: भागवत कथा मूंदी में महामंडलेश्वर विवेकानंद पुरी का आगमन
Barkat Qureshi / Sun, Mar 30, 2025 / Post views : 188
भागवत कथा मूंदी में महामंडलेश्वर विवेकानंद पुरी का आगमन
मूंदी में भागवत कथा का आयोजन समाजसेवी लक्ष्मीचंद्र बारड के द्वारा किसान मोहल्ले में किया जा रहा है इस भागवत कथा में आज महामंडलेश्वर विवेकानंद पूरी जी का आगमन हुआ।
मूंदी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में हरदा से पधारे परमपूज्य पण्डित ललित किशोरजी दधीचि ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा भक्तो को श्रवण करवाई। उन्होने कहा कि बच्चों को धर्म और आध्यात्म का ज्ञान जरूरी है, श्रीकृष्ण की भक्ति से ही मुक्ति मिलती है।श्रोताओं को मोहमाया से दूर रहकर श्रीकृष्ण की भक्ति का मार्ग अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस संसार में सब कुछ नश्वर है। केवल श्रीकृष्ण ही अनादि और अनंत हैं।
कथा में महामंडलेश्वर स्वामीजी श्री विवेकानंद पूरी जी का भी आगमन हुआ तथा उनके श्रीमुख से भी भक्तो ने आशीर्वचन प्राप्त किए। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस तथा नववर्ष के शुभारंभ होने पर सबको शुभकामनाए प्रेषित की तथा भक्तो ने दर्शनों का पुण्यलाभ प्राप्त किया। महामंडलेश्वर ने आशीष वचन देते हुए लोगों को अपने माता-पिता की सेवा करने की सलाह दी।
महामंडलेश्वर जी ने बताया कि बचपन में मिला धार्मिक ज्ञान जीवन भर साथ रहता है। इसलिए माता-पिता को बच्चों को धर्म और आध्यात्म का ज्ञान अवश्य देना चाहिए
मूंदी में भागवत कथा का आयोजन समाजसेवी लक्ष्मीचंद्र बारड के द्वारा किसान मोहल्ले में किया जा रहा है इस भागवत कथा में आज महामंडलेश्वर विवेकानंद पूरी जी का आगमन हुआ।
मूंदी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में हरदा से पधारे परमपूज्य पण्डित ललित किशोरजी दधीचि ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा भक्तो को श्रवण करवाई। उन्होने कहा कि बच्चों को धर्म और आध्यात्म का ज्ञान जरूरी है, श्रीकृष्ण की भक्ति से ही मुक्ति मिलती है।श्रोताओं को मोहमाया से दूर रहकर श्रीकृष्ण की भक्ति का मार्ग अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस संसार में सब कुछ नश्वर है। केवल श्रीकृष्ण ही अनादि और अनंत हैं।
कथा में महामंडलेश्वर स्वामीजी श्री विवेकानंद पूरी जी का भी आगमन हुआ तथा उनके श्रीमुख से भी भक्तो ने आशीर्वचन प्राप्त किए। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस तथा नववर्ष के शुभारंभ होने पर सबको शुभकामनाए प्रेषित की तथा भक्तो ने दर्शनों का पुण्यलाभ प्राप्त किया। महामंडलेश्वर ने आशीष वचन देते हुए लोगों को अपने माता-पिता की सेवा करने की सलाह दी।
महामंडलेश्वर जी ने बताया कि बचपन में मिला धार्मिक ज्ञान जीवन भर साथ रहता है। इसलिए माता-पिता को बच्चों को धर्म और आध्यात्म का ज्ञान अवश्य देना चाहिएविज्ञापन
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