: सोशल मीडिया से बहक रहे बच्चे, रीवा से भागकर आए नाबालिग लड़के लड़कियों को परिजनों को सौंपा
Barkat Qureshi / Mon, Feb 24, 2025 / Post views : 293
सोशल मीडिया से बहक रहे बच्चे, रीवा से भागकर आए नाबालिग लड़के लड़कियों को परिजनों को सौंपा
10 वी कक्षा में अध्ययनरत होने के मद्देनजर त्वरित कार्यवाही कर दिया आदेश , जिससे बच्चे बोर्ड परीक्षा में बैठ सके, फिल्मी कहानियों की तरह जीवन को समझ रहे बच्चे, जाने-अनजाने अपने परिवार से बिछुड़े बच्चों को संभालकर सही-सलामत उनके परिवारों को पहुंचाने में न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा अहम किरदार निभा रही है। इन्हीं समाजसेवी गतिविधियों की कड़ी में बाल कल्याण समिति ने घर से झगड़ा करके भागे नाबालिग लड़का-लड़की को उनके परिवारों को सौंपा।
दोनों केसों में बाल कल्याण समिति ने बच्चे के साथ-साथ अभिभावकों को भी ऐसे हादसों के लिए जिम्मेदार ठहराया। सोशल मीडिया से प्रभावित बच्चे को समझाया और घर से भागने के नुकसान गिनाए। वहीं माता-पिता को भी अपने बच्चे की उचित देखभाल करने प्यार से समझाने का आग्रह करते कहा कि बच्चों की अनदेखी करने पर ही अक्सर बच्चे घर से भागते हैं।
रीवा के रहने वाले 17 वर्षीय बालक और 15 वर्षीय बालिका को रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेन में पकड़ा, बाल कल्याण समिति ने बच्चे की काउंसलिंग करके जाना कि वो अपने मम्मी से झगड़ा करके घर से भागे है। पूछताछ में दिए उसके पापा के मोबाइल नंबर पर संपर्क करके बच्चे के सही-सलामत होने की जानकारी दी। बाल कल्याण समिति के चेयरमैन प्रवीण शर्मा की मौजूदगी में प्रस्तुत किया ।
वहीं रीवा की रहने वाली 15 वर्षीय एक लड़की ने बताया कि वो अपने मम्मी-पापा से नाराज होकर घर से भागी है। पूछताछ में बच्ची के बताए पते पर संपर्क किया गया कामयाबी मिलने पर बच्चों का मेडिकल करवाकर न्यायपीठ बाल कल्याण समिति चेयरमैन प्रवीण शर्मा के निर्देशों पर दो दिन के लिए वन स्टॉप सेंटर एवं चिल्ड्रन होम में रखा गया। सोमवार को रीवा से खंडवा पहुंचे मम्मी-पापा अपनी बच्ची को सही-सलामत देखकर बेहद खुश हुए और उसे गले से लगा लिया। *समाज में समर्पण की भावना से जीना ही सच्ची सेवा है इसी भाव से दोनों नाबालिको से पौधारोपण भी करवाया*, बाल कल्याण समिति सदस्य मोहन मालवीय, स्वप्निल जैन, कविता पटेल की मौजूदगी में बच्चों को उसके मम्मी-पापा को सौंपा गया, साथ ही बच्चों को भविष्य में कभी भी ऐसा गलत कदम नहीं उठाने के लिए प्रेरित किया। पूरे मामले में मयूर चौरे और दीपक लाड का सहयोग रहा
विज्ञापन
विज्ञापन