: ममलेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली पटवारी दल की गुप्त जांच में बड़ा खुलासा
Barkat Qureshi / Tue, Jun 10, 2025 / Post views : 185
📍 ओंकारेश्वर में श्रद्धा पर साया
ममलेश्वर मंदिर में वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली
पटवारी दल की गुप्त जांच में बड़ा खुलासा
होमगार्ड निलंबित, पंडितों पर धारा 151 के तहत कार्रवाई
🖊️ संवाददाता – इस्हाक़ गौरी, मुंदी
ओंकारेश्वर, 10 जून।धार्मिक आस्था के पवित्र स्थल ममलेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं से वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रशासन की गुप्त जांच कार्रवाई में यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, जिसके बाद होमगार्ड नागेन्द्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और दो पंडितों पर कानूनी शिकंजा कसा गया है।
🔍 गुप्त जांच दल ने खोली पोल
एसडीएम पुनासा श्री शिवम प्रजापति ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने पटवारियों की एक गुप्त टीम बनाकर उन्हें दर्शनार्थियों के वेश में मंदिर भेजा। इस दल में अमरसिंह मंसूरे, लक्की पंचोली, सोनाली चोकडे, प्राची शर्मा, अधीर रेवाल, देवेंद्र मार्को और अमित कुमार जैन शामिल थे।
💰 वीआईपी दर्शन – 1500 रुपये प्रति जोड़ा!
मंदिर परिसर में पटवारी अमरसिंह मंसूरे व अन्य टीम सदस्य जब दर्शनार्थी बनकर पहुँचे, तो रिद्धि उर्फ रिद्धिचंद शर्मा (निवासी ओंकारेश्वर) ने वीआईपी गेट से दर्शन कराने के लिए प्रति जोड़ा ₹1500 की मांग की। मोलभाव की कोई गुंजाइश न मानते हुए ₹3000 फोन पे के जरिए ट्रांसफर करवाए गए।
🚪 पंडित और होमगार्ड की सांठगांठ
राशि प्राप्त होने के बाद दर्शन कराने के लिए पंडित अल्लू उर्फ देवेंद्र मुद्दगल को सौंपा गया, जिन्होंने होमगार्ड नागेन्द्र शर्मा के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को निकासी द्वार से अंदर प्रवेश दिलाया। दर्शन के बाद पंडित द्वारा अतिरिक्त ₹500 दक्षिणा भी मांगी गई।
🚨 25 साल से पदस्थ होमगार्ड को तत्काल निलंबन
होमगार्ड नागेन्द्र शर्मा पिछले 25 वर्षों से ओंकारेश्वर में पदस्थ हैं। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वे अक्सर अपनी नाव ड्यूटी छोड़कर मंदिर परिसर में सक्रिय रहते थे। पहले भी इन पर इस प्रकार की गतिविधियों के आरोप लग चुके हैं। इस बार रंगे हाथों पकड़े जाने पर उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया।
⚖️ पंडितों पर सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू
जांच पूरी होने के बाद दोनों दोषी पंडितों के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 151 के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को ठगना गंभीर अपराध माना जाएगा।
📢 प्रशासन का स्पष्ट संदेश — आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!
एसडीएम श्री प्रजापति ने दो टूक कहा कि –
"ओंकारेश्वर जैसे श्रद्धा और आस्था के स्थलों पर भ्रष्टाचार व अवैध वसूली को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
🛑 धार्मिक स्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क है।
इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि शासन धार्मिक विश्वास की सुरक्षा हेतु पूर्णतः सजग और प्रतिबद्ध है।
🖊️ संवाददाता – इस्हाक़ गौरी, मुंदी
ओंकारेश्वर, 10 जून।धार्मिक आस्था के पवित्र स्थल ममलेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं से वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रशासन की गुप्त जांच कार्रवाई में यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, जिसके बाद होमगार्ड नागेन्द्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और दो पंडितों पर कानूनी शिकंजा कसा गया है।
🔍 गुप्त जांच दल ने खोली पोल
एसडीएम पुनासा श्री शिवम प्रजापति ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने पटवारियों की एक गुप्त टीम बनाकर उन्हें दर्शनार्थियों के वेश में मंदिर भेजा। इस दल में अमरसिंह मंसूरे, लक्की पंचोली, सोनाली चोकडे, प्राची शर्मा, अधीर रेवाल, देवेंद्र मार्को और अमित कुमार जैन शामिल थे।
💰 वीआईपी दर्शन – 1500 रुपये प्रति जोड़ा!
मंदिर परिसर में पटवारी अमरसिंह मंसूरे व अन्य टीम सदस्य जब दर्शनार्थी बनकर पहुँचे, तो रिद्धि उर्फ रिद्धिचंद शर्मा (निवासी ओंकारेश्वर) ने वीआईपी गेट से दर्शन कराने के लिए प्रति जोड़ा ₹1500 की मांग की। मोलभाव की कोई गुंजाइश न मानते हुए ₹3000 फोन पे के जरिए ट्रांसफर करवाए गए।
🚪 पंडित और होमगार्ड की सांठगांठ
राशि प्राप्त होने के बाद दर्शन कराने के लिए पंडित अल्लू उर्फ देवेंद्र मुद्दगल को सौंपा गया, जिन्होंने होमगार्ड नागेन्द्र शर्मा के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को निकासी द्वार से अंदर प्रवेश दिलाया। दर्शन के बाद पंडित द्वारा अतिरिक्त ₹500 दक्षिणा भी मांगी गई।
🚨 25 साल से पदस्थ होमगार्ड को तत्काल निलंबन
होमगार्ड नागेन्द्र शर्मा पिछले 25 वर्षों से ओंकारेश्वर में पदस्थ हैं। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वे अक्सर अपनी नाव ड्यूटी छोड़कर मंदिर परिसर में सक्रिय रहते थे। पहले भी इन पर इस प्रकार की गतिविधियों के आरोप लग चुके हैं। इस बार रंगे हाथों पकड़े जाने पर उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया।
⚖️ पंडितों पर सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू
जांच पूरी होने के बाद दोनों दोषी पंडितों के विरुद्ध सीआरपीसी की धारा 151 के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को ठगना गंभीर अपराध माना जाएगा।
📢 प्रशासन का स्पष्ट संदेश — आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!
एसडीएम श्री प्रजापति ने दो टूक कहा कि –
"ओंकारेश्वर जैसे श्रद्धा और आस्था के स्थलों पर भ्रष्टाचार व अवैध वसूली को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
🛑 धार्मिक स्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क है।
इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि शासन धार्मिक विश्वास की सुरक्षा हेतु पूर्णतः सजग और प्रतिबद्ध है।विज्ञापन
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