: राष्ट्रीय मंच पर रचा इतिहास — 89.73% अंकों के साथ मिला ‘गुणवत्ता प्रमाणपत्र’
Barkat Qureshi / Wed, Jun 4, 2025 / Post views : 180
पुनासा का गौरव बना प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पूरनी
राष्ट्रीय मंच पर रचा इतिहास — 89.73% अंकों के साथ मिला ‘गुणवत्ता प्रमाणपत्र’
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता की मिसाल, जिले के नाम एक नई उपलब्धि
संवाददाता: ईस्हाक गौरी, मूंदी
खंडवा जिले के विकासखण्ड पुनासा के एक छोटे से गांव पूरनी ने पूरे देश में अपनी पहचान स्थापित कर दी है। यहां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने 89.73% अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणाली (NQAS) के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल किया है, जो स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
इस गौरवपूर्ण सफलता के पीछे है कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता की दूरदृष्टि और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत का सतत मार्गदर्शन, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवा को महज़ एक दायित्व नहीं, बल्कि जनसेवा का मिशन बनाया।
✅ जब हर व्यवस्था परखी गई... और पूरनी ने हर कसौटी पर खुद को साबित किया
दिनांक 28 व 29 अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्रालय की केन्द्रीय टीम — नेशनल असेसर डॉ. निशु धवन एवं श्रीमती प्रीति स्नेहल पुनातर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पूरनी का संपूर्ण निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी, औषधि वितरण, प्रसव कक्ष, प्रयोगशाला, सफाई व्यवस्था, रिकार्ड प्रबंधन और मरीजों की संतुष्टि जैसे सभी मानकों की सूक्ष्म जांच की।
निरीक्षण के दौरान टीम ने गांव के स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर यह भी जाना कि उन्हें किस स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। जवाब मिला —
"पूरनी में इलाज नहीं, सेवा होती है।"
🌟 सच्ची मेहनत को मिला सच्चा सम्मान
इस सफलता पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगतावत ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा—
"यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस समर्पित टीम की है, जो हर दिन ग्रामीणों की सेवा के लिए तन-मन से कार्य कर रही है।"
उन्होंने इस अवसर पर डॉ. अंकित गुर्जर (BMO), डॉ. शैलेन्द्र सिंह सोलंकी (जिला कार्यक्रम प्रबंधक), अंकिता भावे (क्वालिटी मॉनिटर) सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं ब्लॉक टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर शुभकामनाएं व साधुवाद दिया।
🏆 पूरनी बना प्रेरणा का प्रतीक
पूरनी स्वास्थ्य केन्द्र की यह उपलब्धि न सिर्फ गांव के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई है। यह सिद्ध करता है कि जब नेतृत्व ईमानदार हो, टीम समर्पित हो और उद्देश्य सेवा का हो — तब छोटे से गांव की कोशिश भी राष्ट्रीय फलक पर चमक सकती है।
"स्वास्थ्य सेवा जब संवेदना और समर्पण के साथ दी जाए, तब वह महज़ सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान बन जाती है — और पूरनी ने यह सिद्ध कर दिखाया।"
संवाददाता: ईस्हाक गौरी, मूंदी
खंडवा जिले के विकासखण्ड पुनासा के एक छोटे से गांव पूरनी ने पूरे देश में अपनी पहचान स्थापित कर दी है। यहां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ने 89.73% अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन प्रणाली (NQAS) के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल किया है, जो स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
इस गौरवपूर्ण सफलता के पीछे है कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता की दूरदृष्टि और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत का सतत मार्गदर्शन, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवा को महज़ एक दायित्व नहीं, बल्कि जनसेवा का मिशन बनाया।
✅ जब हर व्यवस्था परखी गई... और पूरनी ने हर कसौटी पर खुद को साबित किया
दिनांक 28 व 29 अप्रैल को स्वास्थ्य मंत्रालय की केन्द्रीय टीम — नेशनल असेसर डॉ. निशु धवन एवं श्रीमती प्रीति स्नेहल पुनातर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पूरनी का संपूर्ण निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी, औषधि वितरण, प्रसव कक्ष, प्रयोगशाला, सफाई व्यवस्था, रिकार्ड प्रबंधन और मरीजों की संतुष्टि जैसे सभी मानकों की सूक्ष्म जांच की।
निरीक्षण के दौरान टीम ने गांव के स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर यह भी जाना कि उन्हें किस स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। जवाब मिला —
"पूरनी में इलाज नहीं, सेवा होती है।"
🌟 सच्ची मेहनत को मिला सच्चा सम्मान
इस सफलता पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगतावत ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा—
"यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस समर्पित टीम की है, जो हर दिन ग्रामीणों की सेवा के लिए तन-मन से कार्य कर रही है।"
उन्होंने इस अवसर पर डॉ. अंकित गुर्जर (BMO), डॉ. शैलेन्द्र सिंह सोलंकी (जिला कार्यक्रम प्रबंधक), अंकिता भावे (क्वालिटी मॉनिटर) सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं ब्लॉक टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर शुभकामनाएं व साधुवाद दिया।
🏆 पूरनी बना प्रेरणा का प्रतीक
पूरनी स्वास्थ्य केन्द्र की यह उपलब्धि न सिर्फ गांव के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई है। यह सिद्ध करता है कि जब नेतृत्व ईमानदार हो, टीम समर्पित हो और उद्देश्य सेवा का हो — तब छोटे से गांव की कोशिश भी राष्ट्रीय फलक पर चमक सकती है।
"स्वास्थ्य सेवा जब संवेदना और समर्पण के साथ दी जाए, तब वह महज़ सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान बन जाती है — और पूरनी ने यह सिद्ध कर दिखाया।"विज्ञापन
विज्ञापन