: "मत उजाड़ो साहब!" – वल्लभ नगर में बारिश से पहले बेघर होने का डर
Barkat Qureshi / Sun, Jun 22, 2025 / Post views : 517
"मत उजाड़ो साहब!" – वल्लभ नगर में बारिश से पहले बेघर होने का डर
झुग्गीवासियों के बीच पहुंचे कांग्रेस प्रदेश सचिव उत्तमपाल सिंह पुरनी ने कहा – "ये सिर्फ कार्रवाई नहीं, अमानवीयता है"
✍️ संवाददाता – इस्हाक़ गौरी, मूंदी
मूंदी नगर परिषद द्वारा वल्लभ नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की तैयारी ने बरसात से पहले झोपड़ियों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। नगर परिषद इसे जनहित की कार्रवाई बता रही है, परंतु गरीब तबका इसे बरसात से पहले की "उजाड़ नीति" मान रहा है।
🌧️ "बारिश आने वाली है… और हमसे छत छीनी जा रही है"
65 वर्षीय महिला की डबडबाई आंखों से निकली पुकार प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठा रही है। उनका कहना है:
“हमने ज़मीन नहीं छीनी, बस जीने की जगह मांगी थी। अगर घर गया, तो दवा, राशन, कपड़े – सब बारिश में बह जाएंगे।”
स्थानीय समाजसेवियों ने मांग की है कि मानसून के बाद ही कोई कार्रवाई की जाए।
👨👩👧👦 सबसे ज़्यादा असर बच्चों और बुज़ुर्गों पर
झुग्गीवासियों में अधिकांश लोग मजदूरी, ठेले और सब्जी विक्रय जैसे कार्यों पर निर्भर हैं। एक पिता ने चिंता जताते हुए कहा:
“बच्चों की किताबें भीग जाएंगी। फिर पढ़ाई कैसे होगी?”
⚠️ संक्रमण और बीमारियों का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में खुले में रहना गंभीर बीमारियों को न्योता देना है। डेंगू, मलेरिया, त्वचा रोग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
📢 रहवासियों ने प्रशासन से अपील कि है कि :
कार्रवाई मानसून के बाद की जाए
पहले पुनर्वास और आवास की व्यवस्था हो
पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जाए
संवाद और विकल्प का रास्ता खोला जाए
🗳️ “जनता को उजाड़ने सड़क पर निकले हैं जनप्रतिनिधि” – उत्तमपाल सिंह पुरनी
रविवार को कांग्रेस प्रदेश सचिव उत्तमपाल सिंह पुरनी वल्लभ नगर पहुंचे और झोपड़ीवासियों से भेंट की। उन्होंने मौके पर कहा:
“नगर परिषद की दादागिरी चल रही है। जनता ने जिन्हें चुनकर बिठाया, वे ही अब उन्हें उजाड़ रहे हैं।”
उन्होंने लगाए ये गंभीर आरोप:
सड़क PWD की है, नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में नहीं
रहवासी पट्टाधारी हैं, फिर भी टैक्स लेकर उन्हें अवैध बताया जा रहा है
यह कार्यवाही भूमि माफिया के हित में हो सकती है
पुरनी ने कहा:
“खंडवा में हाल ही में ऐसी कार्रवाई में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। अगर वल्लभ नगर में कुछ हुआ, तो ज़िम्मेदार कौन होगा?”
🏛️ सोमवार को प्रशासन से मिलेंगे कांग्रेस नेता
पुरनी ने जानकारी दी कि वे एसडीएम और तहसीलदार से मिलकर औपचारिक रूप से कार्रवाई रोकने की मांग करेंगे और मामला जिला प्रशासन के समक्ष रखेंगे।
🕊️ वल्लभ नगर की अंतिम पुकार:
“हमने ज़मीन नहीं छीनी थी साहब… बस जीने की जगह मांगी थी…”
📌 खबर का सार:
नगर परिषद और प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाने की ज़रूरत है। यह केवल अतिक्रमण हटाने का मुद्दा नहीं, इंसानियत की परीक्षा है।
✍️ संवाददाता – इस्हाक़ गौरी, मूंदी
मूंदी नगर परिषद द्वारा वल्लभ नगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की तैयारी ने बरसात से पहले झोपड़ियों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। नगर परिषद इसे जनहित की कार्रवाई बता रही है, परंतु गरीब तबका इसे बरसात से पहले की "उजाड़ नीति" मान रहा है।
🌧️ "बारिश आने वाली है… और हमसे छत छीनी जा रही है"
65 वर्षीय महिला की डबडबाई आंखों से निकली पुकार प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठा रही है। उनका कहना है:
“हमने ज़मीन नहीं छीनी, बस जीने की जगह मांगी थी। अगर घर गया, तो दवा, राशन, कपड़े – सब बारिश में बह जाएंगे।”
स्थानीय समाजसेवियों ने मांग की है कि मानसून के बाद ही कोई कार्रवाई की जाए।
👨👩👧👦 सबसे ज़्यादा असर बच्चों और बुज़ुर्गों पर
झुग्गीवासियों में अधिकांश लोग मजदूरी, ठेले और सब्जी विक्रय जैसे कार्यों पर निर्भर हैं। एक पिता ने चिंता जताते हुए कहा:
“बच्चों की किताबें भीग जाएंगी। फिर पढ़ाई कैसे होगी?”
⚠️ संक्रमण और बीमारियों का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में खुले में रहना गंभीर बीमारियों को न्योता देना है। डेंगू, मलेरिया, त्वचा रोग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
📢 रहवासियों ने प्रशासन से अपील कि है कि :
कार्रवाई मानसून के बाद की जाए
पहले पुनर्वास और आवास की व्यवस्था हो
पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जाए
संवाद और विकल्प का रास्ता खोला जाए
🗳️ “जनता को उजाड़ने सड़क पर निकले हैं जनप्रतिनिधि” – उत्तमपाल सिंह पुरनी
रविवार को कांग्रेस प्रदेश सचिव उत्तमपाल सिंह पुरनी वल्लभ नगर पहुंचे और झोपड़ीवासियों से भेंट की। उन्होंने मौके पर कहा:
“नगर परिषद की दादागिरी चल रही है। जनता ने जिन्हें चुनकर बिठाया, वे ही अब उन्हें उजाड़ रहे हैं।”
उन्होंने लगाए ये गंभीर आरोप:
सड़क PWD की है, नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में नहीं
रहवासी पट्टाधारी हैं, फिर भी टैक्स लेकर उन्हें अवैध बताया जा रहा है
यह कार्यवाही भूमि माफिया के हित में हो सकती है
पुरनी ने कहा:
“खंडवा में हाल ही में ऐसी कार्रवाई में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। अगर वल्लभ नगर में कुछ हुआ, तो ज़िम्मेदार कौन होगा?”
🏛️ सोमवार को प्रशासन से मिलेंगे कांग्रेस नेता
पुरनी ने जानकारी दी कि वे एसडीएम और तहसीलदार से मिलकर औपचारिक रूप से कार्रवाई रोकने की मांग करेंगे और मामला जिला प्रशासन के समक्ष रखेंगे।
🕊️ वल्लभ नगर की अंतिम पुकार:
“हमने ज़मीन नहीं छीनी थी साहब… बस जीने की जगह मांगी थी…”
📌 खबर का सार:
नगर परिषद और प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाने की ज़रूरत है। यह केवल अतिक्रमण हटाने का मुद्दा नहीं, इंसानियत की परीक्षा है।विज्ञापन
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