: बडवानी में हुआ मुस्लिम तेली 53 गौत्र की इज्तिमाई शादी सम्मेलन, 14 जोडो का निकाह
Barkat Qureshi / Sun, Jan 12, 2025 / Post views : 244
बडवानी में हुआ मुस्लिम तेली 53 गौत्र की इज्तिमाई शादी सम्मेलन, 14 जोडो का निकाह
शादियों को आसान और सादा बनाने की अपील
मुस्लिम तेली 53 गोत्र बडवानी के द्वारा मुस्लिम तेली समाज की इज्तिमाई शादी का भव्य आयोजन बडवानी के सगुन गार्डन में आज दिनांक 11 जनवरी 2025 शनिवार को इसमें 14 जोड़ों ने मुस्लिम रीति रिवाज से निकाह कबुल किया। शामिल समाजजनो ने दूल्हा और दुल्हन को दुआओं से नवाजा
आयोजन समिति के सलीम तिगाले, हाजी इनायतुल्ला,हाजी अब्दुल रहीम तिगाले,सत्तार भाया झाडोदिया,रजाक बाठिया,हाजी गफफार तिगाले, जमील तिगाले,अकबर खीची,अहमद झाडोदिया सहित अन्य सदस्यो ने बताया कि मुस्लिम तेली 53 गोत्र बडवानी का यह 3 रा सम्मेलन है इस सम्मेलन का उद्देश्य यही है कि फिजूलखर्ची पर रोक लगे. इससे अमीरी-गरीबी का भेदभाव खत्म होकर आपसी भाईचारा बढे ओर इनके माता- पिता भी बधाई के पात्र है जिन्होंने अपने बेटे-बेटी की शादी सामूहिक विवाह के रूप में कराकर सामाजिक एकता का परिचय दिया।
इंदौर के हाजी सलीम जिन्द्ररान, मकसूद भाई चौहान, हाजी असलम खिलची, हाजी नूर साहब, असलम गौरी, जनाब हनीफ पंवार, सहित ने कहा कि मुस्लिम तेली 53 गौत्र के इस तरह के सामुहिक विवाह आयोजन समाज हित में एक सार्थक सोच व अंगद कदम हैं। मुस्लिम तेली 53 गौत्र के बैनरतले समाज के बेटा बेटीयो की शादियां कराने पर समय की बर्बादी, दान-दहेज व फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों से भी समाज को मुक्ति मिलती है। ऐसी शादीयो में कोई भी जरूरतमंद व कमजोर परिवार अपनी नजरों में हीन व हास्य का पात्र न महसूस नही करता है।
खंडवा के हाजी असलम गौरी. अकोला के मुनवर राणा ने कहा कि सामूहिक विवाहों के आयोजन किए जाना समाज के लिए अच्छा कदम हें। इस कार्यक्रम के माध्यम से जो धन, झूठे सामर्थ्य प्रदर्शन व्यय होता हे वह, नई दम्पत्ति के लिए उन्नति का सहारा हो सकता हे। ओर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारो से शादी रूपी खर्चे के पहाड़ का बोझ कम होता है।
आयोजन समिति के आदिल तिगाले बड़वानी ने कहा कि आज कल शादी-विवाह समाराहों में अनाप-शनाप पैसा बिल्कुल पानी की तरह बहाया जाता है, एवं इस तरह के आयोजनो से अनावश्यक खर्च की बचत के साथ दबावग्रस्त दान-दहेज देने की मजबूरी से भी छुटकारा मिलता है।
विवाह सम्मेलन में शामिल होने के लिए हजारो की संख्या देश प्रदेश के समाजजन पहुंचे थे जिनका समिति द्वारा शानदार इस्तकबाल कर आभार माना। समिति ओर समाजसेवियो द्वारा गृह उपयोगी एक जैसा सामान सभी वधुओ को दिया है।
इस सम्मेलन में आये मेहमानो व समाजजनो ने वर-वधु को दुआए देकर उनके सुखमय भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह सिर्फ एक विवाह का आयोजन भर नहीं है, अपितु इसके प्रभाव और समाज हित में लाभ बड़े दूरगामी हैं, ओर मुस्लिम तेली 53 गोत्र बडवानी जेसी संस्थाएं सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक पुण्य कार्य में अपनी सराहनीय भूमिका निभा रही हैं। ओर सामूहिक विवाह का बढ़ता प्रचलन समाज के भले के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इससे समय की बर्बादी, दान-दहेज और फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों से भी समाज को मुक्ति मिलती है। और उन्होने पढ़े-लिखे नौजवानों से अपील करते हुए कहा कि दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान में योगदान दें।
