: हरसूद की महिलाओं को योग से मिला नया जीवन: वंदना जाधव द्वारा चल रही नि:शुल्क योग कक्षा से मिली राहत
Barkat Qureshi / Sat, Jun 28, 2025 / Post views : 281
हरसूद की महिलाओं को योग से मिला नया जीवन: वंदना जाधव द्वारा चल रही नि:शुल्क योग कक्षा से मिली राहत
संवाददाता लोकेंद्र तिरोले
हरसूद शहर की महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायी पहल बन रही है योग शिक्षिका वंदना जाधव की नि:शुल्क योग कक्षा, जो पिछले तीन महीनों से नियमित रूप से संचालित की जा रही है। इस कक्षा का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
प्रत्येक दिन प्रात: 5:30 बजे से 7:00 बजे तक आयोजित होने वाली इस योग कक्षा में प्रार्थना, सूक्ष्म यौगिक व्यायाम, विभिन्न आसन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया जाता है। इस पहल की शुरुआत वंदना जाधव ने अकेले की थी, लेकिन आज यह एक आंदोलन का रूप ले चुकी है। वर्तमान में लगभग 40 महिलाएं, जिनकी उम्र 11 वर्ष से लेकर 65 वर्ष तक है, नियमित रूप से योग सत्र में भाग ले रही हैं।
योग अभ्यास का महिलाओं के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। अनेक प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें *कमर दर्द, घुटनों की पीड़ा, थायराइड, बीपी, मधुमेह, अनियमित मासिक धर्म, सियाटिका, तनाव और मोटापे जैसी समस्याओं* में राहत मिली है। इसके अलावा नियमित दिनचर्या और मानसिक स्फूर्ति में भी वृद्धि हुई है।
सबसे विशेष और उल्लेखनीय बात यह है कि एक 24 वर्षीय लकवाग्रस्त बालिका को निरंतर योग अभ्यास से धीरे-धीरे लाभ मिल रहा है। यह उदाहरण योग के चमत्कारी प्रभाव को दर्शाता है।
वंदना जाधव बताती हैं कि महिलाएं न केवल स्वयं जागरूक हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार को भी स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित कर रही हैं। कई प्रतिभागी स्वेच्छा से सकारात्मक फीडबैक दे रही हैं और नियमित उपस्थिति से यह साबित हो रहा है कि योग उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है।
हरसूद जैसी छोटी जगह में महिलाओं को सशक्त बनाने की यह अनूठी पहल निश्चित ही समाज में बदलाव की दिशा में एक सशक्त कदम है। वंदना जाधव का यह प्रयास प्रशंसा के योग्य है और अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी।
संवाददाता लोकेंद्र तिरोले
हरसूद शहर की महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायी पहल बन रही है योग शिक्षिका वंदना जाधव की नि:शुल्क योग कक्षा, जो पिछले तीन महीनों से नियमित रूप से संचालित की जा रही है। इस कक्षा का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
प्रत्येक दिन प्रात: 5:30 बजे से 7:00 बजे तक आयोजित होने वाली इस योग कक्षा में प्रार्थना, सूक्ष्म यौगिक व्यायाम, विभिन्न आसन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया जाता है। इस पहल की शुरुआत वंदना जाधव ने अकेले की थी, लेकिन आज यह एक आंदोलन का रूप ले चुकी है। वर्तमान में लगभग 40 महिलाएं, जिनकी उम्र 11 वर्ष से लेकर 65 वर्ष तक है, नियमित रूप से योग सत्र में भाग ले रही हैं।
योग अभ्यास का महिलाओं के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। अनेक प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें *कमर दर्द, घुटनों की पीड़ा, थायराइड, बीपी, मधुमेह, अनियमित मासिक धर्म, सियाटिका, तनाव और मोटापे जैसी समस्याओं* में राहत मिली है। इसके अलावा नियमित दिनचर्या और मानसिक स्फूर्ति में भी वृद्धि हुई है।
सबसे विशेष और उल्लेखनीय बात यह है कि एक 24 वर्षीय लकवाग्रस्त बालिका को निरंतर योग अभ्यास से धीरे-धीरे लाभ मिल रहा है। यह उदाहरण योग के चमत्कारी प्रभाव को दर्शाता है।
वंदना जाधव बताती हैं कि महिलाएं न केवल स्वयं जागरूक हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार को भी स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित कर रही हैं। कई प्रतिभागी स्वेच्छा से सकारात्मक फीडबैक दे रही हैं और नियमित उपस्थिति से यह साबित हो रहा है कि योग उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है।
हरसूद जैसी छोटी जगह में महिलाओं को सशक्त बनाने की यह अनूठी पहल निश्चित ही समाज में बदलाव की दिशा में एक सशक्त कदम है। वंदना जाधव का यह प्रयास प्रशंसा के योग्य है और अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी।विज्ञापन
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