: युवा नेतृत्व क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित 12 गांवों के 38 युवा साथियों ने लिया भाग
Barkat Qureshi / Sun, Feb 2, 2025 / Post views : 158
युवा नेतृत्व क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित 12 गांवों के 38 युवा साथियों ने लिया भाग
रहटगांव - सिनर्जी संस्थान व TDH के सहयोग से चलाए जा रहे प्रोग्राम किशोर- किशोरी संसाधन केंद्र द्वारा ग्राम स्तर पर युवाओं के नेतृत्व विकास के उद्देश्य से युवा नेतृत्व क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 12 गांवों के 38 युवा साथियों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नेतृत्व गुणों, लक्ष्य निर्धारण और जेंडर समानता पर जागरूक करना था। कार्यशाला में युवाओं को एक अच्छे लीडर की विशेषताएं और नेतृत्व में आवश्यक पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही, उन्होंने अपने एक साल के व्यक्तिगत एवं सामुदायिक लक्ष्य तय किए और उनकी पूर्ति के लिए रणनीतियाँ भी बनाईं।
कार्यक्रम के दौरान जेंडर समानता, पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा और बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं को इन विषयों की गहराई से समझ दी गई, जिससे वे इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनें और अपने समुदाय में जागरूकता फैला सकें।
इस कार्यशाला का उद्देश्य उन फेलोज़ को उनके कार्य की स्पष्टता प्रदान करना था, जिन्हें इस एक साल की यात्रा के लिए चयनित किया गया है। इस कार्यक्रम के जरिए उनकी क्षमताओं का विकास हुआ और वे अपने दायित्वों को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने के लिए तैयार हुए। इस कार्यशाला में सिनर्जी संस्थान से पप्पु पवार,श्रीचन्द्र,पिरथी,रक्षा,सरोज सामिल रहे।
रहटगांव - सिनर्जी संस्थान व TDH के सहयोग से चलाए जा रहे प्रोग्राम किशोर- किशोरी संसाधन केंद्र द्वारा ग्राम स्तर पर युवाओं के नेतृत्व विकास के उद्देश्य से युवा नेतृत्व क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 12 गांवों के 38 युवा साथियों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नेतृत्व गुणों, लक्ष्य निर्धारण और जेंडर समानता पर जागरूक करना था। कार्यशाला में युवाओं को एक अच्छे लीडर की विशेषताएं और नेतृत्व में आवश्यक पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही, उन्होंने अपने एक साल के व्यक्तिगत एवं सामुदायिक लक्ष्य तय किए और उनकी पूर्ति के लिए रणनीतियाँ भी बनाईं।
कार्यक्रम के दौरान जेंडर समानता, पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा और बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं को इन विषयों की गहराई से समझ दी गई, जिससे वे इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनें और अपने समुदाय में जागरूकता फैला सकें।
इस कार्यशाला का उद्देश्य उन फेलोज़ को उनके कार्य की स्पष्टता प्रदान करना था, जिन्हें इस एक साल की यात्रा के लिए चयनित किया गया है। इस कार्यक्रम के जरिए उनकी क्षमताओं का विकास हुआ और वे अपने दायित्वों को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने के लिए तैयार हुए। इस कार्यशाला में सिनर्जी संस्थान से पप्पु पवार,श्रीचन्द्र,पिरथी,रक्षा,सरोज सामिल रहे।विज्ञापन
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