शादियों को आसान और सादा बनाने की अपील
मुस्लिम तेली 53 गोत्र बडवानी के द्वारा मुस्लिम तेली समाज की इज्तिमाई शादी का भव्य आयोजन बडवानी के सगुन गार्डन में आज दिनांक 11 जनवरी 2025 शनिवार को इसमें 14 जोड़ों ने मुस्लिम रीति रिवाज से निकाह कबुल किया। शामिल समाजजनो ने दूल्हा और दुल्हन को दुआओं से नवाजा
आयोजन समिति के सलीम तिगाले, हाजी इनायतुल्ला,हाजी अब्दुल रहीम तिगाले,सत्तार भाया झाडोदिया,रजाक बाठिया,हाजी गफफार तिगाले, जमील तिगाले,अकबर खीची,अहमद झाडोदिया सहित अन्य सदस्यो ने बताया कि मुस्लिम तेली 53 गोत्र बडवानी का यह 3 रा सम्मेलन है इस सम्मेलन का उद्देश्य यही है कि फिजूलखर्ची पर रोक लगे. इससे अमीरी-गरीबी का भेदभाव खत्म होकर आपसी भाईचारा बढे ओर इनके माता- पिता भी बधाई के पात्र है जिन्होंने अपने बेटे-बेटी की शादी सामूहिक विवाह के रूप में कराकर सामाजिक एकता का परिचय दिया।
इंदौर के हाजी सलीम जिन्द्ररान, मकसूद भाई चौहान, हाजी असलम खिलची, हाजी नूर साहब, असलम गौरी, जनाब हनीफ पंवार, सहित ने कहा कि मुस्लिम तेली 53 गौत्र के इस तरह के सामुहिक विवाह आयोजन समाज हित में एक सार्थक सोच व अंगद कदम हैं। मुस्लिम तेली 53 गौत्र के बैनरतले समाज के बेटा बेटीयो की शादियां कराने पर समय की बर्बादी, दान-दहेज व फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों से भी समाज को मुक्ति मिलती है। ऐसी शादीयो में कोई भी जरूरतमंद व कमजोर परिवार अपनी नजरों में हीन व हास्य का पात्र न महसूस नही करता है।
खंडवा के हाजी असलम गौरी. अकोला के मुनवर राणा ने कहा कि सामूहिक विवाहों के आयोजन किए जाना समाज के लिए अच्छा कदम हें। इस कार्यक्रम के माध्यम से जो धन, झूठे सामर्थ्य प्रदर्शन व्यय होता हे वह, नई दम्पत्ति के लिए उन्नति का सहारा हो सकता हे। ओर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारो से शादी रूपी खर्चे के पहाड़ का बोझ कम होता है।
आयोजन समिति के आदिल तिगाले बड़वानी ने कहा कि आज कल शादी-विवाह समाराहों में अनाप-शनाप पैसा बिल्कुल पानी की तरह बहाया जाता है, एवं इस तरह के आयोजनो से अनावश्यक खर्च की बचत के साथ दबावग्रस्त दान-दहेज देने की मजबूरी से भी छुटकारा मिलता है।
विवाह सम्मेलन में शामिल होने के लिए हजारो की संख्या देश प्रदेश के समाजजन पहुंचे थे जिनका समिति द्वारा शानदार इस्तकबाल कर आभार माना। समिति ओर समाजसेवियो द्वारा गृह उपयोगी एक जैसा सामान सभी वधुओ को दिया है।
इस सम्मेलन में आये मेहमानो व समाजजनो ने वर-वधु को दुआए देकर उनके सुखमय भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह सिर्फ एक विवाह का आयोजन भर नहीं है, अपितु इसके प्रभाव और समाज हित में लाभ बड़े दूरगामी हैं, ओर मुस्लिम तेली 53 गोत्र बडवानी जेसी संस्थाएं सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक पुण्य कार्य में अपनी सराहनीय भूमिका निभा रही हैं। ओर सामूहिक विवाह का बढ़ता प्रचलन समाज के भले के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इससे समय की बर्बादी, दान-दहेज और फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों से भी समाज को मुक्ति मिलती है। और उन्होने पढ़े-लिखे नौजवानों से अपील करते हुए कहा कि दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान में योगदान दें।विज्ञापन
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