: हरदा कलेक्टर के आदेश के बावजूद जारी है नरवाई जलाने की घटनाएं, प्रशासन की लापरवाही से जनता परेशान
Barkat Qureshi / Mon, Mar 31, 2025 / Post views : 190
हरदा कलेक्टर के आदेश के बावजूद जारी है नरवाई जलाने की घटनाएं, प्रशासन की लापरवाही से जनता परेशान
हरदा, 30 मार्च 2025 – बीती रात हरदा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने से जहरीला धुआं फैल गया, जिससे नागरिकों को आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई और गले में दर्द जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। हरदा कलेक्टर द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी नरवाई जलाने पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन हकीकत यह है कि आदेश जारी होने के बावजूद प्रशासन इसे लागू करवाने में पूरी तरह विफल रहा है।
प्रशासनिक आदेश केवल औपचारिकता बनकर रह गए
हर साल नरवाई जलाने पर रोक लगाने के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन मैदानी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। ऐसा प्रतीत होता है कि यह आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं और प्रशासन आदेश जारी करने के बाद इसे पूरी तरह भूल जाता है। गांव-गांव में नियुक्त कोटवारों को इसकी जानकारी होती है कि कहां खेतों में आग लगाई जा रही है, फिर भी वे कोई सूचना नहीं देते और न ही कार्रवाई होती है।
कोटवारों से सर्वे करवाकर दोषियों की पहचान हो सकती है
हर गांव में एक कोटवार नियुक्त होता है, जो अपने क्षेत्र की हर गतिविधि से अवगत रहता है।यदि प्रशासन इच्छाशक्ति दिखाए तो कोटवारों के माध्यम से सर्वे करवाकर यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि किसने अपने खेत में आग लगाई है, क्योंकि आग लगने के बाद पूरा खेत काला हो जाता है और उसकी पहचान करना मुश्किल नहीं होता।लेकिन जब कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो किसानों को भी कोई डर नहीं रहता और वे बेधड़क नरवाई जलाते हैं, जिससे पूरे जिले में वायु प्रदूषण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।
विपक्ष की प्रशासन से मांग
नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने प्रशासन से मांग की है कि –
1. नरवाई जलाने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए और दोषियों पर जुर्माना लगाया जाए।
2. कोटवारों को निर्देशित किया जाए कि वे खेतों में आग लगाने वालों की जानकारी प्रशासन को दें, ताकि उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
3. प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि शहरवासियों को इस तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना न करना पड़े।
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखकर शिकायत की है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर महोदय इस पर क्या कार्रवाई करते हैं। अगर प्रशासन केवल आदेश जारी करके इसे भूल जाता है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता, तो नगर पालिका परिषद के विपक्षी पार्षद इस मुद्दे को लेकर जल्द ही बड़ा विरोध दर्ज कराएंगे।
हरदा, 30 मार्च 2025 – बीती रात हरदा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने से जहरीला धुआं फैल गया, जिससे नागरिकों को आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई और गले में दर्द जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। हरदा कलेक्टर द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी नरवाई जलाने पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन हकीकत यह है कि आदेश जारी होने के बावजूद प्रशासन इसे लागू करवाने में पूरी तरह विफल रहा है।
प्रशासनिक आदेश केवल औपचारिकता बनकर रह गए
हर साल नरवाई जलाने पर रोक लगाने के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन मैदानी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। ऐसा प्रतीत होता है कि यह आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं और प्रशासन आदेश जारी करने के बाद इसे पूरी तरह भूल जाता है। गांव-गांव में नियुक्त कोटवारों को इसकी जानकारी होती है कि कहां खेतों में आग लगाई जा रही है, फिर भी वे कोई सूचना नहीं देते और न ही कार्रवाई होती है।
कोटवारों से सर्वे करवाकर दोषियों की पहचान हो सकती है
हर गांव में एक कोटवार नियुक्त होता है, जो अपने क्षेत्र की हर गतिविधि से अवगत रहता है।यदि प्रशासन इच्छाशक्ति दिखाए तो कोटवारों के माध्यम से सर्वे करवाकर यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि किसने अपने खेत में आग लगाई है, क्योंकि आग लगने के बाद पूरा खेत काला हो जाता है और उसकी पहचान करना मुश्किल नहीं होता।लेकिन जब कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो किसानों को भी कोई डर नहीं रहता और वे बेधड़क नरवाई जलाते हैं, जिससे पूरे जिले में वायु प्रदूषण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।
विपक्ष की प्रशासन से मांग
नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने प्रशासन से मांग की है कि –
1. नरवाई जलाने की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए और दोषियों पर जुर्माना लगाया जाए।
2. कोटवारों को निर्देशित किया जाए कि वे खेतों में आग लगाने वालों की जानकारी प्रशासन को दें, ताकि उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकें।
3. प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि शहरवासियों को इस तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना न करना पड़े।
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखकर शिकायत की है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर महोदय इस पर क्या कार्रवाई करते हैं। अगर प्रशासन केवल आदेश जारी करके इसे भूल जाता है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता, तो नगर पालिका परिषद के विपक्षी पार्षद इस मुद्दे को लेकर जल्द ही बड़ा विरोध दर्ज कराएंगे।विज्ञापन
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