: रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन:बच्चों ने रंगोली से दिया भारतीय संस्कृति और कला का परिचय
Barkat Qureshi / Fri, Feb 14, 2025 / Post views : 187
रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन:बच्चों ने रंगोली से दिया भारतीय संस्कृति और कला का परिचय
नगर परिषद मूंदी के तत्वाधान में संत बुखारदास एवं संत गुलाबदास परिसर में रागोली प्रतियोगिता का आयेाजन किया गया।
जिसमें सेन्ट मेरिस स्कूल, लायन्स स्कूल, माडल पब्लिक स्कूल,रेवोत्तमा इन्टरनेशन स्कूल सी एम राइस स्कूल,संस्कार पब्लिक स्कूल,आशादेवी पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और अपने कला कौशल को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया। रंगोली को अपने बाल मन के मनोभावों की अभिव्यक्ति की जिसे देखकर हर व्यक्ति का मन अत्यधिक प्रफुल्लित हुआ तथा बच्चों का भी उत्साहवर्धन हुआ।
इस मौके पर सभी स्कूलो के प्रधानाध्यापको ने कहा कि रंगोली प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य रंगों के प्रति जागरूक करना। वहीं बच्चो के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारना है।
नगर परिषद मूंदी की अध्यक्ष श्रीमति ज्योतिबाला राठोर ने कहा कि हर कला का एक हुनर है परन्तु इसे सीखना इससे भी बड़ा हुनर है, तथा इसके लिए मैं इन अध्यापिकाओं की सराहना करती हूं जोे बच्चों की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभा रही है। विद्यार्थियों के साथ सहज तालमेेल एवं उन्हें प्रेरित करने में निश्चय ही इनकी अहम भूमिका है जो छात्राओ क्षमता को पहचानकर उन्हें अभिव्यक्त करने हेतु प्रेरणादायी सिद्ध होती है। ओर उनके द्वारा समस्त प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत भी किया गया ।
नगर परिषद मूंदी के तत्वाधान में संत बुखारदास एवं संत गुलाबदास परिसर में रागोली प्रतियोगिता का आयेाजन किया गया।
जिसमें सेन्ट मेरिस स्कूल, लायन्स स्कूल, माडल पब्लिक स्कूल,रेवोत्तमा इन्टरनेशन स्कूल सी एम राइस स्कूल,संस्कार पब्लिक स्कूल,आशादेवी पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और अपने कला कौशल को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया। रंगोली को अपने बाल मन के मनोभावों की अभिव्यक्ति की जिसे देखकर हर व्यक्ति का मन अत्यधिक प्रफुल्लित हुआ तथा बच्चों का भी उत्साहवर्धन हुआ।
इस मौके पर सभी स्कूलो के प्रधानाध्यापको ने कहा कि रंगोली प्रतियोगिता के आयोजन का मुख्य उद्देश्य रंगों के प्रति जागरूक करना। वहीं बच्चो के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारना है।
नगर परिषद मूंदी की अध्यक्ष श्रीमति ज्योतिबाला राठोर ने कहा कि हर कला का एक हुनर है परन्तु इसे सीखना इससे भी बड़ा हुनर है, तथा इसके लिए मैं इन अध्यापिकाओं की सराहना करती हूं जोे बच्चों की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभा रही है। विद्यार्थियों के साथ सहज तालमेेल एवं उन्हें प्रेरित करने में निश्चय ही इनकी अहम भूमिका है जो छात्राओ क्षमता को पहचानकर उन्हें अभिव्यक्त करने हेतु प्रेरणादायी सिद्ध होती है। ओर उनके द्वारा समस्त प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत भी किया गया ।विज्ञापन
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