: मध्य प्रदेश विधानसभा में किसानों के मुद्दों को ले कर टिमरनी विधायक का जोरदार हंगामा
Barkat Qureshi / Wed, Mar 12, 2025 / Post views : 222
मध्य प्रदेश विधानसभा में किसानों के मुद्दों को ले कर टिमरनी विधायक का जोरदार हंगामा
बजट सत्र के दौरान टिमरनी विधायक कु.अभिजीत अजय शाह "मकड़ाई" द्वारा विधानसभा परिसर में किसानों के लिए, गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटल प्लस उस पर बोनस दिया जाए जो 2013 से बंद है साथ ही खेत सड़क/सुदूर सड़क योजना को चालू करने की मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। विधायक द्वारा गेहूं की फसल को विधानसभा के अंदर ले जाने को लेकर जब रोका गया तो कांग्रेस विधायक द्वारा सरकार पर आरोप लगाया गया कि विधायक हो या मंत्री सभी इसी गेहूं से बनी रोटी खाते है फिर क्यों आज किसान के प्रतीक इस गेहूं की फसल को अंदर ले जाने से रोक जा रहा है ?क्या यह सरकार किसान विरोधी है ??, विधायक शाह की मांग है कि प्रदेश की भाजपा सरकार के द्वारा चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 किए जाने का वादा किया गया था, जो लगभग 1 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं किया गया। विधायक की यह भी मांग है कि शासन द्वारा जो गेहूं की फसल पर बोनस वर्ष 2013 तक मिला करता था वह बंद किया गया था जो लगभग 12 साल बाद दिया जा रहा है, किसानों को इस अवधि के बोनस का लाभ भी प्रदान किया जावे। इसके साथ ही किसानों को अपने खेत में सुगम आवागमन हेतु शासन द्वारा बंद की गई खेत सड़क योजना एवं सुदूर सड़क योजना को पुनः चालू किया जावे।

बजट सत्र के दौरान टिमरनी विधायक कु.अभिजीत अजय शाह "मकड़ाई" द्वारा विधानसभा परिसर में किसानों के लिए, गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटल प्लस उस पर बोनस दिया जाए जो 2013 से बंद है साथ ही खेत सड़क/सुदूर सड़क योजना को चालू करने की मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। विधायक द्वारा गेहूं की फसल को विधानसभा के अंदर ले जाने को लेकर जब रोका गया तो कांग्रेस विधायक द्वारा सरकार पर आरोप लगाया गया कि विधायक हो या मंत्री सभी इसी गेहूं से बनी रोटी खाते है फिर क्यों आज किसान के प्रतीक इस गेहूं की फसल को अंदर ले जाने से रोक जा रहा है ?क्या यह सरकार किसान विरोधी है ??, विधायक शाह की मांग है कि प्रदेश की भाजपा सरकार के द्वारा चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 किए जाने का वादा किया गया था, जो लगभग 1 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं किया गया। विधायक की यह भी मांग है कि शासन द्वारा जो गेहूं की फसल पर बोनस वर्ष 2013 तक मिला करता था वह बंद किया गया था जो लगभग 12 साल बाद दिया जा रहा है, किसानों को इस अवधि के बोनस का लाभ भी प्रदान किया जावे। इसके साथ ही किसानों को अपने खेत में सुगम आवागमन हेतु शासन द्वारा बंद की गई खेत सड़क योजना एवं सुदूर सड़क योजना को पुनः चालू किया जावे।

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