: गणेश उत्सव, साथ में मुहूर्त सहित अन्य जानकारी-आचार्य पं प्रफुल्ल दुबे
Barkat Qureshi / Tue, Aug 26, 2025 / Post views : 287
गणेश उत्सव, साथ में मुहूर्त सहित अन्य जानकारी-आचार्य पं प्रफुल्ल दुबे
हरदा से ब्यूरो चीफ गोपाल शुक्ला
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी २७ अगस्त २०२५ को मनाई जाएगी। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी २६ अगस्त को दोपहर ०१ बजकर ५४ मिनट से आरंभ हो रही है, जो २७ अगस्त को दोपहर ०३ बजकर ४४ मिनट तक है। ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से गणेश उत्सव २७ अगस्त, बुधवार से आरंभ होगा। गणेश चतुर्थी पूजा एवं शुभ मुहूर्त- गणेश उत्सव के दिन गणपति की पूजा के लिए सुबह ११:५ से दोपहर ०१:४० बजे तक का समय सबसे उत्तम है। इसकी कुल अवधि ०२ घंटे ३४ मिनट है। वर्जित चंद्र दर्शन का समय- गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करना अशुभ माना जाता है। इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने से किसी न किसी प्रकार के कलंक का सामना करना पड़ता है। इसलिए एक दिन पूर्व यानी २६ अगस्त से लेकर २७ अगस्त तक चंद्रमा देखने की मनाही है। वर्जित चन्द्र दर्शन का समय- २६ अगस्त दोपहर ०१:५४ से रात ०८:२९ तक। अवधि- ०६ घंटे ३४ मिनट। वर्जित चन्द्र दर्शन का समय- २७ अगस्त सुबह ०९:२८ से रात ०८:५७ तक। अवधि- ११ घंटे २९ मिनट। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी होती है। इस दिन गणेश जी का विसर्जन करना लाभकारी हो सकता है। इस साल अनंत चतुर्दशी ०६ सितंबर २०२५ को होगी। इस साल गणेश चतुर्थी का आरंभ बुधवार के दिन से हो रहा है, जो गणेश जी का ही दिन माना जाता है। इसके अलावा इस दिन शुक्ल योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग जैसे योगों का निर्माण हो रहा है।विज्ञापन
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