: भीलवाड़ा में रगों से निकला खून, बनेगा किसी की सांस का सहारा"
Barkat Qureshi / Mon, Jul 14, 2025 / Post views : 217
भीलवाड़ा में रगों से निकला खून, बनेगा किसी की सांस का सहारा"
भीलवाड़ा में 201 यूनिट रक्तदान के साथ इंसानियत की मिसाल बनी मुस्लिम समाज की एकजुटता"
संवाददाता ईस्हाक गौरी मूंदी
भीलवाड़ा शहर में रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब राजस्थान मुस्लिम यूथ संगठन द्वारा आयोजित 41वें रक्तदान शिविर और मंसूरी समाज रक्त समूह के 7वें शिविर ने समाज सेवा, एकता और इंसानियत की ज़मीन पर एक अमिट छाप छोड़ी। यह शिविर मौलाना अबुल कलाम आज़ाद कम्युनिटी हॉल, शास्त्रीनगर में आयोजित हुआ, जिसमें भीलवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में रक्तदाता, समाजसेवी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 🌟 धर्मगुरु जब बने रक्तदाता, तो समाज ने देखा नया इतिहास इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि भीलवाड़ा की तीन प्रमुख मस्जिदों के इमामों ने पहली बार स्वयं रक्तदान किया और समाज को यह संदेश दिया कि इंसानियत सबसे बड़ा मज़हब है: मुफ्ती साकिब अजहरी – मोहम्मदी कॉलोनी मस्जिद जमील अहमद – पेश इमाम, भवानी नगर मस्जिद अब्दुल रशीद – नायब इमाम, भवानी नगर मस्जिद इन तीनों धर्मगुरुओं ने अपने खून से यह साबित कर दिया कि रक्तदान केवल शारीरिक नहीं, आत्मिक सेवा भी है।
💉 201 यूनिट रक्तदान — मंसूरी समाज के 42 युवाओं की भागीदारी
शिविर में कुल 201 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जिसमें मंसूरी समाज रक्त समूह के 42 युवा विशेष रूप से आगे आए।
यह रक्त महात्मा गांधी ब्लड बैंक, भीलवाड़ा को 111 यूनिट और महाराणा भोपाल ब्लड बैंक, उदयपुर को 90 यूनिट प्रदान किया गया।
शिविर प्रभारी इकबाल मंसूरी और समाजसेवी अली चादेड ने बताया कि रक्तदान को लेकर युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। धर्मगुरुओं द्वारा दिए गए संदेशों ने शिविर को एक नई ऊंचाई दी।
🗣️ रक्तदाताओं की भावनाएं बनीं शिविर की आत्मा
रक्तदान में शामिल हुए युवाओं ने भावुक होकर कहा:
"यह खून किसी अस्पताल में नहीं, किसी माँ की दुआओं में बहेगा।"
"शायद मेरा दिया हुआ खून किसी बच्चे की जिंदगी बचा ले — यह एहसास जीवनभर याद रहेगा।"
🤝 हर विचारधारा एक मंच पर — सियासत नहीं, इंसानियत की मिसाल
शिविर में काजी ए शहर हज़रत मोहम्मद अशरफ जिलानी अजहरी साहब, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी, और अन्य कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इनमें शामिल थे:
हाजी अब्दुल गफ्फार मुल्तानी (संस्थापक, राजस्थान मुस्लिम यूथ)
अली मंसूरी (संस्थापक, मंसूरी समाज रक्त समूह)
हाजी सलीम अंसारी (पार्षद, वार्ड 49)
विक्रम दाधीच, अजहर कायमखानी, उस्मान पठान
वक्फ बोर्ड जिलाध्यक्ष हमीद रंगरेज़
असलम पठान (सुफियान कब्रिस्तान सदर)
पत्रकार फारुख खान (मोनू), हाजी मुजीबुर रहमान डायर
एडवोकेट शाहिद देशवाली, हाजी मोहसिन मंसूरी
इमरान कायमखानी, अनवर अहमद छिपा (कपासन दरगाह अध्यक्ष)
यूनुस खान (राजस्थान परिवहन प्रशासनिक अधिकारी)
मुल्तानी वेलफेयर सोसायटी और बिसायती समाज के प्रतिनिधि
🙏 शिविर का उद्देश्य — “कोम की खिदमत, खुदा की इबादत”
समाजसेवियों और आयोजकों ने संयुक्त रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह शिविर सिर्फ एक आयोजन नहीं था, बल्कि यह एक पैग़ाम था कि जब समाज एकजुट होता है, तो कोई भी सेवा असंभव नहीं रहती।
शिविर की सफलता में विशेष योगदान रहा:
रक्त मित्र समूह के मुकीम खान
समस्त मंसूरी समाज टीम
राजस्थान मुस्लिम यूथ कार्यकर्ता
ब्लड बैंक स्टाफ और मेडिकल टीम
ओर अंत में नबी अली गौरी ने समापन के संदेश में कहा कि—
“जिस समाज के युवा खून देकर मुस्कुराते हैं, उस समाज का भविष्य कभी कमज़ोर नहीं होता।”
“यह शिविर थमा नहीं है — यह तो बस शुरू हुआ है। अगली बार... और भी बड़ी मिशाल के साथ।”विज्ञापन
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