: यवतमाल में मुस्लिम तेली समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में 25 जोड़ों का सादगीपूर्ण निकाह
Barkat Qureshi / Thu, May 1, 2025 / Post views : 231
यवतमाल में मुस्लिम तेली समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में 25 जोड़ों का सादगीपूर्ण निकाह
बग्गा ग्रुप, यवतमाल बस्ती व नवजवान कमेटी की अनुकरणीय पहल
रिपोर्ट: इस्हाक गौरी, मूंदी
यवतमाल, 1 मई —2025 दिन गुरूवार
यवतमाल की जरजमी पर स्थित रॉयल फंक्शन हॉल में गुरुवार को मुस्लिम तेली 53 गोत्र बग्गा ग्रुप के तत्वावधान में एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में 25 जोडो का निकाह मुस्लिम रीति-रिवाज से सादगीपूर्ण वातावरण में पढ़ाया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन, अतिथि व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। हज़ारों की संख्या में देश-प्रदेश से पहुंचे समाजबंधुओं ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। नवविवाहित जोड़ों को उपस्थितजनों ने दुआएं देकर उनके सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।
सम्मेलन का उद्देश्य: दहेजमुक्त व समानता पर आधारित समाज का निर्माण
बग्गा ग्रुप और आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य फिजूलखर्ची पर रोक लगाना, दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करना तथा समाज में अमीरी-गरीबी का भेद मिटाकर भाईचारा बढ़ाना है। समिति ने उन माता-पिताओं की सराहना की जिन्होंने सामूहिक विवाह को अपनाकर सामाजिक एकता का परिचय दिया।
संपूर्ण व्यवस्थाएं रहीं उत्कृष्ट
रॉयल फंक्शन हॉल में आयोजन के लिए महिलाओं के लिए अलग हाल, उचित खानपान, पेयजल, पार्किंग व सफाई की उत्तम व्यवस्था रही। हफीजुल्लाह खान साहब द्वारा सभी 25 जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया। नवविवाहित वधुओं को समिति की ओर से एक जैसे गृह-उपयोगी उपहार भेंट किए गए।
वक्ताओं ने व्यक्त किए विचार
सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं ने सामूहिक विवाह को सामाजिक सुधार की दिशा में सार्थक पहल बताया।
शिराज गौरी (शिरपुर) ने कहा, "दहेज रहित, सम्मानजनक विवाह से समाज में आत्मसम्मान व संतुलन स्थापित होता है। ऐसे आयोजनों से जरूरतमंद परिवारों को नई उम्मीद मिलती है।" ओर ऐसे विवाह आत्मसम्मान लौटाते है ओर समाज को जोडते है।
रऊफ आर. तिगाला बोले, "सामूहिक विवाह जहां आर्थिक बोझ को कम करते हैं, वहीं यह पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देते हैं।"ऐसे सम्मेलन वह दीपक है जो समाज मे रोशनी बनकर फैलते है।
साजिद मलनस एवं मुन्नवर राणा (अकोला) ने कहा, "ऐसे आयोजन केवल व्यक्तिगत नहीं, सामाजिक कल्याण की भावना को भी पुष्ट करते हैं। इससे सेवा, करुणा और परोपकार का वातावरण बनता है।" ओर इसमे सेवा सवेदना ओर समाज सेवा की खुशबु बसती है।
समापन पर आभार व अपील
समापन के अवसर पर समाजजन एवं मेहमानों ने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन फिजूलखर्ची से दूर, दिखावे से परे ओर दिलो को जोडने वाला था। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। साथ ही पढ़े-लिखे युवाओं से दहेज के खिलाफ जनजागरण में भाग लेने की अपील की
रिपोर्ट: इस्हाक गौरी, मूंदी
यवतमाल, 1 मई —2025 दिन गुरूवार
यवतमाल की जरजमी पर स्थित रॉयल फंक्शन हॉल में गुरुवार को मुस्लिम तेली 53 गोत्र बग्गा ग्रुप के तत्वावधान में एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में 25 जोडो का निकाह मुस्लिम रीति-रिवाज से सादगीपूर्ण वातावरण में पढ़ाया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन, अतिथि व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। हज़ारों की संख्या में देश-प्रदेश से पहुंचे समाजबंधुओं ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। नवविवाहित जोड़ों को उपस्थितजनों ने दुआएं देकर उनके सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।
सम्मेलन का उद्देश्य: दहेजमुक्त व समानता पर आधारित समाज का निर्माण
बग्गा ग्रुप और आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य फिजूलखर्ची पर रोक लगाना, दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करना तथा समाज में अमीरी-गरीबी का भेद मिटाकर भाईचारा बढ़ाना है। समिति ने उन माता-पिताओं की सराहना की जिन्होंने सामूहिक विवाह को अपनाकर सामाजिक एकता का परिचय दिया।
संपूर्ण व्यवस्थाएं रहीं उत्कृष्ट
रॉयल फंक्शन हॉल में आयोजन के लिए महिलाओं के लिए अलग हाल, उचित खानपान, पेयजल, पार्किंग व सफाई की उत्तम व्यवस्था रही। हफीजुल्लाह खान साहब द्वारा सभी 25 जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया। नवविवाहित वधुओं को समिति की ओर से एक जैसे गृह-उपयोगी उपहार भेंट किए गए।
वक्ताओं ने व्यक्त किए विचार
सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं ने सामूहिक विवाह को सामाजिक सुधार की दिशा में सार्थक पहल बताया।
शिराज गौरी (शिरपुर) ने कहा, "दहेज रहित, सम्मानजनक विवाह से समाज में आत्मसम्मान व संतुलन स्थापित होता है। ऐसे आयोजनों से जरूरतमंद परिवारों को नई उम्मीद मिलती है।" ओर ऐसे विवाह आत्मसम्मान लौटाते है ओर समाज को जोडते है।
रऊफ आर. तिगाला बोले, "सामूहिक विवाह जहां आर्थिक बोझ को कम करते हैं, वहीं यह पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देते हैं।"ऐसे सम्मेलन वह दीपक है जो समाज मे रोशनी बनकर फैलते है।
साजिद मलनस एवं मुन्नवर राणा (अकोला) ने कहा, "ऐसे आयोजन केवल व्यक्तिगत नहीं, सामाजिक कल्याण की भावना को भी पुष्ट करते हैं। इससे सेवा, करुणा और परोपकार का वातावरण बनता है।" ओर इसमे सेवा सवेदना ओर समाज सेवा की खुशबु बसती है।
समापन पर आभार व अपील
समापन के अवसर पर समाजजन एवं मेहमानों ने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन फिजूलखर्ची से दूर, दिखावे से परे ओर दिलो को जोडने वाला था। इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। साथ ही पढ़े-लिखे युवाओं से दहेज के खिलाफ जनजागरण में भाग लेने की अपील कीविज्ञापन
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