर्यावरण सरंक्षण का संकल्प लेते हुए पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन समिति की प्रदेश अध्यक्ष *श्रीमती मोना थापक* के नेतृत्व में किया गया, जिसमें संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। धरा को हरियाली का उपहार, वृक्षारोपण से शुभ कार्य की शुरुआत पौधारोपण की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मोना थापक एवं प्रदेश संगठन मंत्री *मीरा व्यास* द्वारा तुलसी एवं अन्य छायादार पौधों का रोपण कर की गई। उन्होंने कहा कि "जिस प्रकार देवशयनी एकादशी से चातुर्मास आरंभ होता है और सभी शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है, उसी तरह हम पर्यावरण को बचाने का शुभ संकल्प लेकर पौधे लगा रहे हैं।" 📍प्रदेश के हर जिले में लगेगा हरियाली का बीज कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की गई कि समिति द्वारा *प्रदेश के प्रत्येक जिले में इसी तरह पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा*, ताकि सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति भी जागरूकता फैलाई जा सके। यह कार्य सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि *एक सतत अभियान का हिस्सा है, जिसे अखंड ब्राह्मण सेवा समिति पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ा रही है। 🤝 समिति के पदाधिकारियों ने लिया सहभागिता का संकल्प कार्यक्रम में खंडवा जिला अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पौधे लगाए और उनकी सुरक्षा का जिम्मा भी लिया। पदाधिकारियों ने कहा कि "आज आवश्यकता है कि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तभी हम आने वाली पीढ़ियों के लिए शुद्ध वायु और सुरक्षित पर्यावरण छोड़ पाएंगे।" 🌍 संस्कृति और प्रकृति का संगम देवशयनी एकादशी को लेकर समिति ने यह संदेश भी दिया कि *भारतीय संस्कृति में धर्म और प्रकृति एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।* चातुर्मास में जब देवी-देवता विश्राम करते हैं, तब मनुष्य को आत्मनिरीक्षण और सृजनात्मक कार्यों की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। पौधारोपण इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है।मुख्य आकर्षण:
मोना थापक और मीरा व्यास द्वारा पौधारोपण की शुरुआत सभी पदाधिकारियों ने पौधों की देखरेख का संकल्प लिया समाज को दिया "प्रकृति के प्रति कर्तव्य" का संदेशविज्ञापन
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