: वन ग्राम तावखेड़ी में भीषण जल संकट
Barkat Qureshi / Fri, Apr 11, 2025 / Post views : 190
वन ग्राम तावखेड़ी में भीषण जल संकट
खंडवा जिले के हरसूद विधानसभा क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे वन ग्राम तावखेड़ी में गर्मी बढ़ने के साथ-साथ जल संकट गहराने लगा है। महिलाओं को पानी लाने के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है। गांव के पूरे हेडपम्प भी बंद पड़ा हुआ है।
भारत सरकार द्वारा हर गांव में पानी उपलब्ध करने के लिए जल जीवन मिशन प्रारंभ किया है। वहीं हरसूद विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि देश के प्रधानमंत्री के सपनों पर पलीता लगा रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण ग्राम तावखेड़ी मैं देखने को मिल रहा है क्योंकि ग्राम तावखेड़ी में जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदार द्वारा कार्य किया गया था वह भी अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों द्वारा कोरकू आदिवासी समाज संगठन के पदाधिकारियों को यह भी बताया कि गांव के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय को एक ही संविदा शिक्षक द्वारा संभाल रहे हैं। इसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रहे हैं।
साथ ही साथ स्कूल भवन भी खंडहर अवस्था में है जो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गंभीर प्रश्न यह है कि खालवा तहसील खंडवा जिले का सबसे बड़ा एवं आदिवासी तहसील होने के कारण अन्य विधानसभा की अपेक्षा सबसे अधिक बजट भी प्राप्त करते हैं इसके बावजूद भी जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्र से विकास के मामले में बहुत ही पिछड़ा हुआ है। ग्रामीणों द्वारा प्रधानमंत्री आवास नहीं मिलने, राशन कार्ड नहीं बनने, वन अधिकार पट्टा नहीं बनने तथा बिजली विभाग द्वारा पिछले 7 महीने से पूरे गांव के विद्युत कनेक्शन काटने जैसे आदि समस्या भी बताएं। संगठन द्वारा ग्रामीणों से पूछताछ करने पर यह ज्ञात हुआ कि गांव के अधिकतर युवा यूवती रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन कर गए हैं। ग्रामीणों द्वारा समस्याओं से दुखी एवं आक्रोश होकर संगठन के पदाधिकारियों को यह भी कहने लगे हैं कि आने वाले भविष्य में चुनाव का बहिष्कार तथा नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे जैसे बातें बताने लगे। इसी प्रकार की दयनीय स्थिति ग्राम वन ग्राम इमलीढाना का भी है। ग्राम इमलीढाना में आज भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नहीं जुड़ा है। स्कूल भवन नहीं है आंगनवाड़ी भवन भी नहीं है। गांव के लोकल छुटभैय्या नेता केवल बड़े नेताओं के चापलूसी एवं सेवा चाकरी में लगे रहते हैं इन्हें गांव की समस्या एवं विकास से कोई सरोकार नहीं रहते हैं। इस अवसर पर राधेश्याम पाटिल जिला अध्यक्ष खंडवा अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, निखिलेश पालवी सेक्टर प्रभारी गोलखेड़ा, अमर शिलाले सामाजिक कार्यकर्ता लंगोटी, बनवारी कास्डे कोरकू आदिवासी ग्रामीण उपाध्यक्ष जामधड़, विनोद कलमें खारीरैयत, अर्जुन कास्डे खारीरैयत, चंद्रसिंह पालवी, नारायण पालवी उप सरपंच गोलखेड़ा, टेबा पटेल, दिनेश साल्वे, गंगाराम, रेवाराम एवं अन्य ग्रामीण लोग उपस्थित रहे।
खंडवा जिले के हरसूद विधानसभा क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे वन ग्राम तावखेड़ी में गर्मी बढ़ने के साथ-साथ जल संकट गहराने लगा है। महिलाओं को पानी लाने के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है। गांव के पूरे हेडपम्प भी बंद पड़ा हुआ है।
भारत सरकार द्वारा हर गांव में पानी उपलब्ध करने के लिए जल जीवन मिशन प्रारंभ किया है। वहीं हरसूद विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि देश के प्रधानमंत्री के सपनों पर पलीता लगा रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण ग्राम तावखेड़ी मैं देखने को मिल रहा है क्योंकि ग्राम तावखेड़ी में जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदार द्वारा कार्य किया गया था वह भी अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों द्वारा कोरकू आदिवासी समाज संगठन के पदाधिकारियों को यह भी बताया कि गांव के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय को एक ही संविदा शिक्षक द्वारा संभाल रहे हैं। इसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रहे हैं।
साथ ही साथ स्कूल भवन भी खंडहर अवस्था में है जो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गंभीर प्रश्न यह है कि खालवा तहसील खंडवा जिले का सबसे बड़ा एवं आदिवासी तहसील होने के कारण अन्य विधानसभा की अपेक्षा सबसे अधिक बजट भी प्राप्त करते हैं इसके बावजूद भी जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्र से विकास के मामले में बहुत ही पिछड़ा हुआ है। ग्रामीणों द्वारा प्रधानमंत्री आवास नहीं मिलने, राशन कार्ड नहीं बनने, वन अधिकार पट्टा नहीं बनने तथा बिजली विभाग द्वारा पिछले 7 महीने से पूरे गांव के विद्युत कनेक्शन काटने जैसे आदि समस्या भी बताएं। संगठन द्वारा ग्रामीणों से पूछताछ करने पर यह ज्ञात हुआ कि गांव के अधिकतर युवा यूवती रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन कर गए हैं। ग्रामीणों द्वारा समस्याओं से दुखी एवं आक्रोश होकर संगठन के पदाधिकारियों को यह भी कहने लगे हैं कि आने वाले भविष्य में चुनाव का बहिष्कार तथा नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे जैसे बातें बताने लगे। इसी प्रकार की दयनीय स्थिति ग्राम वन ग्राम इमलीढाना का भी है। ग्राम इमलीढाना में आज भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नहीं जुड़ा है। स्कूल भवन नहीं है आंगनवाड़ी भवन भी नहीं है। गांव के लोकल छुटभैय्या नेता केवल बड़े नेताओं के चापलूसी एवं सेवा चाकरी में लगे रहते हैं इन्हें गांव की समस्या एवं विकास से कोई सरोकार नहीं रहते हैं। इस अवसर पर राधेश्याम पाटिल जिला अध्यक्ष खंडवा अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, निखिलेश पालवी सेक्टर प्रभारी गोलखेड़ा, अमर शिलाले सामाजिक कार्यकर्ता लंगोटी, बनवारी कास्डे कोरकू आदिवासी ग्रामीण उपाध्यक्ष जामधड़, विनोद कलमें खारीरैयत, अर्जुन कास्डे खारीरैयत, चंद्रसिंह पालवी, नारायण पालवी उप सरपंच गोलखेड़ा, टेबा पटेल, दिनेश साल्वे, गंगाराम, रेवाराम एवं अन्य ग्रामीण लोग उपस्थित रहे।विज्ञापन
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