: संत शिरोमणि संत कंवर राम जी की जयंती सिंधी समाज हरदा द्वारा धूमधाम से मनाई
Barkat Qureshi / Mon, Apr 14, 2025 / Post views : 171
संत शिरोमणि संत कंवर राम जी की जयंती सिंधी समाज हरदा द्वारा धूमधाम से मनाई
हरदा। पूज्य सिंधी समाज हरदा द्वारा रविवार को संत शिरोमणि संत कंवर राम जी की जयंती बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव से मनाई गई। इस अवसर पर समाजजन संत कंवर राम चौराहे पर एकत्रित हुए और जयकारों के साथ संतजी के जीवन मूल्यों को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संत कंवर राम जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इस दौरान समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तोलाराम असरानी, मनोज केसवानी, तिलोक आडवाणी, खेमचंद कपूर, जयपाल धामेजा, नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी, पूर्व पार्षद संजय लोकवाणी, हीरालाल, महेश धमनानी, नरवानी, जय पुरवानी, महाराज नानक उदासी, महेन्द्र कपूर आदि गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि “संत कंवर राम जी हमारे समाज के गौरव हैं। उनका जीवन समर्पण, सेवा, सच्चाई और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव का वातावरण बनाना चाहिए।
संत कंवर राम जी : भक्ति, करुणा और सामाजिक जागरूकता के प्रतीक
संत कंवर राम जी का जन्म 13 अप्रैल 1885 को सिंध (अब पाकिस्तान में) स्थित जरक शहर में हुआ था। वे एक महान संत, कवि, भक्त और समाज सुधारक थे। संत कंवर राम जी ने संगीत के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारा और सच्चाई का संदेश फैलाया। उनका जीवन पूरी तरह से सेवा, प्रेम और आध्यात्मिकता को समर्पित था। उनकी भजन गायकी इतनी प्रभावशाली होती थी कि श्रोताओं की आंखें नम हो जाती थीं। उन्होंने कभी किसी धर्म, जाति या वर्ग में भेद नहीं किया और हर व्यक्ति को ईश्वर का अंश माना। संत कंवर राम जी की जयंती पर इस प्रकार का आयोजन सिंधी समाज की श्रद्धा, संस्कृति और एकजुटता का प्रतीक है।
हरदा। पूज्य सिंधी समाज हरदा द्वारा रविवार को संत शिरोमणि संत कंवर राम जी की जयंती बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव से मनाई गई। इस अवसर पर समाजजन संत कंवर राम चौराहे पर एकत्रित हुए और जयकारों के साथ संतजी के जीवन मूल्यों को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संत कंवर राम जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इस दौरान समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तोलाराम असरानी, मनोज केसवानी, तिलोक आडवाणी, खेमचंद कपूर, जयपाल धामेजा, नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी, पूर्व पार्षद संजय लोकवाणी, हीरालाल, महेश धमनानी, नरवानी, जय पुरवानी, महाराज नानक उदासी, महेन्द्र कपूर आदि गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने कहा कि “संत कंवर राम जी हमारे समाज के गौरव हैं। उनका जीवन समर्पण, सेवा, सच्चाई और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव का वातावरण बनाना चाहिए।
संत कंवर राम जी : भक्ति, करुणा और सामाजिक जागरूकता के प्रतीक
संत कंवर राम जी का जन्म 13 अप्रैल 1885 को सिंध (अब पाकिस्तान में) स्थित जरक शहर में हुआ था। वे एक महान संत, कवि, भक्त और समाज सुधारक थे। संत कंवर राम जी ने संगीत के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारा और सच्चाई का संदेश फैलाया। उनका जीवन पूरी तरह से सेवा, प्रेम और आध्यात्मिकता को समर्पित था। उनकी भजन गायकी इतनी प्रभावशाली होती थी कि श्रोताओं की आंखें नम हो जाती थीं। उन्होंने कभी किसी धर्म, जाति या वर्ग में भेद नहीं किया और हर व्यक्ति को ईश्वर का अंश माना। संत कंवर राम जी की जयंती पर इस प्रकार का आयोजन सिंधी समाज की श्रद्धा, संस्कृति और एकजुटता का प्रतीक है।विज्ञापन
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