: हरसूद NRC में मिला जीवनदायिनी इलाज गंभीर कुपोषण से जूझ रही 21 माह की विधिका स्वस्थ होकर लौटी घर
Barkat Qureshi / Wed, Jun 4, 2025 / Post views : 260
हरसूद NRC में मिला जीवनदायिनी इलाज
गंभीर कुपोषण से जूझ रही 21 माह की विधिका स्वस्थ होकर लौटी घर
संवाददाता: इम्तियाज गौरी, हरसूद
खंडवा जिले के विकासखंड हरसूद के ग्राम छापाकुंड निवासी विधिका पिता रामनिवास (आयु 21 माह) को जब गंभीर कुपोषण और चिकित्सीय जटिलता के साथ पोषण पुनर्वास केन्द्र (NRC) हरसूद लाया गया, तब उसकी हालत चिंताजनक थी। मां श्रीमती गंगा उसे लेकर 15 मई को केंद्र पहुंची थीं। वहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गगन दिलावरे द्वारा तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
14 दिनों की देखभाल से वजन और सेहत में सुधार
पोषण प्रशिक्षक नीतू जोशी के अनुसार, भर्ती के समय विधिका का वजन 6.410 किलोग्राम, ऊंचाई 75 सेमी और MUAC (मिड-अपर आर्म सर्कम्फरेंस) 11.6 सेमी था। यह स्थिति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आती है। उपचार व विशेष पोषण आहार की बदौलत 14 दिनों में विधिका का वजन बढ़कर 7.450 किग्रा और MUAC 11.8 सेमी हो गया।
केंद्र में विधिका की मां को पोषणयुक्त भोजन तैयार करने की व्यावहारिक ट्रेनिंग, स्वच्छता, और शिशु आहार पद्धतियों की नियमित काउंसलिंग दी गई। साथ ही हर 15 दिन में नियमित फॉलोअप के निर्देश भी दिए गए।
“बेटी को समय पर मिला इलाज, अब वह स्वस्थ है” — परिजन
विधिका के माता-पिता ने कहा कि —
“हम बेटी को बहुत गंभीर हालत में यहां लाए थे। डॉक्टर और स्टाफ की मेहनत और देखभाल से अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। हमें यहां दवा, भोजन और सभी सुविधाएं नि:शुल्क मिलीं। हम सबका दिल से धन्यवाद करते हैं।”
NRC हरसूद बना ग्रामीणों के लिए आशा की किरण
हरसूद का पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) न केवल कुपोषित बच्चों का इलाज कर रहा है, बल्कि पोषण जागरूकता, माताओं को सशक्त बनाने, और शिशु देखभाल के प्रति शिक्षित करने का कार्य भी कर रहा है। विधिका जैसी सफल कहानियां यह प्रमाण हैं कि यदि समय पर हस्तक्षेप और समर्पित सेवा मिले, तो गंभीर कुपोषण से भी बच्चों का जीवन बचाया जा सकता है।
संवाददाता: इम्तियाज गौरी, हरसूद
खंडवा जिले के विकासखंड हरसूद के ग्राम छापाकुंड निवासी विधिका पिता रामनिवास (आयु 21 माह) को जब गंभीर कुपोषण और चिकित्सीय जटिलता के साथ पोषण पुनर्वास केन्द्र (NRC) हरसूद लाया गया, तब उसकी हालत चिंताजनक थी। मां श्रीमती गंगा उसे लेकर 15 मई को केंद्र पहुंची थीं। वहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. गगन दिलावरे द्वारा तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
14 दिनों की देखभाल से वजन और सेहत में सुधार
पोषण प्रशिक्षक नीतू जोशी के अनुसार, भर्ती के समय विधिका का वजन 6.410 किलोग्राम, ऊंचाई 75 सेमी और MUAC (मिड-अपर आर्म सर्कम्फरेंस) 11.6 सेमी था। यह स्थिति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में आती है। उपचार व विशेष पोषण आहार की बदौलत 14 दिनों में विधिका का वजन बढ़कर 7.450 किग्रा और MUAC 11.8 सेमी हो गया।
केंद्र में विधिका की मां को पोषणयुक्त भोजन तैयार करने की व्यावहारिक ट्रेनिंग, स्वच्छता, और शिशु आहार पद्धतियों की नियमित काउंसलिंग दी गई। साथ ही हर 15 दिन में नियमित फॉलोअप के निर्देश भी दिए गए।
“बेटी को समय पर मिला इलाज, अब वह स्वस्थ है” — परिजन
विधिका के माता-पिता ने कहा कि —
“हम बेटी को बहुत गंभीर हालत में यहां लाए थे। डॉक्टर और स्टाफ की मेहनत और देखभाल से अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। हमें यहां दवा, भोजन और सभी सुविधाएं नि:शुल्क मिलीं। हम सबका दिल से धन्यवाद करते हैं।”
NRC हरसूद बना ग्रामीणों के लिए आशा की किरण
हरसूद का पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) न केवल कुपोषित बच्चों का इलाज कर रहा है, बल्कि पोषण जागरूकता, माताओं को सशक्त बनाने, और शिशु देखभाल के प्रति शिक्षित करने का कार्य भी कर रहा है। विधिका जैसी सफल कहानियां यह प्रमाण हैं कि यदि समय पर हस्तक्षेप और समर्पित सेवा मिले, तो गंभीर कुपोषण से भी बच्चों का जीवन बचाया जा सकता है।विज्ञापन
विज्ञापन