: सैफी गोल्डन जुबिली कादरिया कालेज में माइक्रोबायोलॉजी, एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा अन्तरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
Barkat Qureshi / Thu, Feb 27, 2025 / Post views : 201
सैफी गोल्डन जुबिली कादरिया कालेज में माइक्रोबायोलॉजी, एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा अन्तरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
बूरहानपूर।सैफी गोल्डन जुबिली कादरिया कॉलेज, बुरहानपुर के माइक्रोबायलोजी एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा अन्तरराष्ट्रीय एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन डॉ. तालिब युसूफ, डीन, बुरहानी कॉलेज, मुम्बई के संयोजन में सम्पन्न हुआ।
संस्था प्रबंधन समिति सदस्य श्री मंसूर भाई सेवक जी के अध्यक्षता सम्बोधन के द्वारा बायोइनॉमेटीक्स, जीनोमिक्स व कम्प्यूटेशनलबायलॉजी विषय पर आधारित कार्यशाला का आरंभ हुई। सेवक जी ने अन्तरराष्ट्रीय कार्यशाला की आवश्यकता का महत्व बताते हुए, शिक्षा व अनुसंधान में नवाचार व प्रगति के लिए कादरिया कॉलेज निरंतर प्रयासरत रहेगा।
इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि पश्चिम अफ्रीका के देश माली की University Scientific Libre of Bamaco के अध्यक्ष डॉ. हम्दोन गरबा सिसे थे। डॉ. सिसे ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य भारत और पश्चिम अफ्रीका देशों के अन्तरराष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों व शोधार्थियों को बायोइन्फोमेटिक्स में तेजी से बढ़ते क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना व कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी कौशल को बढ़ाने और भविष्य के लिए नए रास्ते खोलने का मार्ग प्रशस्त कराना है।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. तालिब युसूफ ने भारत व अफ्रीका के 160 विद्यार्थियों व शोधार्थियों को बायोइनफर्फोमेटिक्स, जीनोमिक्स को विस्तारपूर्वक बताते हुए, कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी प्रायोगिक प्रशिक्षण देते हुए कार्यशाला को सम्पन्न कराया।
संस्था सचिव श्री मुल्ला अलीअसगर टाकलीवाला जी ने अन्तरराष्ट्रीय कार्यशाला के सफल आयोजन पर बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की व भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों व शोधार्थियों को लाभान्वित किये जाने हेतु समस्त स्टॉफ को प्रेरित किया।
कॉलेज प्राचार्य प्रो. मोहम्मद इस्माईल बफाती ने कहा कि बायोइन्फोमेटिक्स का क्षेत्र भविष्य में रोजगार उन्मुखी होने के साथ-साथ मानव सभ्यता के लिए मील का पत्थर भी साबित होगा। इस कार्यशाला के माध्यम से दोनों देशों के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सभ्यता का आदान-प्रदान नई उर्जा का प्रसार करेगा।
कार्यक्रम का संचालन बायोटेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अजहरउद्दीन ने किया। तकनीकी सहायक प्रो. शबनम कौसर व श्री मो. नदीम रहे। कार्यक्रम का आभार माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. रितु मालवी ने किया। कार्यक्रम में प्रो. चन्द्रकान्त महाजन, प्रो. रेहान शेख, प्रो. शाकीर तिगाला, प्रो. निकहत अंसारी, प्रो. शगफीन मिर्जा व प्रो. डॉ. सविता मिश्रा, विद्यार्थी व अन्य समस्त स्टॉफ उपस्थित रहा।
बूरहानपूर।सैफी गोल्डन जुबिली कादरिया कॉलेज, बुरहानपुर के माइक्रोबायलोजी एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा अन्तरराष्ट्रीय एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन डॉ. तालिब युसूफ, डीन, बुरहानी कॉलेज, मुम्बई के संयोजन में सम्पन्न हुआ।
संस्था प्रबंधन समिति सदस्य श्री मंसूर भाई सेवक जी के अध्यक्षता सम्बोधन के द्वारा बायोइनॉमेटीक्स, जीनोमिक्स व कम्प्यूटेशनलबायलॉजी विषय पर आधारित कार्यशाला का आरंभ हुई। सेवक जी ने अन्तरराष्ट्रीय कार्यशाला की आवश्यकता का महत्व बताते हुए, शिक्षा व अनुसंधान में नवाचार व प्रगति के लिए कादरिया कॉलेज निरंतर प्रयासरत रहेगा।
इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि पश्चिम अफ्रीका के देश माली की University Scientific Libre of Bamaco के अध्यक्ष डॉ. हम्दोन गरबा सिसे थे। डॉ. सिसे ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य भारत और पश्चिम अफ्रीका देशों के अन्तरराष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों व शोधार्थियों को बायोइन्फोमेटिक्स में तेजी से बढ़ते क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना व कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी कौशल को बढ़ाने और भविष्य के लिए नए रास्ते खोलने का मार्ग प्रशस्त कराना है।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. तालिब युसूफ ने भारत व अफ्रीका के 160 विद्यार्थियों व शोधार्थियों को बायोइनफर्फोमेटिक्स, जीनोमिक्स को विस्तारपूर्वक बताते हुए, कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी प्रायोगिक प्रशिक्षण देते हुए कार्यशाला को सम्पन्न कराया।
संस्था सचिव श्री मुल्ला अलीअसगर टाकलीवाला जी ने अन्तरराष्ट्रीय कार्यशाला के सफल आयोजन पर बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की व भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों व शोधार्थियों को लाभान्वित किये जाने हेतु समस्त स्टॉफ को प्रेरित किया।
कॉलेज प्राचार्य प्रो. मोहम्मद इस्माईल बफाती ने कहा कि बायोइन्फोमेटिक्स का क्षेत्र भविष्य में रोजगार उन्मुखी होने के साथ-साथ मानव सभ्यता के लिए मील का पत्थर भी साबित होगा। इस कार्यशाला के माध्यम से दोनों देशों के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सभ्यता का आदान-प्रदान नई उर्जा का प्रसार करेगा।
कार्यक्रम का संचालन बायोटेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अजहरउद्दीन ने किया। तकनीकी सहायक प्रो. शबनम कौसर व श्री मो. नदीम रहे। कार्यक्रम का आभार माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. रितु मालवी ने किया। कार्यक्रम में प्रो. चन्द्रकान्त महाजन, प्रो. रेहान शेख, प्रो. शाकीर तिगाला, प्रो. निकहत अंसारी, प्रो. शगफीन मिर्जा व प्रो. डॉ. सविता मिश्रा, विद्यार्थी व अन्य समस्त स्टॉफ उपस्थित रहा।विज्ञापन
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